कोरोना वायरस के इलाज के लिए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी कर रही आइवरमेक्टिन दवा का परीक्षण, सामने आए बेहतर परिणाम
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने बुधवार को एक बयान जारी कर बताया कि कोविड के इलाज के लिए एंटी-पैसासाइटिक ड्रग आइवरमेक्टिन का परीक्षण किया जा रहा है।
नई दिल्ली, 23 जून। पिछले लगभग दो सालों में पूरी दुनिया ने कोरोना का सितम झेला है। अब तक लाखों लोग काल के गाल में समा चुके हैं। हालांकि वर्तमान में कोरोना के केसों में पूरी दुनिया में कमी आई है लेकिन विशेषज्ञ अभी भी कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जता रहे हैं, लेकिन वहीं दूसरी ओर कोरोना को जड़ से खत्म करने के लिए देश-दुनिया में रोज नहीं रिसर्च चल रही हैं।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने बुधवार को एक बयान जारी कर बताया कि कोविड के इलाज के लिए एंटी-पैसासाइटिक ड्रग आइवरमेक्टिन का परीक्षण किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी के मुताबिक ब्रिटिश सरकार समर्थित इस अध्ययन का उद्देश्य घर पर रहकर कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों को मदद पहुंचाना है।
यह भी पढ़ें: झारखंडः दोनों हाथ नहीं होने पर दिव्यांग युवक ने जांघ में लगवाई कोरोना वैक्सीन, लोगों के लिए बना मिसाल
परीक्षण के दौरान आइवरमेक्टिन दवा के इस्तेमाल से वायरस के दोबारा बनने में कमी के परिणाम सामने आए हैं। विश्वविद्यालय ने कहा परिणामों में सामने आया है कि आइवरमेक्टिन को शुरुआत में देने से हल्के कोविड वाले कुछ रोगियों में इससे होने वाली परेशानी और इसकी अवधि में कमी आ सकती है। इससे पहले जनवरी में हुए एक ब्रिटिश शोध में पता चला था कि एंटीबायोटिक्स एजिथ्रोमाइसिन और डॉक्सीसाइक्लाइन कोविड-19 के खिलाफ अप्रभावी थे।
जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन, और यूरोपीय और अमेरिकी नियामकों ने कोविड-19 रोगियों के इलाज के लिए आइवरमेक्टिन दवा का उपयोग न करने की सिफारिश की है, लेकिन इसका उपयोग भारत सहित कुछ देशों में बीमारी के इलाज के लिए किया जा रहा है।
स्टडी के शोधकर्ता क्रिस बटलर का कहना है कि आइवआइवरमेक्टिन का बड़े पैमाने पर परीक्षण किया जा रहा है। हमें उम्मीद है कि स्टडी में सामने आए साक्ष्य ये बता सकेंगे कि कोविड-19 के इलाज में यह ड्रग कितनी प्रभावशाली है। यह ड्रग मरीजों के लिए खतरनाक है या वाकई इससे फायदा हो रहा है, ऐसे सवालों का जवाब हमें मिल जाएगा।
विश्वविद्यालय ने कहा कि लिवर से जुड़ी दिक्कतों का सामना कर रहे ल लोग या खून को पतला करने वाली दवा वार्फरिन का इस्तेमाल कर रहे मरीजों पर इस दवा का ट्रायल नहीं किया जाएगा। बता दें कि आइवआइवरमेक्टिन इस ट्रायल में एक्सपेरीमेंट की जा रही सातवीं दवा है। फिलहाल एंटीवायरल ड्रग फेविपिरावीर के साथ इसका मूल्यांकन किया जा रहा है।












Click it and Unblock the Notifications