भारत के हवाई हमले से बौखलाया पाकिस्तान, मरियम भी घबराईं, पंजाब में इमरजेंसी का ऐलान, PAK आर्मी को खुली छूट
Pakistan Emergency: भारत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति जीरो टॉलरेंस की है। 6 और 7 मई की रात के दरम्यान भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में 9 आतंकी ठिकानों को मिसाइल हमलों से तबाह कर दिया। इस कार्रवाई ने न सिर्फ आतंकियों के नेटवर्क को झटका दिया, बल्कि पाकिस्तान की सरकार और सेना को भी हिला कर रख दिया।
इस ऑपरेशन का मकसद 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब देना था, जिसमें 26 बेगुनाह नागरिकों की जान चली गई थी। जवाबी कार्रवाई इतनी तेज और सटीक थी कि पाकिस्तानी सेना भी तुरंत हरकत में आ गई।

पाकिस्तान का पंजाब प्रांत इमरजेंसी मोड में
भारतीय मिसाइल अटैक के कुछ ही घंटों के भीतर पाकिस्तान ने पंजाब प्रांत में आपातकाल घोषित कर दिया। सभी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए, डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की छुट्टियां कैंसल कर दी गईं और अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया। मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने खुद इस फैसले की घोषणा की और पूरे सूबे में हाई अलर्ट लागू कर दिया गया।
POK और पंजाब में भारतीय मिसाइल हमलों में कम से कम 26 लोगों की मौत और 46 घायल होने की खबर है। पाक मीडिया और सरकार का दावा है कि ये हमला रात के वक्त किया गया, जब आम नागरिक सो रहे थे, लेकिन भारत का कहना है कि टारगेट केवल आतंकी ठिकाने थे, न कि कोई नागरिक इलाका।
PAK आर्मी को 'फ्री हैंड', लेकिन नरमी की भी अपील
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की मीटिंग बुलाई, जिसमें सभी बड़े सैन्य अधिकारी और कैबिनेट मंत्री शामिल हुए। इस मीटिंग के बाद शरीफ ने सेना को 'पूरी छूट' दे दी है कि वो हालात के मुताबिक जवाबी कदम उठा सकती है।
लेकिन एक अजीब विरोधाभास देखने को मिला। एक ओर जहां पाक आर्मी जवाब देने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर पाक डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ ने भारत से 'नरमी की अपील" की और कहा कि अगर भारत बातचीत चाहे तो पाकिस्तान तैयार है।
पाकिस्तान की वही पुरानी सफाई
हर बार की तरह पाकिस्तान ने एक बार फिर कहा है कि उसके यहां कोई आतंकी बेस नहीं हैं। लेकिन भारत ने इस बार सबूतों के साथ कार्रवाई की है और साफ कर दिया है कि अब सिर्फ बातों से नहीं, एक्शन से जवाब मिलेगा।
हकीकत ये है कि भारत की यह कार्रवाई रणनीतिक रूप से उतनी ही जरूरी थी जितनी भावनात्मक रूप से। पहलगाम जैसा हमला अब किसी भी देश के लिए बर्दाश्त के बाहर है और भारत ने बिल्कुल साफ संदेश दे दिया है-अगर कोई देश आतंकवाद को शह देगा, तो उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।












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