'मजा नहीं आया तो पैसे वापस,' भिखमंगे PAK जनरल की भारत को सड़क छाप धमकी, VIRAL VIDEO में दिखी नुक्कड़ नौटंकी
Pakistan Viral Video: अपनी बदहाली और आंतरिक कलह से जूझ रहा पाकिस्तान अपनी नाकामियों का ठीकरा फोड़ने के लिए एक बार फिर भारत का नाम जप रहा है। लेकिन इस बार हद तब हो गई जब पाकिस्तानी सेना के एक टॉप अधिकारी ने किसी गली-मोहल्ले के गुंडे जैसी भाषा का इस्तेमाल करते हुए भारत को सरेआम धमकी दे डाली। मर्यादाओं को ताक पर रखकर दिया गया यह बयान अब सोशल मीडिया पर मजाक का पात्र बन गया है।
पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग (ISPR) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत के खिलाफ जहर उगला। उन्होंने बिना किसी ठोस सबूत के भारत पर अफगानिस्तान के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारत पाकिस्तान के अस्तित्व को स्वीकार नहीं कर पा रहा है, लेकिन पाकिस्तानी नेतृत्व और सेना पूरी तरह तैयार है।

क्या है 'पैसे वापस' वाला विवादित बयान?
अपनी बात रखते हुए अहमद शरीफ चौधरी मिलिट्री स्टैंडर्ड भूल गए और बेहद आपत्तिजनक और मजाकिया लहजे में भारत को चुनौती देते हुए कहा, 'दाएं से आना है, बाएं से आना है... ऊपर से आना है, नीचे से आना है... अकेले आना है, या इकट्ठे आना है... जैसे मर्जी आना हो, एक बार मज़ा ना करा दिया ना तो पैसे वापस।'
इस बयान में इस्तेमाल किया गया मुहावरा 'मज़ा ना कराया तो पैसे वापस' आमतौर पर सड़क छाप तंज या उकसावे के लिए किया जाता है, जिसे एक सैन्य अधिकारी के मुंह से सुनकर हर कोई हैरान है।
पहले 'विंक-गेट' और अब ये हरकत
यह पहली बार नहीं है जब जनरल चौधरी ने अपनी हरकतों से विवाद खड़ा किया है। इससे पहले उसने एक महिला पत्रकार के सवाल पर 'आंख मारकर' (Wink) भी विवादों में घिर चुके हैं। उस दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को 'मानसिक मरीज' बताया था। उनकी इन हरकतों ने पाकिस्तानी सेना की प्रोफेशनल इमेज पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
अहमद शरीफ चौधरी की 'कुंडली'
अगर अहमद शरीफ चौधरी की असल 'कुंडली' खंगालें, तो समझ आता है कि भारत को धमकी देने वाले ये साहब खुद विवादों की खान हैं। रावलपिंडी के एक रसूखदार सैन्य परिवार से आने वाले अहमद शरीफ चौधरी पाकिस्तानी सेना की EME कोर से हैं और इनके पिता सुल्तान बशीरउद्दीन महमूद वही विवादित परमाणु वैज्ञानिक थे, जिन पर कभी अल-कायदा जैसे आतंकी संगठनों को न्यूक्लियर सीक्रेट बेचने की कोशिश के आरोप लगे थे और अमेरिका ने उन पर पाबंदियां ठोक दी थीं।
पिता के विवादित साये से निकलकर फौज की कमान संभालने वाले चौधरी आज उसी 'आतंकवाद' का रोना रोकर भारत को आंखें दिखा रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि उनकी अपनी सेना देश की सरहदें बचाने में नाकाम साबित हो रही है। अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसी 'गली-मोहल्ले के गुंडे' जैसी भाषा का इस्तेमाल करना यह साफ दिखाता है कि पाकिस्तान की सेना अब प्रोफेशनल मिलिट्री से गिरकर एक ऐसी संस्था बन चुकी है, जिसका काम कैमरे के सामने आंख मारना और बेतुकी बयानबाजी करना रह गया है।












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