आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस OpenAI बनाने वाले सैम ऑल्टमैन की चुनौती, ChatGPT बनाना भारत के वश की बात नहीं
दुनिया के कई देश चैट जीपीटी को बैन कर रहे हैं। इटली ने ChatGPT को बैन कर दिया है। इटली की डेटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने सुरक्षा कारणों से जुड़ी चिंताओं की वजह से इस पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया है।

Sam Altman: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल 'ओपनएआई' के संस्थापक और सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा है, कि चैट जीपीटी जैसा टूल बनाना भारतीय कंपनियों के वश की बात नहीं है।
भारत में द इकोनॉमिक टाइम्स द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सैम ऑल्टमैन ने कहा, कि भारत के लिए चैटजीपीटी के समान एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल बनाने की कोशिश करना 'निराशाजनक' है।
सैम ऑल्टमैन ने कार्यक्रम में गूगल इंडिया के पूर्व प्रमुख और वर्तमान में वेंचर कैपिटलिस्ट राजन आनंदन के एक सवाल पर अपनी टिप्पणी में कही है, जिसके बाद कई एक्सपर्ट्स भारत की क्षमता पर सवाल उठाने वाले अमेरिकी इंजीनियर की निंदा कर रहे हैं।
सैम ऑल्टमैन इस हफ्ते भारत के दौरे पर थे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी मुलाकात की है।
'भारत के वश की बात नहीं'
दरअसल, गूगल इंडिया के पूर्व प्रमुख आनंदन ने ऑल्टमैन से मार्गदर्शन मांगा था, कि कैसे भारतीय स्टार्टअप्स ओपनएआई की तर्ज पर मॉडल बनाने की दिशा में काम कर सकते हैं।
भारत और दक्षिण पूर्व एशिया में Google के पूर्व उपाध्यक्ष आनंदन ने पूछा था, कि ""सैम, हमारे पास भारत में एक बहुत ही जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र है, लेकिन विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, क्या ऐसे स्थान हैं, जहां आप भारत के एक स्टार्टअप को आधारभूत (एआई) मॉडल बनाते हुए देखते हैं, हमें इसके बारे में कैसे सोचना चाहिए, भारतीय स्टार्ट्सअप्स को इस दिशा में काम करने के लिए किस तरह से काम करना चाहिए?"
आनंदन के इस सवाल का जवाब देते हुए सैम ऑल्टमैन ने कहा, कि "OpenAI के साथ प्रतिस्पर्धा करना असंभव है।"
उन्होंने आगे कहा, कि ""जिस तरह से यह काम करता है, हम आपको बताने जा रहे हैं, कि हमारे साथ किसी तरह से स्पर्धा करना पूरी तरह से निराशाजनक है। प्रशिक्षण नींव मॉडल पर हमारे साथ प्रतिस्पर्धा करना पूरी तरह से निराशाजनक है, जिसे आपको आज़माना नहीं चाहिए, हालांकि यह आपका काम है, कि आप कोशिश करें। लेकिन, मैं इन दोनों चीजों पर विश्वास करता हूं और मुझे लगता है कि यह बहुत निराशाजनक है।"
टेक महिंद्रा ने स्वीकार की ऑल्टमैन की चुनौती
एआई स्पेस में सैम ऑल्टमैन ने भारत को अक्षम कहा है, जिसके बाद आनंदन ने बाद में ट्वीट किया: "स्पष्ट उत्तर के लिए धन्यवाद, सैम ऑल्टमैन। जैसा कि आपने कहा, 'यह निराशाजनक है, लेकिन फिर भी आप कोशिश करेंगे।' भारतीय उद्यमिता के 5000 वर्षों ने हमें दिखाया है, कि हमें भारतीय उद्यमी को कभी कम नहीं आंकना चाहिए। हम कोशिश करने का इरादा रखते हैं।"
वहीं, टेक महिंद्रा के सीईओ सीपी गुरनानी ने ऑल्टमैन की 'चुनौती' को भी स्वीकार किया, कि भारतीय कंपनियां अपने अमेरिकी समकक्षों के एआई कौशल सेट का मुकाबला नहीं कर सकतीं।
उन्होंने ट्विटर पर लिखा, कि "ओपनएआई के संस्थापक सैम ऑल्टमैन ने कहा, कि भारतीय कंपनियों के लिए उनके साथ प्रतिस्पर्धा की कोशिश करना भी निराशाजनक है। डियर सैम...एक सीईओ से दूसरे सीईओ तक.. चुनौती स्वीकार की जाती है।"
इस बारे में विस्तार से बताते हुए कि कैसे उनकी कंपनी ने चैटबॉट का निर्माण किया जिसने दुनिया में तूफान ला दिया है, सैम ऑल्टमैन ने कहा, कि "हमने GPT पर लगभग 8 महीने बिताए, यह सुनिश्चित करने के लिए, कि यह पर्याप्त सुरक्षित है। हमने टेक्नोलॉजी का निर्माण किया है, हमने संगठनों के साथ मिलकर काम किया है। सीमाएं क्या होनी चाहिए और उन सभी का परीक्षण किया जाना चाहिए। इसलिए सेल्फ रेगूलेशन महत्वपूर्ण है। यह कुछ ऐसा है, जिसे हम पेश करना चाहते हैं। दुनिया को पूरी तरह से कंपनियों के हाथों में नहीं छोड़ना चाहिए।"
आपको बता दें, कि ऑल्टमैन ने बुधवार को अपने छह देशों के दौरे के तहत अपनी भारत यात्रा शुरू की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की थी।












Click it and Unblock the Notifications