सैन फ्रांसिस्को में कृषि सुधार कानूनों के समर्थन में कार रैली, अमेरिका ने कृषि कानूनों को बताया सही!
अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में भारत सरकार के तीनों कृषि सुधार कानून के समर्थन में कार रैली का आयोजन किया गया।
सैन फ्रांसिस्को: एक तरफ जहां भारत में 3 नये कृषि सुधार कानून के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है और पिछले तीन महीने से हरियाणा और पंजाब के किसान राजधानी दिल्ली के बॉर्डर पर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं वहीं अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में भारत सरकार के तीनों कृषि सुधार कानून के समर्थन में कार रैली का आयोजन किया गया।

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कृषि सुधार कानून के समर्थन में रैली
अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में केन्द्र सरकार के तीनों कृषि सुधार कानूनों के समर्थन में 21 फरवरी को कार रैली का आयोजन किया गया। जिसमें दर्जनों कार पर सवाल NRI ने कार रैली निकालकर भारत सरकार के इन कानूनों का समर्थन किया। कार रैली के दौरान कुछ लोगों के हाथ में कृषि कानून के समर्थन में तख्तियां दिख रहीं थी जिसपर लिखा था कि सैन फ्रांसिस्को को NRI कृषि कानूनों का समर्थन कर रहे हैं। कार रैली के दौरान गाड़ियों पर भारत का तिरंगा झंडा और अमेरिका का भी झंडा लगा हुआ था। सैन फ्रांसिस्को में ये कार रैली मिशन सैन जोश हाई स्कूल पार्किंग से 21 फरवरी को स्थानीय समय के मुताबिक 1 बजकर 30 मिनट पर निकाली गई थी, जिसमें तीनों कृषि कानून का समर्थन किया गया। कार रैली के दौरान कृषि कानून के समर्थक वंदे मातरम का नारा लगा रहे थे।

अमेरिका कर चुका है कृषि कानूनों का समर्थन
इससे पहले अमेरिका भी भारत सरकार के तीनों कृषि सुधार कानूनों का समर्थन कर चुका है। अमेरिका ने कृषि सुधार कानूनों का समर्थन करते हुए कहा था कि इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। वहीं, सैन फ्रांसिस्को में निकाली गई कार रैली को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि एक लोकतांत्रिक राज्य होने के नाते अमेरिका किसी भी शांतिपूर्ण आयोजन का समर्थन करता है और जहां तक बात तीनों कृषि सुधार कानून की बात है तो वो दोनों पक्षों को बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण समाधान तक पहुंचना चाहिए। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि 'अमेरिका किसी भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन का समर्थन करता है और भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन को सही माना है'।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वो किसी भी शांतिपूर्ण आंदोलन का समर्थन करता है। साथ ही यूनाइडेट स्टेट उन कानूनों या उन सुधारों का समर्थन करता है जिससे किसानों की आमदनी अच्छी होने के साथ खेती में प्राइवेट सेक्टर के इनवेस्टमेंट को बढ़ावा देता है। आपको बता दें कि पिछले साल 26 नवंबर से तीनों कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ राजधानी दिल्ली में किसानों का प्रदर्शन चल रहा है।
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