रूस के साथ फिर डबल गेम करना चाहता था पाकिस्तान, भारत की तरह छूट मांगने पर बेइज्जत कर भगाया
Pakistan-Russian Oil: भीषण नकदी संकट का सामना कर रहे पाकिस्तान को एक बार फिर रूस से शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है और ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने कथित तौर पर कच्चे तेल की खरीद पर ज्यादा डिस्काउंट देने की पाकिस्तान की मांग को खारिज कर दिया है।
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामाबाद ने रूस से 60 डॉलर प्रति बैरल की कीमत सीमा के भीतर रहते हुए एक दीर्घकालिक तेल सौदे को अंतिम रूप देने का आग्रह किया था। रूस भारत को जिस दर पर तेल बेचता है, पाकिस्तान उससे भी 6.8 डॉलर प्रति बैरल की कीमत पर रूस से तेल खरीदना चाहता था, जिसे रूस ने खारिज कर दिया है।

भारतीय वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, भारत को जुलाई महीने में औसतन 68.09 डॉलर प्रति बैरल की कीमत पर रूसी तेल प्राप्त हुआ था, जो कि पिछले साल इसी महीने में नई दिल्ली को मिले 31 डॉलर प्रति बैरल और कम है।
जबकि, पाकिस्तानी अखबार ट्रिब्यून ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि अंतरिम सरकार को अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए तेल की कीमतों पर ज्यादा छूट मिलने की उम्मीद है। अखबार ने लिखा है, कि "पाकिस्तान चाहता था, कि रूस लंबी अवधि के आधार पर कच्चे तेल के आयात के लिए 60 डॉलर प्रति बैरल 'फ्री ऑन बोर्ड' (एफओबी), बंदरगाह पर ली जाने वाली वास्तविक कीमत - का एक बेंचमार्क निर्धारित करे।"
इसका मतलब यह है, कि रूस, पाकिस्तान को निर्यात किए जाने वाले तेल की माल ढुलाई लागत भी वहन करेगा।" लेकिन, रूस ने पाकिस्तान के इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है।
पाकिस्तान ने एक महीने के अंदर दो बार बढ़े तेल के दाम
गौरतलब है, कि अगस्त में कार्यवाहक सरकार के बनने के बाद से उसने पेट्रोल, डीजल और केरोसीन की कीमतें कम से कम दो बार बढ़ाई हैं।
इस महीने की शुरुआत में, प्रधानमंत्री अनवर उल हक कक्कड़ के नेतृत्व वाली सरकार ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) की कीमत में 14.91 रुपये और 18.44 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। 29 सितंबर को पाकिस्तान में सुपर पेट्रोल की कीमत 331.38 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 329.18 रुपये प्रति लीटर था।
इस साल की शुरुआत में जून में, तत्कालीन पीएम शहबाज शरीफ ने रूस के साथ सौदा किया और घोषणा की थी, कि रियायती रूसी कच्चे तेल की पहली खेप बंदरगाह शहर कराची में आ गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मॉस्को ने एक महीने में 1,00,000 मीट्रिक टन कच्चे तेल का एक माल भेजा था। उस तेल की माल ढुलाई लागत भी रूस द्वारा भुगतान की गई थी। वह जहाज परीक्षण के आधार पर था और पाकिस्तान रिफाइनरी लिमिटेड (पीआरएल) ने उस कच्चे तेल को संसाधित किया जो 7 डॉलर प्रति बैरल सस्ता था।
पाकिस्तान ने डिस्काउंट पर उस वक्त तेल की मांग है, जब उसके ऊपर यूक्रेन को हथियार सप्लाई के आरोप लगे हैं। बार बार मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है, कि पाकिस्तान ने कई हथियारों की सप्लाई यूक्रेन को की है, जिसपर पिछले महीने रूस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी।












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