Tanker explosion Kuwait: मिडिल ईस्ट संकट गहराया! कुवैत के पास टैंकर में विस्फोट, समुद्र में तेल रिसाव
Tanker explosion Kuwait: मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच समुद्री क्षेत्र में भी हालात तेजी से बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं। कुवैत के पास समुद्र में एक तेल टैंकर के पास बड़ा विस्फोट हुआ, जिसके बाद पानी में तेल फैलने की खबर सामने आई है।
ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी (UKMTO) ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि टैंकर के कप्तान ने जोरदार धमाका सुना और देखा कि एक छोटा विमान या ड्रोन घटनास्थल से दूर जाता हुआ दिखाई दिया।

US Submarine Torpedoes Iran Ship: कुवैत के पास टैंकर के पास हुआ धमाका
ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक यह घटना 4 मार्च की रात करीब 22:40 UTC (भारतीय समयानुसार 5 मार्च सुबह लगभग 4:10 बजे) हुई। उस समय टैंकर कुवैत के मुबारक अल-कबीर क्षेत्र के पास लंगर डाले खड़ा था। टैंकर के कप्तान ने बताया कि जहाज के बाईं ओर जोरदार विस्फोट हुआ, जिसके तुरंत बाद एक छोटा विमान या क्राफ्ट वहां से निकलता हुआ देखा गया।
एजेंसी ने कहा कि विस्फोट के बाद टैंकर में आग लगने की कोई सूचना नहीं मिली है, लेकिन जहाज के कार्गो टैंक से तेल पानी में फैलता देखा गया। इससे समुद्री पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि टैंकर के सभी क्रू मेंबर सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
जांच में जुटीं एजेंसियां
UKMTO ने क्षेत्र में मौजूद अन्य जहाजों को सतर्क रहने की सलाह दी है। एजेंसी ने कहा कि सभी जहाज सावधानी से आवाजाही करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साझा करें। वहीं कुवैत के गृह मंत्रालय ने बताया कि यह घटना देश की समुद्री सीमा से बाहर, मुबारक अल-कबीर बंदरगाह से लगभग 60 किलोमीटर दूर हुई है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
समुद्र में मिला तेल और लाइफ राफ्ट
इस घटना से ठीक एक दिन पहले हिंद महासागर में एक और बड़ा सैन्य घटनाक्रम सामने आया था। श्रीलंका के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो हमला कर ईरान के युद्धपोत IRIS Dena को डुबो दिया। इस हमले में कम से कम 87 लोगों की मौत की खबर है। श्रीलंका की नौसेना ने बताया कि उन्हें जहाज से संकट संकेत (distress signal) मिला था, जिसके बाद बचाव अभियान शुरू किया गया।
जहाज में कुल करीब 180 लोग सवार थे। नौसेना ने 32 लोगों को बचा लिया, जबकि 87 शव बरामद किए गए। श्रीलंका नौसेना के प्रवक्ता कमांडर बुद्धिका संपत ने बताया कि जब उनकी टीम घटनास्थल पर पहुंची तो जहाज वहां नहीं था। उन्हें केवल समुद्र में तेल के धब्बे, लाइफ राफ्ट और पानी में तैरते लोग मिले। इसके बाद बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
Pete Hegseth Pentagon statement: अमेरिकी रक्षा मंत्री ने की पुष्टि
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पेंटागन में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान इस कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी पनडुब्बी ने उस ईरानी युद्धपोत को टॉरपीडो से निशाना बनाया, जिसे ईरान सुरक्षित समझ रहा था। हेगसेथ के मुताबिक, हिंद महासागर में डूबा यह जहाज ईरान की नौसेना का 'प्राइज शिप' माना जाता था।
भारत और दुनिया पर क्या होगा असर?
कुवैत के पास टैंकर पर हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें $90 प्रति बैरल को छू सकती हैं। समुद्री बीमा कंपनियों ने इन इलाकों से गुजरने वाले जहाजों के लिए 'वॉर रिस्क' प्रीमियम बढ़ा दिया है, जिससे हर सामान महंगा हो सकता है। भारतीय नौसेना ने भी अरब सागर और हिंद महासागर में अपने युद्धपोतों को हाई अलर्ट पर रखा है, क्योंकि युद्ध अब भारत के समुद्री पड़ोस तक पहुँच गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि खाड़ी क्षेत्र और हिंद महासागर में हाल के घटनाक्रम यह संकेत देते हैं कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी टकराव अब समुद्री मार्गों तक फैल चुका है।तेल टैंकरों और युद्धपोतों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर भी बड़ा असर पड़ सकता है। मौजूदा हालात में खाड़ी क्षेत्र, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और हिंद महासागर के समुद्री मार्गों पर सुरक्षा को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।












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