मस्जिद में लोग पढ़ रहे थे नमाज़, बाहर शुरू हो गई गोलीबारी, कई लोगों की मौत
Pakistan Mosque Attack: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित चनाब नगर में शुक्रवार (10 अक्तूबर) को अहमदी समुदाय (Ahmadiyya Community) के प्रमुख धार्मिक स्थल बेत-उल-महदी मस्जिद (Bait-ul-Mahdi Mosque) पर आतंकी हमला हुआ।
जुमे की नमाज़ (Friday Prayers) के तुरंत बाद हुए इस हमले ने पाकिस्तान में धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हमले में मस्जिद की सुरक्षा में लगे कई वॉलंटियर घायल हो गए, जबकि समुदाय के सुरक्षाकर्मियों की जवाबी कार्रवाई में एक हमलावर ढेर हो गया।

सतर्कता से टली बड़ी त्रासदी
चश्मदीदों और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, सशस्त्र हमलावर नमाज़ के तुरंत बाद मस्जिद परिसर में जबरन घुसने की कोशिश कर रहे थे, उस समय मस्जिद के भीतर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। अहमदी समुदाय के वॉलंटियर्स (Volunteers) ने असाधारण साहस दिखाते हुए तुरंत मोर्चा संभाला और हमलावरों को मस्जिद के अंदर घुसने से रोक दिया। दोनों ओर से हुई गोलीबारी में एक हमलावर मारा गया।
समुदाय के प्रवक्ताओं ने पुष्टि की कि वॉलंटियर्स की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण एक बड़ी त्रासदी टल गई। उनका कहना था कि यदि हमलावर मस्जिद के मुख्य हॉल तक पहुंच जाते, तो जान-माल का नुकसान कहीं अधिक हो सकता था। घायल वॉलंटियर्स को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
ये भी पढ़ें: काबुल पर हमला कर पाकिस्तान ने खुद कर ली अपनी फील्डिंग सेट, इन इलाकों को मलबे में बदल सकता है तालिबान
धार्मिक भेदभाव और बढ़ती हिंसा
यह हमला पाकिस्तान में अहमदी मुस्लिम समुदाय पर हो रहे बढ़ते हमलों की श्रृंखला का एक और उदाहरण है। यह समुदाय लंबे समय से धार्मिक भेदभाव, सामाजिक बहिष्कार और हिंसा का सामना कर रहा है, क्योंकि पाकिस्तान में उन्हें गैर-मुस्लिम माना जाता है। मानवाधिकार संगठनों (Human Rights Organizations) के अनुसार, पाकिस्तान में इस अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ नफ़रत और हिंसा की घटनाएँ अक्सर राज्य की चुप्पी के बीच जारी रहती हैं।
मामले की जांच शुरू
स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है और जांच शुरू कर दी है। अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। अधिकारियों का मानना है कि इस हमले का उद्देश्य समुदाय को डराना और क्षेत्र के धार्मिक सद्भाव को कमज़ोर करना था। अहमदी समुदाय ने सरकार से मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
ये भी पढ़ें: Pakistan: भारत के इन इलाकों में आतंकी साजिश रचने के लिए, ISI, लश्कर-ए-तैयबा और ISKP ने मिलाया हाथ












Click it and Unblock the Notifications