Akhand Bharat: संसद में 'अखंड भारत' का नक्शा देख भड़का पाकिस्तान, नेपाल के वामपंथी नेताओं ने भी उगला जहर
भारतीय संसद की नई इमरात में 'अखंड भारत' का म्यूरल आर्ट देखकर कुछ पड़ोसी देश आगबबूला हो गए हैं। पहले नेपाल और अब पाकिस्तान ने 'अखंड भारत' को लेकर नाराजगी जताई है।

पीएम मोदी ने रविवार को देश के नए संसद भवन का उद्घाटन किया। पीएम मोदी के नेतृत्व में बने इस नए संसद भवन ने ब्रिटिश काल में बने संसद भवन की जगह ली है। नई संसद भवन की इमारत में 'अखंड भारत' का नक्शा देख पड़ोसी देश नाराज हो गए हैं।
नेपाल में पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली और बाबूराम भट्टाराई के द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अखंड भारत की तस्वीर पर नाराजगी जताई है।
पाकिस्तान की ओर से कहा गया है कि वे भारतीय संसद में दिखाए गए उस म्यूरल आर्ट से चिंतित हैं, जिसे वहां बीजेपी के लीडर 'अखंड भारत' बता रहे हैं।
पाकिस्तान की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलोच ने कहा, "भारतीय संसद की नई इमारत में लगाए गए प्राचीन भारत के नक्शे में पाकिस्तान और अन्य पड़ोसी देशों के इलाके को भी दिखाया गया है। ये बदनीयती है, जो इंडिया की विस्तारवादी मानसिकता को उजागर करती है, जो न केवल उसके पड़ोसी देशों, बल्कि धार्मिक अल्पसंख्यकों की विचारधारा और संस्कृति को भी दबाना चाहती है।"
पाक विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलोच ने कहा, 'हम आग्रह करते हैं कि इंडिया विस्तारवादी विचारधारा से दूर रहे और शांतिपूर्ण तरीके से अपने पड़ोसी देशों के साथ विवादों का निपटारा करने के लिए आगे आए।'
बता दें कि भारतीय संसद की नई इमारत में 'अखंड भारत' म्यूरल में प्राचीन भारत का नक्शा दिखाया गया है, जिस पर भारतीय राज्यों के प्रचीन नाम लिखे हुए हैं।
इस म्यूरल आर्ट में वर्तमान के अफगानिस्तान, पाकिस्तान, मालदीव, श्रीलंका, म्यांमार, बांग्लादेश और भारत को एक साथ देखा जा सकता है। 'अखंड भारत' म्यूरल के उत्तरी हिस्से में मानसहरी, तक्षशिला, उत्तरापथ, पुरुषपुर पूर्व में कामरुप और प्रागज्योतिषपुर को दिखाया गया है।
अखंड भारत के इसी मूयरल आर्ट में लुंबिनी और कपिलवस्तु को भी दिखाया गया है जो वर्तमान समय में नेपाल का हिस्सा है। इसे देख नेपाल के वामपंथी नेता बुरी तरह से नाराज हो गए हैं। विपक्षी नेता केपी शर्मा ओली ने तो पुष्प कमल दहल प्रचंड से इस मुद्दे को भारतीय नेतृत्व से उठाने के लिए कहा है।
ओली ने कहा, "भारत जैसा देश जो खुद को एक प्राचीन और स्थापित मुल्क के रूप में देखता है और लोकतंत्र के एक मॉडल के रूप में नेपाली क्षेत्रों को अपने नक्शे में रखता है और नक्शे को संसद में लटकाता है, ये उचित नहीं माना जा सकता।"
केपी शर्मा ओली ने कहा, "मैं कहूंगा कि हमारे पीएम प्रचंड अपने भारत दौरे के दौरान भारत से इस पर स्पष्टीकरण मांगना चाहिए।" नेपाल के पूर्व पीएम बाबूराम भट्टाराई ने भारत को चेतावनी भी दे दी है।
बाबूराम भट्टाराई ने कहा कि इस अखंड भारत के भित्तिचित्र से दोनों देशों के बीच रिश्ते रसातल में जा सकते हैं। उन्होंने भारत से तत्काल सफाई देने की मांग भी की है।












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