Pakistan: 'हम इंडिया जैसे नहीं', पाकिस्तानी मिनिस्टर ने लाइव शो में बताई पाक की कमजोरी, अब हो रही थू-थू- Video
Pakistan: इस समय Pakistan एक बड़े ईंधन संकट से गुजर रहा है। ईरान की जंग ने उसके पेट्रोल, डीजल, जेट फ्यूल और गैस की सप्लाई को बर्बाद कर दिया है। जिसकी वजह से पाकिस्तान में पेट्रोल 400 रुपए प्रति लीटर पार चला गया है और डीजल 400 रुपए के आस-पास बना हुआ है। इसी बीच पाकिस्तान के पेट्रोलियम मिनिस्टर अली परवेज मलिक ने लाइव शो के दौरान पाकिस्तान की कमजोरी पूरी दुनिया के सामने रख दी। जिससे पाक कमजोर हुआ सो हुआ, अब उसकी बेइज्जती भी हो रही है। जानेंगे पूरा मामला।
पाकिस्तान के पास सीमित तेल भंडार
पाकिस्तानी चैनल Samaa TV के पत्रकार नदीम मलिक से बातचीत में पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री Ali Pervaiz Malik ने कहा कि "पाकिस्तान के पास ज्यादा से ज्यादा 5-7 दिन का कच्चा तेल होता है, हम इंडिया की तरह नहीं है कि हमारे पास 60-70 दिन का तेल पेन के एक सिग्नेचर के साथ रिलीज कर सकें, हमारे पास कोई स्ट्रेटिजिक रिजर्व नहीं है। यही वजह है कि किसी बड़े वैश्विक संकट में भारत की स्थिति ज्यादा मजबूत मानी जाती है।"

पूरे इंटरव्यू में जबरदस्त बेइज्जती
पाकिस्तानी पत्रकार नदीम मलिक ने परवेज से जितने सवाल पूछे जैसे- हमारे ऑयल रिजर्व कब तक बनेंगे, जो बनाने का प्लान है वो कहां है, तैयारी क्या चल रही है? इस पर अली परवेज मलिक सकपका गए और गोल-मोल जवाब देकर पत्रकार के सवालों से बचते रहे।
एक दिन का भी रणनीतिक पेट्रोल स्टॉक नहीं
अली परवेज़ मलिक ने साफ कहा कि पाकिस्तान के पास एक दिन का भी रणनीतिक पेट्रोल भंडार नहीं है। इसका मतलब यह है कि अगर बाहरी झटका लगे या सप्लाई रुक जाए, तो पाकिस्तान की ऊर्जा व्यवस्था तुरंत दबाव में आ सकती है। मलिक ने भारत से तुलना करते हुए कहा कि भारत के पास 60-70 दिनों का स्टॉक है, जिसे जरूरत पड़ने पर तुरंत जारी किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था और बड़े संसाधन उसे ऐसी स्थिति में बढ़त देते हैं।
IMF की शर्तों में फंसा पाकिस्तान
मंत्री मलिक ने कहा कि भारत की स्थिरता का एक कारण उसकी मजबूत विदेशी मुद्रा स्थिति है और वह International Monetary Fund के प्रोग्राम में नहीं है। वहीं पाकिस्तान आर्थिक दबावों के कारण नीतियों में ज्यादा लचीलापन नहीं दिखा पा रहा है। बढ़ती ईंधन कीमतों से राहत देने के लिए इस्लामाबाद को IMF से बातचीत करनी पड़ी। बजट चर्चा के दौरान पेट्रोल और डीजल पर लेवी लगाने पर भी सहमति देनी पड़ी, जिससे आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा।
जनता के गुस्से के बाद सरकार का फैसला
संकट बढ़ने के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने पेट्रोल की कीमतों में 80 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की कटौती का ऐलान किया। इससे पहले पेट्रोल की कीमतें 42.7% बढ़कर 485 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थीं। लगातार बढ़ती कीमतों और पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनों के कारण जनता में नाराजगी बढ़ रही थी। सरकार का यह फैसला उसी गुस्से को शांत करने की कोशिश माना जा रहा है।
पाकिस्तान के लिए आगे क्या चुनौती?
अगर तेल कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहीं और सप्लाई संकट जारी रहा, तो पाकिस्तान के लिए आने वाले समय में महंगाई, बिजली संकट और आर्थिक दबाव और बढ़ सकते हैं। सीमित भंडार और कमजोर वित्तीय स्थिति के कारण यह संकट पाकिस्तान के लिए लंबा और मुश्किल साबित हो सकता है।
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