कुवैत के सांसदों के भारत के खिलाफ जहरीले बोल, भारतीय मुसलमानों के लिए उठाया ये कदम
अरब देश में हजारों सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं ने मांग की है, कि सभी अरब देश, और विशेष रूप से खाड़ी राज्य, जहां लगभग 80 साथ भारतीय रहते हैं, उन्हें निर्वासित किया जाए।
कुवैत, जून 17: पैगंबर मोहम्मत को लेकर बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नुपूर शर्मा की टिप्पणी को लेकर पहले तो कुवैत ने आपत्ति जताई थी और अब कुवैत के सांसदों ने भारत के खिलाफ जहर उगलना शुरू कर दिया है। कुवैत के सांसदों ने अपनी सरकार से मांग करनी शुरू की है, कि वो 'पैगंबर के अपमान' के लिए भारत के खिलाफ सख्त एक्शन ले और प्रेशर बनाए।

भारत के खिलाफ कुवैत
कुवैती सांसदों ने गुरुवार को अपनी सरकार से पैगंबर मुहम्मद के अपमान के सिए भारत के खिलाफ सभी प्रकार के एक्शन लेने की मांग की है। कुवैती सांसदों ने अपनी सरकार से आह्वान उस वक्त किया है, जब पैगंबर मोहम्मद को लेकर विवाद में अमेरिका ने भी आलोचना की है और कई अरब देशों ने भारत से बीजेपी प्रवक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने का आह्वान किया था। 50 सदस्यीय कुवैत नेशनल असेंबली के 30 सांसदों ने इस बाबत अपनी सरकार को एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें कहा गया है कि, 'हमारे भारतीय मुस्लिम भाइयों" के खिलाफ भारतीय पुलिस द्वारा किए गए अत्याचारों की भी निंदा की जाए, जिन्होंने अपमान का शांतिपूर्ण विरोध किया।

भारत के खिलाफ उगला जहर
इस बीच, अरब देश में हजारों सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं ने मांग की है, कि सभी अरब देश, और विशेष रूप से खाड़ी राज्य, जहां लगभग 80 साथ भारतीय रहते हैं और काम करते हैं, हिंदुत्व समर्थकों को इस्लाम और पैगंबर के अपमान और शांतिपूर्ण मुस्लिम प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्याचार के प्रतिशोध में देश से बाहर करें। बयान में कहा गया है कि, 'कुवैत नेशनल असेंबली के सदस्य भारत सरकार, पार्टी और मीडिया अधिकारियों द्वारा पैगंबर, इस्लामिक धर्म और इस्लामिक पवित्र स्थलों के खिलाफ किए गए अपमान की अस्वीकृति व्यक्त करते हैं।" बयान में भारतीय मुसलमानों और उनकी संपत्तियों के खिलाफ भारत सरकार द्वारा हिंसक कार्रवाई की भी निंदा की गई और उन्हें सुरक्षा प्रदान करने का आह्वान किया गया है।

भारतीय मुस्लिमों के लिए मांग
कुवैत के सांसदों ने कुवैत की सरकार और विश्व सरकारों से पैगंबर के खिलाफ अपमान और भारतीय मुसलमानों के खिलाफ हमलों को रोकने के लिए राजनयिक, आर्थिक और मीडिया के जरिए भारत पर प्रेशर बनाने का आह्वान किया है। वहीं, कुवैत के सांसदों ने भारत के खिलाफ उस वक्त मोर्चा खोला है, जब खुद कुवैत उन प्रदर्शनकारियों को देश से बाहर निकालने का फैसला किया है, जिसने भारत के खिलाफ प्रदर्शन किया था। कुवैत सरकार का कहना है कि, कुवैत की धरती पर किसी को प्रदर्शन करने का अधिकार नहीं है और प्रदर्शन कर कुवैत के नियमों का उल्लंघन किया गया है, लिहाजा उन सभी लोगों को देश से बाहर निकाला जाएगा।












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