झारखंडः दोनों हाथ नहीं होने पर दिव्यांग युवक ने जांघ में लगवाई कोरोना वैक्सीन, लोगों के लिए बना मिसाल
चाईबासा। एक तरफ जहां कोरोना वैक्सीन को लेकर तरह-तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिसके चलते लोग वैक्सीन लगवाने से कतरा रहे हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में वैक्सीन लगाने वाली टीमों पर हमले की खबर आ रही हैं। लेकिन वहीं कुछ लोग अपनी समझदारी के चलते अन्य लोगों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। ऐसे ही एक शख्स झारखंड के चाईबासा जिले के हैं, जिनका नाम गुलशन लोहार है। गुलशन के दोनों हाथ नहीं हैं, लेकिन उन्होंने जागरूकता दिखाते हुए उन लोगों के लिए उदाहरण बने हैं, जो कोरोना वैक्सीन लगवाने से बच रहे हैं। गुलशन लोहार के दोनों हाथ नहीं हैं तो उन्होंने वैक्सीनेशन सेंटर पर जाकर अपनी जांघ पर वैक्सीन लगवाई है, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग और स्वास्थ्यकर्मियों ने उनकी जमकर तारीफ की।

बीते मंगलवार को जब गुलशन वैक्सीन लगवाने पहुंचे तो वहां मौजूद चिकित्सक असमंजस में पड़ गए कि वैक्सीन कहां पर लगाएं क्योंकि गुलशन के दोनों हाथ नहीं हैं और कोरोना वैक्सीन हाथों पर ही लगाई जा रही हैं। इसके बाद गुलशन ने वहां मौजूद डॉक्टरों से कहा कि वे उनकी जांघ पर वैक्सीन लगा दें फिर डॉक्टरों ने गुलशन के जांघों में वैक्सीन लगा दी। टीका लगने के बाद गुलशन ने बताया कि उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई, जो लोग अफवाहों के चलते वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं, वे सब वैक्सीन लगवाएं। तभी हम लोग कोरोना महामारी को हरा पाएंगे।
वहीं सेंटर पर मौजूद नरेंद्र सुम्ब्रई ने कहा कि कोरोना रोधी टीका सुरक्षित है, हर नागरिक को अपनी बारी आने पर वैक्सीन जरूर लेनी चाहिए। दोनों हाथों से दिव्यांग गुलशन लोहार ने कोविड वैक्सीन का टीका दूसरों के लिए एक मिसाल पेश की है। हाथ के बजाय उन्हें पैर के जांघ पर टीका दिया गया है।
बता दें कि बीते मंगलवार को झारखंड में हुई कैबिनेट बैठक में ब्लैक फंगस को महामारी घोषित करने का फैसला किया गया। अब तक देश के 14 राज्यों ने ब्लैक फंगस को महामारी घोषित किया हुआ है। वहीं झराखंड अब 15वां राज्य बन गया, जिसने ब्लैक फंगस को महामारी घोषित किया है। बता दें कि झारखंड में अब तक ब्लैक फंगस के 82 मरीजाें की पुष्टि हाे चुकी है। 54 संदिग्ध मरीज हैं और इससे 26 लाेगाें की जान जा चुकी है।












Click it and Unblock the Notifications