पाकिस्तान में कपास पर मचा कोहराम, इमरान खान पर भारत से मदद मांगने का भारी दबाव, 2 लाख करोड़ नुकसान की आशंका
पाकिस्तान टेक्सटाइल इंडस्ट्री कॉटन की कमी से जूझ रहा है। इमरान खान सरकार से भारत से जल्द से जल्द कॉटन खरीदने की मांग की जा रही है।
इस्लामाबाद: पाकिस्तान तेजी से कंगाल होने की तरफ बढ़ रहा है। और अब ऐसे हालात बन गये हैं कि अगर इमरान खान भारत से मदद नहीं मांगते हैं तो पाकिस्तान की टेक्सटाइल इंडस्ट्री बर्बाद हो जाएगी। पाकिस्तान टेक्सटाइल इंडस्ट्री ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने बिना देर किए भारत से मदद मांगने को कहा है। पाकिस्तान से आ रही रिपोर्ट के मुताबिक अगर इमरान खान तत्काल भारत से टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए मदद नहीं मांगते हैं तो पाकिस्तान की 2 लाख करोड़ रुपये की टेक्सटाइल इंडस्ट्री की स्थिति बेहद खराब हो सकती है। पाकिस्तान के अंदर मांग की जा रही है कि किसी भी परिस्थिति में भारत को टेक्सटाइल इंडस्ट्री की मदद के लिए मनाया जाए।

कॉटन के लिए मजबूर पाकिस्तान
टेक्सटाइल इंडस्ट्री पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा स्तंभ माना जाता है। लेकिन, पिछले साल से पाकिस्तान टेक्सटाइल इंडस्ट्री की स्थिति काफी खराब हो चुकी है। पाकिस्तान में कॉटन की भारी कमी हो गई है। जिसके बाद पाकिस्तान की टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स ने पाकिस्तान सरकार से जल्द से जल्द भारत से कॉटन खरीदने की मांग की है। टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स ने इमरान खान से कहा है कि अगर आप चाहते हैं कि देश की टेक्सटाइल इंडस्ट्री की हालत चरमराए नहीं, तो फौरन भारत से कॉटन खरीदना शुरू कीजिए। दरअसल, पाकिस्तान में टेक्सटाइल इंडस्ट्री के पास कॉटन बचा ही नहीं है कि वो सामान बनाए और बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद से पाकिस्तान ने भारत से कॉटन खरीदना बंद कर रखा है।

खतरे में टेक्सटाइल इंडस्ट्री
पाकिस्तान के न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान टेक्सटाइल्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मुहम्मद अहमद ने कहा कि 'देश की टेक्सटाइल इंडस्ट्री में कपास की कमी को तत्काल पूरा करने के लिए पाकिस्तान सरकार को फौरन भारत से कपास की आयात शुरू करनी चाहिए। नहीं तो कपास की किल्लत पाकिस्तान ज्यादा दिन झेल नहीं सकता है'। उन्होंने कहा कि 'पाकिस्तान सरकार को तत्काल कपास की किल्लत खत्म करने के लिए कदम उठाने होंगे नहीं तो कपास इंडस्ट्री को बहुत बड़ा नुकसान होगा'। वहीं, पाकिस्तान टेक्सटाइल्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट साकिब मजीद ने सरकार से कहा है कि 'पाकिस्तान सरकार कपास खरीदने में काफी लेट कर रही है, जिसकी वजह से पूरा सप्लाई चेन टूट सकता है और कपास इंडस्ट्री को करोड़ों का नुकसान हो सकता है'

इमरान खान देंगे कपास खरीदी को मंजूरी?
वाणिज्य मंत्रालय के हवाले से पाकिस्तानी अखबार 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने लिखा है कि प्रधानमंत्री इमरान खान के सलाहकार अब्दुल रजाक दाऊद ने वाणिज्य मंत्रालय से कपास आयात की मंजूरी देने के लिए बात की है और माना जा रहा है कि पाकिस्तान जल्द ही भारत से कपास और धागे की आयात कर सकता है। पाकिस्तानी अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि कपास की कमी का मुद्दा पहले ही इमरान खान को बताया जा चुका है और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के पास ही वाणिज्य मंत्रालय का भी प्रभार है। लिहाजा, इमरान खान के पास भारत से कपास खरीदने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा है।

विकल्पहीन हो चुके हैं इमरान खान
पाकिस्तानी अखबार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि एक बार सैद्धांतिक फैसला होने के बाद मंत्रिमंडल की आर्थिक संयोजन समिति के सामने औपचारिक आदेश रखा जाएगा। वहीं सूत्रों के मुताबिक इस बारे में आंतरिक चर्चा हो चुकी है और अंतिम फैसला इमरान खान को लेना है। वहीं, सूत्रों का ये भी कहना है कि इमरान खान के पास सहमति देने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा है क्योंकि इमरान खान जानते हैं कि पाकिस्तान इस समय कॉटन की कमी से जूझ रहा है और इमरान खान खुद पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्री हैं लिहाजा सारी जिम्मेदारी उन्हीं के ऊपर है।

टेक्सटाइल इंडस्ट्री की स्थिति खराब
2019/2020 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इस कदर ताव में आये थे कि उन्होंने भारत से साथ हवाई और भूमि संपर्क को खत्म कर दिया था। वहीं, भारत-पाकिस्तान रेल मार्ग भी बंद करने का फैसला पाकिस्तान ने लिया था। लेकिन 2021 में इमरान खान वापस भारत के सामने लेट चुके हैं। पाकिस्तान को इस साल 12 मिलियन बेल्स कपास की जरूरत है। पाकिस्तान की मिनिस्ट्री ऑफ नेशनल फूड सिक्योरिटी का अनुमान है कि पाकिस्तान सिर्फ 7.7 मिलियन बेल्स का ही उत्पादन कर सकता है। लिहाजा 5.5 मिलियन बेल्स का आयात उसे किसी भी हाल में करना होगा और इतनी मात्रा में कपास पाकिस्तान को सिर्फ और सिर्फ भारत से ही मिल सकता है। कपास की कमी होने पर पाकिस्तान इसका आयात अमेरिका, ब्राजील और उजबेकिस्तान से भी करता है मगर इन देशों से कपास खरीदना पाकिस्तान के लिए काफी ज्यादा महंगे का सौदा होता है लिहाजा कपास निर्मित वस्तुओं की कीमत इतनी बढ़ जाती है कि पूरी इंडस्ट्री की हालत खराब हो चुकी है।












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