पाकिस्तान में 50 रुपये प्रति लीटर घटाए गये पेट्रोल के दाम, शहबाज शरीफ ने IMF को दिया चकमा?
इमरान खान ने भी पिछले साल सरकार गिरने से पहले पेट्रोल पर भारी सब्सिडी की घोषणा की थी, जिसके बाद आईएमएफ ने पाकिस्तान को लोन देने पर रोक लगा दी थी। इस बार रमजान को बहाना बनाकर सब्सिडी दिया गया है।

Pakistan Fuel Package: पाकिस्तान की शहबाज शरीफ की सरकार ने IMF को बड़ा धोखा दिया है और पेट्रोल की कीमत में 50 रुपये प्रति लीटर की कमी कर दी है। हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने आईएमएफ को चकमा देने के लिए एक शर्त जोड़ दी है और घोषणा की है, कि ये सब्सिडी उन लोगों को दिया जाएगा, जो 'लो इनकम ग्रुप' से आते हैं और इस बहाने शहबाज शरीफ ने एक बड़े हिस्से के लिए सब्सिडी पैकेज की घोषणा की है। रेडियो पाकिस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, शहबाज शरीफ ने रविवार को घोषणा की है, कि देश के 'निम्न आय वर्ग' को पेट्रोलियम राहत पैकेज के तहत 50 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी दी जाएगी।
क्या है पेट्रोलियम राहत पैकेज?
रेडियो पाकिस्तान के मुताबिक, पेट्रोल की कीमत में 50 रुपये प्रति लीटर कमी करने का फैसला लाहौर में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधान मंत्री ने कहा, कि मोटरसाइकिल, रिक्शा और 800 सीसी वाहनों सहित छोटे वाहनों का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को पेट्रोलियम सब्सिडी में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द एक योजना को अंतिम रूप देने और इसके प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। प्रधान मंत्री ने कहा, कि "गंभीर आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद, सरकार हर संभव तरीके से गरीबों की मदद करने की कोशिश कर रही है।" वहीं, देश के पेट्रोलियम राज्य मंत्री मुसादिक मलिक ने कम आय वाले लोगों के लिए पेट्रोलियम सब्सिडी को लागू करने की रणनीति के बारे में बैठक में जानकारी दी। रेडियो पाकिस्तान के मुताबिक, शहबाज शरीफ ने कहा है, कि "पेट्रोलियम सब्सिडी से सीधे तौर पर गरीबों को राहत मिलेगी।" आपको बता दें, कि सरकार का यह फैसला पेट्रोल की कीमतों में फिर से 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद आया है और पाकिस्तान में इस वक्त एक लीटर पेट्रोल की कीमत 272 रुपये है।

आईएमएफ को चकमा देने की कोशिश?
पाकिस्तान में पेट्रोलियम पैकेज का ऐलान उस वक्त किया गया है, जब देश राजकोषीय, मानवीय और राजनीतिक संकटों के कारण एक ढलान पर लड़खड़ा रहा है, और देश तेजी से डिफॉल्ट होने की तरफ बढ़ रहा है। पाकिस्तान ने विदेशी सामानों की आयात पर पूरी तरह से पाबंदी लगा रखी है और देश के विदेशी मुद्रा भंडार में सिर्फ 4 अरब डॉलर (स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के मुताबिक) ही बचे हैं। लिहाजा, पाकिस्तान आईएमएफ से लोन प्रोग्राम पर बात कर रहा है। लेकिन, आईएमएफ ने कर्ज देने से पहले उसकी सभी शर्तों को मानने के लिए कहा है, जिसमें पेट्रोल की कीमत से सभी तरह की सब्सिडी खत्म करने के लिए कहा गया है। लेकिन, शहबाज शरीफ ने पेट्रोलियम राहत पैकेज की घोषणा कर दी है, जो आईएमएफ की शर्तों का उल्लंघन है। ऐसे में माना जा रहा है, कि पाकिस्तान ने एक अलग तरह से आईएमएफ को चकमा देने की कोशिश की है और आईएमएफ एक बार फिर से लोन प्रोग्राम को रोक सकता है। जियो न्यूज के मुताबिक, पाकिस्तान में 50 रुपये सब्सिडी के नई कीमतें 16 मार्च से लागू करने की घोषणा की गई है, जो 31 मार्च तक लागू रहेगा।
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IMF की शर्तों में उलझा है पाकिस्तान
आपको बता दें, कि पाकिस्तान इससे पहले 22 बार आईएमएफ के प्रोग्राम में जा चुका है और इस बार 23वीं बार आईएमएफ से कर्ज हासिल करने की कोशिश कर रहा है। लेकिन, आईएमएफ इस बार अपनी शर्तों को लेकर अड़ा हुआ है और आईएमएफ अधिकारी, इस बार पाकिस्तान की बातों पर भरोसा नहीं कर रहे हैं, लिहाजा वो लिखित में पाकिस्तान से हर आश्वासन चाहते हैं। इससे पहले आईएमएफ ने पाकिस्तान के सामने शर्त रखी थी, कि जो भी दोस्त देश उसे लोन देने के लिए तैयार है, पहले पाकिस्तान को उन देशों से लिखित में लेना होगा, और आईएमएफ दफ्तर में जमा करवाना होगा, कि वो लोन देने के लिए तैयार हैं। पाकिस्तान अभी तक मौखिक तौर पर कहता आया है, कि ये देश उसे वित्तीय मदद देंगे, लेकिन आईएमएफ की नई शर्तों को देखकर यही लगता है, कि आईएमएफ को पाकिस्तान पर एक पैसे का यकीन नहीं रहा। वहीं, पेट्रोल की कीमत में 50 रुपये की सब्सिडी देने के फैसले पर भी आईएमएफ गहरा एतराज जता सकता है।












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