पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी के कार्यकर्ताओं पर गिरी गाज, 100 से अधिक लोगों के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी
पाकिस्तान की एक आतंकवाद निरोधी अदालत ने शुक्रवार को इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को पंजाब प्रांत में आईएसआई भवन पर हमले में कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
पाकिस्तान की एक आतंकवाद विरोधी अदालत ने सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान पंजाब प्रांत में ISI भवन पर हमले में कथित संलिप्तता के लिए 100 से अधिक लोगों के खिलाफ शुक्रवार को गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। ये सभी लोग इमरान खान की पीटीआई के कार्यकर्ता हैं।

बीते साल 9 मई को कथित भ्रष्टाचार के एक मामले में इस्लामाबाद हाईकोर्ट के परिसर से अर्धसैनिक रेंजरों द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई पार्टी प्रमुख इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे।
इमरान खान की पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिन्ना हाउस, मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में आईएसआई भवन सहित एक दर्जन सैन्य प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की थी। रावलपिंडी में सेना मुख्यालय (जीएचक्यू) पर भी पहली बार भीड़ ने हमला किया था।
एक अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि आतंकवाद-रोधी अदालत ने 9 मई, 2023 को दंगों के दौरान फैसलाबाद में इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) कार्यालयों पर हमले में कथित रूप से शामिल 100 से अधिक पीटीआई नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
उन्होंने कहा कि जिन पीटीआई नेताओं के गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं उनमें कई फैसलाबाद जिले से अगले महीने होने वाले आम चुनाव में लड़ने के लिए खड़े हो चुके हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि पीटीआई के वांछित लोग कथित तौर पर मई से छिपे हुए हैं।
पाकिस्तान सेना पहले से ही पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई सुप्रीमो इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद देश भर में 9 मई को भड़के हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान फैसलाबाद में आईएसआई भवन सहित सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमलों में शामिल 102 संदिग्धों के खिलाफ मुकदमा चला रही है।
पीटीआई के केंद्रीय प्रवक्ता रऊफ हसन ने कहा कि पार्टी को खत्म करने और लोगों की याददाश्त से इमरान खान को मिटाने के लिए राज्य द्वारा "हर कठोर उपाय" अपनाया गया है।
सत्ताधारी सरकार धन और शक्ति के प्रभाव का उपयोग करके इमरान खान के खिलाफ 180 से अधिक फर्जी और धोखाधड़ी के मामले दर्ज करा चुकी है। उन्हें गिरफ्तार करने के बाद उनके साथ दुर्व्यवहार और अपमान किया जा रहा है। अब उन्हें चुनाव लड़ने से रोकने के तमाम प्रयास किए जा रहे हैं और पार्टी का चुनाव चिन्ह तक जब्त किया जा चुका है।
रऊफ हसन ने कहा कि वर्तमान में 10,000 से अधिक पीटीआई कार्यकर्ता और नेता 9 मई की घटनाओं के बाद देश के विभिन्न हिस्सों की जेलों में बंद हैं। इमरान खान भी अलग-अलग मामलों में पिछले अगस्त से अदियाला जेल रावलपिंडी में बंद हैं।
पीटीआई का आरोप है कि 'लंदन प्लान' के तहत पीएमएलएन सुप्रीमो नवाज शरीफ को सैन्य प्रतिष्ठान के आशीर्वाद से 8 फरवरी, 2024 के चुनावों के मद्देनजर प्रधानमंत्री बनाया जाएगा और खान और उनकी पार्टी को कुचल दिया जाएगा।












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