बाइडेन ने किया वार तो किम जोंग उन ने किया पलटवार, इस बार चलती ट्रेन से दागी बैलिस्टिक मिसाइल
कोरोना वायरस की वजह से उत्तर कोरिया ने पिछले दो सालों से देश की सीमा को पूरी तरह से सील करके रखा हुआ है और देश के अंदर सनकी तानाशाह एक के बाद एक मिसाइलों को लॉंच कर रहा है।
प्योंगयोंग, जनवरी 15: अमेरिका की बार बार चेतावनी के बाद भी उत्तर कोरिया पर कोई असर नहीं हो रहा है और सनकी तानाशाह ने बाइडेन की चेतावनी के बाद फिर से एक बैलिस्टिक मिसाइल लॉंच किया है, वो भी इस बार उत्तर कोरिया में चलती ट्रेन से बैलिस्टिक मिसाइल लॉंच किया गया है, और माना जा रहा है कि, बाइडेन के नाॉर्थ कोरिया पर किए गये वार के खिलाफ किम जोंग उन ने अमेरिका पर पलटवार किया है।

उत्तर कोरिया का मिसाइल परीक्षण
उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने फिर से बैलिस्टिक मिसाइल लॉंच करने का दावा किया है, जबकि इससे पहले दक्षिण कोरिया ने दावा किया था कि, सिर्फ इस महीने उत्तर कोरिया दो मिसाइल लॉंच कर चुका है। यानि, नये साल के अभी सिर्फ 15 दिन हुए हैं और उत्तर कोरिया एक के बाद एक तीन मिसाइलों को लॉंच कर चुका है। इससे पहले उत्तर कोरिया ने हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया था। उत्तर कोरिया ने बैलिस्टिक मिसाइल को उस वक्त लॉंच किया है, जब कुछ ही घंटे पहले अमेरिका की तरफ से उत्तर कोरिया पर कुछ नये प्रतिबंध लगाए गये थे, ऐसे में माना जा रहा है कि, किम जोंग उन ने मिसाइल लॉंच कर जो बाइडेन का मजाक उड़ाया है।

तेजी से मिसाइल टेस्ट करता उत्तर कोरिया
कोरोना वायरस की वजह से उत्तर कोरिया ने पिछले दो सालों से देश की सीमा को पूरी तरह से सील करके रखा हुआ है और देश के अंदर सनकी तानाशाह एक के बाद एक मिसाइलों को लॉंच कर रहा है। अमेरिका के साथ न्यूक्लियर बातचीत रूका हुआ है और इन सबके बीच उत्तर कोरिया ने मिसाइलों की लॉंचिक काफी तेज कर रखी है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि, धड़ाधड़ मिसाइल टेस्ट करके उत्तर कोरिया, अमेरिका समेत अपने पड़ोसी देशों को, जिनसे उसका विवाद है, उनपर दवाब बनाने की कोशिश कर रहा है, ताकि जब अमेरिका के साथ बातचीत हो, तो सारा दवाब अमेरिका और उसके सहयोगियों पर हो, उत्तर कोरिया पर नहीं।

ट्रेन से बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण
उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने कहा है कि, इस बार का मिसाइल टेस्ट का उद्येश्य उत्तर कोरिया की सेना को ट्रेन से लॉंच की जा सकने वाली मिसाइल की क्षमता से लैस करना था। रिपोर्ट में कहा गया है कि कम समय में मिसाइल परीक्षण का आदेश मिलने के बाद सैनिकों ने तेजी से प्रक्षेपण स्थल की ओर रुख किया और दो "सामरिक निर्देशित" मिसाइलों को दागा, जिन्होंने एक समुद्री लक्ष्य को सटीक रूप से मार गिराया।

धुएं से घिरी ट्रेन की तस्वीर
नॉर्थ कोरिया की रोडोंग सिनमुन अखबार ने धुएं में घिरी ट्रेन से ऊपर उड़ने वाली दो अलग-अलग मिसाइलों की तस्वीरें प्रकाशित कीं हैं। वहीं, दक्षिण कोरिया में निजी सेजोंग संस्थान के एक विश्लेषक चेओंग सेओंग-चांग ने कहा कि, उत्तर कोरिया ने संभवतः एक ऐसे प्रक्षेपण को लॉंच किया है, जिसकी पहले अमेरिकी प्रतिबंधों के प्रति अपने विरोध को प्रदर्शित करने की योजना नहीं बनाई गई थी।

रूसी मिसाइल से प्रेरित
ट्रेन से दागी गई मिसाइलें एक ठोस-ईंधन शॉर्ट-रेंज हथियार प्रतीत होती हैं, जिसे उत्तर कोरिया ने स्पष्ट रूप से रूस के इस्कंदर मोबाइल बैलिस्टिक सिस्टम के बाद तैयार किया है, जिसका 2019 में पहली बार परीक्षण किया गया था। इस मिसाइल को पैंतरेबाज़ी करने और कम ऊंचाई पर उड़ान भरने के लिए डिजाइन किया गया है, जो संभावित रूप से मिसाइल सिस्टम से बचने और दुश्मन पर तेजी से वार करने के लिए बनाया गया है।












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