अयोध्या में राम मंदिर बनने से नाराज हुआ 57 मुस्लिम देशों का संगठन, बयान जारी कर OIC ने कही ये बात
इस्लामिक और 57 मुस्लिम बहुल देशों के संगठन ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन यानी OIC को को बाबरी मस्जिद की जगह पर राम मंदिर बनाने पर तीखी मिर्ची लगी है। OIC ने अयोध्या में मूर्ति के प्राण प्रतिष्ठा पर 'गहरी चिंता' जताई है।
OIC ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा, "भारतीय शहर अयोध्या में जिस जगह पर पहले बाबरी मस्जिद ढहाई गई थी, वहीं 'राम मंदिर' का निर्माण और इसकी प्राण प्रतिष्ठा गंभीर चिंता का विषय है।" अब तक भारत की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

इससे पहले 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में बने नए राम मंदिर का उद्घाटन किया था। इस कार्यक्रम के ठीक एक दिन बाद, 23 जनवरी को OIC ने मस्जिद की जगह पर राम मंदिर बनाए जाने की निंदा की।
अपने बयान में OIC ने कहा, "OIC देशों के विदेश मंत्रियों के काउंसिल की पिछली बैठकों में जाहिर रुख के अनुसार, हम इन कदमों की निंदा करता है, जिनका लक्ष्य बाबरी मस्जिद जैसे महत्वपूर्ण इस्लामिक स्थलों को मिटाना है। बाबरी मस्जिद उसी स्थान पर 5 सदियों तक खड़ी थी।"
आपको बता दें कि OIC इस्लामिक या मुस्लिम बहुल देशों का संगठन है। इसके कुल 57 देश सदस्य हैं। भारत मुस्लिम आबादी के लिहाज से शीर्ष तीन देशों में होने के बावजूद OIC का सदस्य नहीं है। कश्मीर मुद्दे पर OIC भारत की आलोचना करता है।
ये पहली बार नहीं है, जब OIC ने भारत से जुड़े किसी मामले को लेकर बयान जारी किया है, ये संगठन पहले भी अलग-अलग मुद्दों पर ऐसा करता रहा है। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने की भी OIC ने निंदा की थी और इसे भारत सरकार का एकतरफा फैसला बताया था।
इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्रायल ने अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन और भव्य जश्न का विरोध किया था। पाकिस्ता ने इसे 'बढ़ते हिंदू राष्ट्रवाद का प्रतीक और भारत के मुस्लिम समुदाय का अपमान' बताया। पाकिस्तान ने कहा कि पिछले 31 सालों में हुई घटनाएं, खासकर राम मंदिर का उद्घाटन, 'भारत में बढ़ते हिंदू राष्ट्रवाद का संकेत हैं।'












Click it and Unblock the Notifications