अब निपटा दिए जाएंगे इमरान! लीक ऑडियो केस में बुरी तरह फंसे, कैबिनेट ने कानूनी कार्रवाई की दी मंजूरी
पाकिस्तान में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अगुवाई वाले मंत्रिमंडल ने रविवार को औपचारिक रूप से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ उनके कथित ऑडियो लीक पर कानूनी कार्रवाई शुरू करने का फैसला किया है।
इस्लामाबाद, 02 अक्टूबरः पाकिस्तान में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अगुवाई वाले मंत्रिमंडल ने रविवार को औपचारिक रूप से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ उनके कथित ऑडियो लीक पर कानूनी कार्रवाई शुरू करने का फैसला किया है। इस ऑडियो लीक का संज्ञान लेते हुए कैबिनेट ने छानबीन के लिए 30 सितंबर को एक समिति गठित की थी जिसने मामले में कानूनी कार्रवाई की सिफारिश कर दी है।

अमेरिकी साजिश का प्लान बना रहे थे इमरान?
इन ऑडियो लीक में इमरान खान को कथित तौर पर विवादास्पद अमेरिकी साइफर पर चर्चा करते हुए सुना जा सकता है। इस ऑडियो में कथित तौर पर इमरान अपने सहयोगियों संग चर्चा कर रहे हैं कि कैसे अप्रैल में उनके निष्कासन को एक अमेरिकी साजिश के रूप में दिखाया जाए और इसका राजनीतिक फायदा उठाए जाए। इस ऑडियो में इमरान खान कथित रूप से पूर्व मंत्री असद उमर और तत्कालीन सचिव आजम खान से विचार-विमर्श करते सुनाई दे रहे हैं।

अब तक दो ऑडियो आए सामने
अब तक दो ऑडियो लीक सामने आ चुके हैं जिन्होंने इमरान खान विश्वसनीयता को बेहद कमजोर बनाने का काम किया है। बुधवार को लीक हुए पहले ऑडियो में इमरान खान कथित तौर पर आजम खान से बात कर रहे थे और उन्हें साइफर के साथ खेलने के लिए निर्देशित कर रहे थे। वहीं, दूसरे ऑडियो क्लिप में इमरान खान को उमर शाह महमूद कुरैशी और आजम खान सहित पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी के तीन नेताओं को अमेरिकी साइफर के बारे में बात करते हुए सुना जा सकता है।

ऑडियो सुनकर सरकार हुई नाराज
इमरान खान की कथित बातचीत को सुनकर शहबाज सरकार नाराज हो गई है। केंद्रीय कैबिनेट ने अपनी सिफारिश में कहा है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। इसके राष्ट्रीय हितों के लिए गंभीर निहितार्थ हैं। चूंकि मामला बेहद गंभीर है इसलिए कानूनी कार्रवाई जरूरी है। कैबिनेट ने रविवार को ऐसी सिफारिशों के जरिए छानबीन को मंजूरी प्रदान कर दी। कैबिनेट की सिफारिश के बाद अब मामला केंद्रीय जांच एजेंसी के पास जाना तय लग रहा है। संघीय जांच एजेंसी को अमेरिकी साइफर के मामले और संबंधित ऑडियो लीक की जांच का काम सौंपा जाएगा।

अमेरिका पर इल्जाम लगाते रहे हैं इमरान
इमरान खान के दावों के केंद्र में मध्य एवं दक्षिण एशिया के सहायक अमेरिकी विदेश मंत्री डोनाल्ड लू हैं। इमरान खान ने लू पर अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत असद मजीद को धमकी देने और अविश्वास मत के जरिए सरकार को हटाने का आरोप लगाया था। इसी साल अप्रैल महीने में अविश्वास मत में पराजित होने के बाद इमरान खान को सत्ता से बाहर कर दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि रूस, चीन और अफगानिस्तान पर उनकी स्वतंत्र विदेश नीति के फैसलों के कारण उन्हें निशाना बनाया गया और विपक्ष ने अमेरिका के साथ मिलकर उन्हें सत्ता से बाहर किया।

अमेरिका ने किसी भी भूमिका से इनकार
इमरान खान ने अप्रैल में अपने पतन को अमेरिका द्वारा एक साजिश के रूप में चित्रित करने के लिए अमेरिकी साइफर का इस्तेमाल किया और सार्वजनिक रैलियों में इस 'अमेरिकी साजिश' के दावे का व्यापक रूप से उपयोग किया। हालांकि अमेरिका ने उनके निष्कासन में किसी भी भूमिका से इनकार किया है। 69 वर्षीय क्रिकेटर से राजनेता बने एकमात्र पाकिस्तानी प्रधानमंत्री हैं जिन्हें संसद में अविश्वास प्रस्ताव से हटा दिया गया है।

इमरान को गिरफ्तार करने की अपील
इस बीच, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की नेता और शहबाज शरीफ की भतीजी मरियम नवाज शरीफ ने शनिवार को सरकार के प्रति असंतोष व्यक्त किया और कहा कि इतने सारे आरोप होने के बावजूद सरकार इमरान खान को गिरफ्तार करने में विफल रही है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बानी गाला स्थित आवास पर छापेमारी करने की मांग की। वहीं, पाकिस्तान में नववित्त मंत्री इशाक डार ने कहा कि खान "सत्ता के भूखे" हैं और ''किसी भी कीमत पर'' देश पर शासन करना चाहते हैं।












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