भारत में पाकिस्तानी शरणार्थियों के आने का खतरा? पाकिस्तानी प्रोफेसर का दावा, लोग भागकर हिन्दुस्तान ही जाएंगें
मंगलवार को इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद से पाकिस्तान में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं और देश भर में हिंसक प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के बड़े नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है।

Pakistan News: पाकिस्तान में मंगलवार को इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद अराजकता का माहौल है और देश तेजी से गृहयुद्ध की तरफ बढ़ रहा है। पूरे पाकिस्तान में इंटरनेट बंद है और चार में से तीन प्रांतों में पाकिस्तानी सेना को तैनात किया गया है।
दूसरी तरह प्रदर्शनकारियों ने देश में भारी उपद्रव मचाई है, जिसके बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के चेयरमैन इमरान खान के साथ साथ दर्जन भर नेताओं के खिलाफ आतंकवाद समेत कई सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, पाकिस्तान के ऊपर दिवालिया होने का खतरा भी काफी बढ़ गया है। अगर पाकिस्तान जून में अपने कर्ज का भुगतान नहीं करता है, तो देश दिवालिया हो जाएगा।
यानि, पाकिस्तान बहुत बड़े संकट में फंसा हुआ है और पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी प्रोफेसर, मुक्तदर खान ने आशंका जताई है, अगर पाकिस्तान सिविल वॉर में फंसता है, तो भारत इससे अछूता नहीं रह सकता है।
गृहयुद्ध शुरू हुआ तो क्या होगा?
प्रोफेसर मुक्तदर खान ने एक यूट्यूब चैनल पर बोलते हुए पाकिस्तान में हालात के तेजी से बिगड़ने की आशंका जताई है और उन्होंने कहा है, कि "अगर पाकिस्तान में गृहयुद्ध शुरू होता है, तो निश्चित तौर पर इसका असर भारत पर पड़ेगा, क्योंकि पाकिस्तान से भागकर फिर लोग भारत ही शरण लेने के लिए जाएंगे। ये एक मानवीय त्रासदी होगा, और जो लोग इंडिया की तरफ जाएंगे, उन्हें रोक तो नहीं सकते।"
मुक्तदर खान का मानना है, कि अगर पाकिस्तान में सिविल वार शुरू होता है, तो ये भारत के लिए बड़ा संकट होगा और उन्होंने भारतीय सेना को इसके लिए सावधान रहने की सलाह दी है।
इसके साथ ही मुक्तदर खान ने कहा है, कि देश की स्थिति को संभालने के लिए हो सकता है, कि पाकिस्तान की सेना भारत के साथ कारगिल जैसा छोटा-मोटा युद्ध भी शुरू कर सकती है, लिहाजा भारतीय सेना को अलर्ट रहना चाहिए।
आपको बता दें, कि सूत्रों ने कहा है, कि भारतीय सेना पाकिस्तान के हालात को देख रही है और अलर्ट है।
मुक्तदर खान ने कहा, कि पाकिस्तान ने ही 1971 की लड़ाई शुरू की थी, क्योंकि पाकिस्तान के पास शासन करने की क्षमता ही नहीं है, इसीलिए बार बार भारत के खिलाफ कोई ना कोई कदम उठाया जाता है। उन्होंने कहा, कि पाकिस्तान की सेना लगातार देश की स्थिति को नियंत्रण में रखना चाहती है और इस बार भी हो सकता है, कि पाकिस्तान की सेना कोई एडवेंचर कर सकती है।
उन्होंने कहा, कि इमरान खान कोई लोकतंत्र और सेना के संबंधों के बारे में बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि वो ये चाहते हैं, कि सेना उनकी मदद करे, ताकि इमरान खान फिर से सत्ता में आ सकें। उन्होंने कहा, कि हालात ये हैं, कि लोग इमरान खान के लिए सड़क पर नहीं हैं, बल्कि जनता परेशान है, इसलिए सड़कों पर है।
मुक्तदर खान का मानना है, कि अगर इमरान खान को गिरफ्तार नहीं किया जाता, फिर भी देश की जनता अगले 2-4 महीनों में सड़कों पर आ जाती। क्योंकि, देश की अर्थव्यवस्था काफी बुरे हालात में है।












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