तीसरी बार चीन पहुंचे किम जोंग उन, इस बार ट्रेन नहीं, प्लेन से गए हैं बीजिंग
नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन मंगलवार को तीसरी बार चीन पहुंचे। किम दो दिन के दौर पर चीन आए हैं। इससे पहले वह मार्च और फिर मई में चीन गए थे तो उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की थी। सिंगापुर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से समिट के एक हफ्ते बाद ही किम जोंग, चीन पहुंचे हैं।
बीजिंग। नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन मंगलवार को तीसरी बार चीन पहुंचे। किम दो दिन के दौर पर चीन आए हैं। इससे पहले वह मार्च और फिर मई में चीन गए थे तो उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की थी। सिंगापुर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से समिट के एक हफ्ते बाद ही किम जोंग, चीन पहुंचे हैं। चीन की आधिकारिक न्यूज एजेंसी शिन्हुआ की ओर से किम जोंग की विजिट के बारे में जानकारी दी गई है।

नॉर्थ कोरिया की सरकारी एयरलाइंस से गए बीजिंग
मंगलवार को ऐसी खबरें आ रही थीं कि नॉर्थ कोरिया की सरकारी एयरलाइंस एयर कोरयो बीजिंग में लैंड कर सकती है। किम इससे पहले जितनी बार भी चीन गए हैं, उस बारे में कभी कोई जानकारी तब तक सार्वजनिक नहीं की गई थीं, जब तक उनका दौरा खत्म नहीं हो गया। किम ऐसे मौके पर बीजिंग पहुंचे हैं, जब अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर और गहराता जा रहा है। किम के लिए यह एक ऐसा मौका हो सकता है जब वह एक शक्ति के तौर पर सामने आ सकते हैं। बीजिंग स्थित रेनमिन यूनिवर्सिटी में कोरिया मामलों के विशेषज्ञ चेंग जियाओहे कहते हैं कि किम का दौरा ऐसा समय में हो रहा है जब चीन और अमेरिका के बीच ट्रेड वॉर चरम पर है।

पहली बार स्पेशल ट्रेन से गए थे चीन
किम पहली बार मार्च में चीन गए थे और उस समय वह अपनी एक खास हथियारों से लैस ट्रेन से चीन पहुंचे थे। दो दिनों तक किम राजधानी बीजिंग में थे और यहां पर उन्होंने राष्ट्रपति जिनपिंग के साथ वार्ता की थी। मई में किम, चीन की पोर्ट सिटी डालियान पहुंचे थे और यहां पर उन्होंने जिनपिंग के साथ भी कुछ समय बिताया था। हाल के कुछ हफ्तों में किम ने नॉर्थ कोरिया की विदेश नीति में कुछ बदलाव किए हैं, ऐसा विशेषज्ञों का मानना है। पिछले हफ्ते उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। किसी नॉर्थ कोरियन नेता कि किसी अमेरिकी नेता से पहली मुलाकात थी।

ट्रंप से मुलाकात पर क्या बोला चीन
मुलाकात के बाद ट्रंप और किम जोंग की ओर से एक ज्वॉइन्ट स्टेटमेंट भी जारी हुआ था। किम और ट्रंप ने कोरियाई प्रायद्वीप को पूरी तरह से परमाणु हथियारों से मुक्त करने का संकल्प लिया। अमेरिका ने कहा है कि नॉर्थ कोरिया पर प्रतिबंध तब तक जारी रहेंगे जब तक वह पूरी तरह से अपने परमाणु हथियारों को नष्ट नहीं कर देता है। वहीं चीन का कहना है कि सिंगापुर समिट ही अमेरिका की ओर से बेहतर रवैये का उदाहरण है।












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