अब रूस से उलझ गया चीन, व्‍लादिवोस्‍तोक शहर पर किया अपना दावा

मॉस्‍को। भारत के साथ पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (एलएसी) की यथास्थिति बदलने की कोशिशों में लगा चीन अब एक और देश के साथ सीमा विवाद में पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। चीन ने अब रूस की सीमा में आने वाली जगह पर अपना दावा किया है और अब एक और देश के साथ उसका विवाद शुरू हो सकता है। चीन ने अब रूस के हिस्‍से में आने वाले व्‍लादिवोस्‍तो पर अपना दावा जता दिया है। चीन में ट्विटर की तर्ज पर चल रही माइक्रो ब्‍लॉगिंग साइट वीबो पर एक वीडियो पोस्‍ट कर रूस की जमीन पर दावा जताया गया है।

चीनी अधिकारी बोले-रूस ने किया है कब्‍जा

चीनी अधिकारी बोले-रूस ने किया है कब्‍जा

चीनी अधिकारियों ने व्‍लादिवोस्‍तोक सिटी के 160 साल पूरे होने पर वीबी पर एक वीडियो पोस्‍ट किया। इस वीडियो में चीनी अधिकारियों को कहते हुए सुना जा सकता है कि व्‍लादिवोस्‍तोक 19वीं सदी में चीन की सीमा में था। चीनी अधिकारियों की तरफ से रूस की ओर से अपलोड वीडियो का जवाब दिया गया है। चीन की तरफ आए वीडियो में कहा गया है कि व्‍लादिवोस्‍तोक, मन्‍चूरिया राज्‍य के किंग साम्राज्‍य का हिस्‍सा था और उस समय इसका नाम हाइशेनवाई था। लेकिन सन् 1860 में रूस ने इस पर आक्रमण किया और इस पर कब्‍जा कर लिया।

अफीम युद्ध में हारा था चीन

सन् 1860 में चीन को ब्रिटिश और फ्रांस की सेना से ओपियम वॉर यानी अफीम युद्ध में शिकस्‍त का मुंह देखना पड़ा था। रूस के दूतावास की तरफ से अपलोड किए गए वीडियो का जवाब चीनी जर्नलिस्‍ट ने दिया। सरकारी चैनल सीजीटीएन के साथ काम कर रहे जर्नलिरूट शेन शिवेई ने लिखा, 'रूसी दूतावास की तरफ से किए गए इस ट्वीट का चीन में वीबो पर जरा भी स्‍वागत नहीं किया गया है। उन्‍होंने आगे लिखा, 'व्‍लादिवोस्‍तोक (जिसका शाब्दिक अर्थ है पूरब का शासक) का इतिहास सन् 1860 से है जब रूस ने यहां पर एक मिलिट्री बंदरगाह बना लिया था। लेकिन शहर हाइशेनवाई था और यह चीन की जमीन थी।' उन्‍होंने ट्वीट में लिखा है रूस ने चीन के साथ हुई असमान संधि के जरिए इस पर कब्‍जा कर लिया था।

पाकिस्‍तान में चीनी राजनयिक ने भी की ट्वीट

पाकिस्‍तान में चीनी राजनयिक ने भी की ट्वीट

पाकिस्‍तान के दूतावास में पोस्‍टेड चीनी राजनयिक झांग हेकिंग की तरफ से व्‍लादिवोस्‍तोक पर चीनी दावा किया। उन्‍होंने ट्विटर पर लिखा, 'क्‍या यह वह नहीं है जो कभी हमारा हाइशेनवाई हुआ करता था।' उन्‍होंने आगे लिखा, 'आज हम सिर्फ सह सकते हैं लेकिन चीन के लोग हमेशा याद रखेंगे और एक पीढ़ी भी इस बात को याद रखेगी।' एक और राजनयिक ने लिखा, 'हमें इस बात पर यकीन करना होगा कि हमारे पूर्वजों की यह जमीन आने वाले समय में अपने घर जरूर लौटेगी।' फिलहाल अभी तक रूस ने इस पर कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी है और माना जा रहा है कि उसकी तरफ से आधिकारिक प्रतिक्रिया काफी तल्‍ख हो सकती है।

चीन और नॉर्थ कोरिया से सटा है बॉर्डर

चीन और नॉर्थ कोरिया से सटा है बॉर्डर

व्‍लादिवोस्‍तोक, रूस की एक बड़ी पोर्ट सिटी है। यह शहर चीन और नॉर्थ कोरिया के साथ बॉर्डर साझा करती है। व्‍लादिवोस्‍तोक ट्रांस-साइबेरियन रेलवे का टर्मिनस भी है जो मॉस्‍को को जोड़ता है। अगर ट्रेन के जरिए यहां से मॉस्‍को के लिए निकला जाए तो सात दिनों में रूस की राजधानी पहुंचा जा सकता है। इस शहर में सेंट्रल स्‍क्‍वॉयर है जहां पर उन स्‍थानीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी जाती है जिन्‍होंने 20वीं सदी की शुरुआत में जापान की सेनाओं को मात दी थी। गौरतलब है कि भारत के अलावा इस समय चीन और जापान के साथ भी सीमा विवाद जारी है। चीन ने जापान के दावे वाले ईस्‍ट चाइना सी में अपनी सेनाएं भेज दी हैं।

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