क्या पाकिस्तान को रूस देगा आर्थिक संकट के बीच बड़ी राहत? पुतिन से शहबाज शरीफ ने लगाई गुहार
अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने यूक्रेन संकट के बाद रूस पर दर्जनों तरह के सख्त प्रतिबंध लगा दिए हैं और कई रूसी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
इस्लामाबाद, जून 30: आर्थिक तंगी, बढ़ती महंगाई और खत्म होते विदेशी मुद्रा भंडार के बीच पाकिस्तान रूस से तेल आयात करने पर विचार कर रहा है। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, देश के ऊर्जा मंत्रालय ने औद्योगिक विशेषज्ञों से रूस से तेल आयात करने के लिए विश्लेषण रिपोर्ट देने के लिए कहा है और पाकिस्तान की कोशिश है, कि जिस तरह से भारत रूस से सस्ते दरों पर तेल खरीद रहा है, उसी तरह वो भी कम कीमत पर रूसी तेल आयात करे।

रूस से तेल खरीदने की कोशिश
अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने यूक्रेन संकट के बाद रूस पर दर्जनों तरह के सख्त प्रतिबंध लगा दिए हैं और कई रूसी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। अमेरिका और सहयोगी देशों का मकसद रूस को दंडित करना है। जबकि, रूसी तेल खरीदने की वजह से भारत पर भी अमेरिका और यूरोपीय देशों ने भारी दवाब बनाया, लेकिन उसके बाद भी भारत ने रूसी तेल का आयात जारी रखा है। वहीं, अब पाकिस्तान भी भारत के रास्ते चलने की तैयारी कर रहा है और रूसी तेल के आयात पर विचार कर रहा है।

कितना है पाकिस्तान का तेल खपत?
पाकिस्तान का मासिक ईंधन तेल आयात जून में चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने वाला है। Refinitiv अनुमानों के अनुसार, मई में 630,000 टन तेल तक पहुंचने के बाद, देश का ईंधन तेल आयात इस महीने लगभग 700,000 टन तक पहुंच सकता है। इससे पहले पाकिस्तान का तेल आयात पिछली बार मई 2018 में 680,000 टन और जून 2017 में 741,000 टन पर पहुंच गया था। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पाक-अरब रिफाइनरी, नेशनल रिफाइनरी, पाकिस्तान रिफाइनरी और बायको पेट्रोलियम के प्रबंध निदेशकों को लिखे एक पत्र में, ऊर्जा मंत्रालय ने उन्हें कई विश्लेषण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। ऊर्जा मंत्रालय ने प्रत्येक रिफाइनरी कॉन्फ़िगरेशन और उपज को देखते हुए क्रूड ग्रेड की तकनीकी स्थिरता (वॉल्यूम) प्रतिशत), लागत और लाभ के विश्लेषण के आधार पर इस बात की तुलना करने के लिए कहा है, कि अरब देशों से तेल खरीदने और रूस से तेल खरीदने पर कितना फायदा होगा।

पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्री ने क्या कहा?
एक दिन पहले जियो न्यूज के कार्यक्रम "आज शाहजेब खानजादा के साथ" के दौरान बोलते हुए, पेट्रोलियम राज्य मंत्री मुसादिक मलिक ने कहा था, कि पाकिस्तान "रूस से सस्ता तेल आयात करने के विचार के लिए खुला है"। उन्होंने कहा कि इमरान खान की पीटीआई के नेतृत्व वाली सरकार ने इस संबंध में दावा किया था, लेकिन सस्ते तेल के आयात को लेकर दोनों राज्यों के बीच कोई आधिकारिक समझौता नहीं हुआ, हालांकि, पिछली सरकार द्वारा रूस को तेल के लिए एक पत्र भेजा गया था। उन्होंने कहा कि, 'सत्ता में आने के बाद से गठबंधन सरकार ने पत्र में जो बातें लिखी गईं थी, उसे पालन करने की कोशिश की है, लेकिन अभी तक रूस से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है'। राज्य मंत्री ने कहा कि यदि रूस पाकिस्तान को सस्ती दरों पर तेल बेचने को तैयार है, तो सरकार निश्चित रूप से विकल्प पर विचार करेगी, लेकिन, पाकिस्तान ये भी देखेगा, कि रूसी तेल खरीदने पर किसी तरह के अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों का उल्लंघन तो नहीं हो रहा है।

सस्ता तेल नहीं देना चाहता है रूस
दूसरी तरफ, पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ता इस्माइल ने इस महीने की शुरुआत में कहा था, कि पश्चिमी प्रतिबंधों ने रूस और यूक्रेन से गेहूं खरीदने के पाकिस्तानी सरकार के अनुरोध के बावजूद मास्को से तेल आयात करना असंभव बना दिया है। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, मिफ्ताह ने यह भी कहा था कि पाकिस्तान निश्चित रूप से इस पर विचार करेगा कि क्या रूस सस्ती दरों पर तेल व्यापार की पेशकश करता है क्योंकि आपूर्ति खरीदने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। इस बीच, अमेरिका ने मंगलवार को यूक्रेन संघर्ष में रूस का समर्थन करने के लिए चीन और पाकिस्तान की कंपनियों सहित 36 कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन ने रूस के सैन्य और रक्षा औद्योगिक आधार का समर्थन करने के लिए चीन में पांच कंपनियों को व्यापार ब्लैकलिस्ट में जोड़ा है।












Click it and Unblock the Notifications