कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव चरम पर, न्यूक्लियर अटैक की संभावनाओं के बीच कई शहर कराए गए खाली
प्योंगयांग। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने दो दिन पहले साउथ कोरिया कोरिया की राजधानी सियोल पहुंचकर नॉर्थ कोरिया के बढ़ते खतरे को महसूस किया था। इस बीच सूत्रों की मानें तो नॉर्थ कोरिया युद्ध की तैयारी में जुटा है और इस वजह से कई शहरों को खाली करा दिया गया है। किम जोंग उन ने अपने देश की सेना को युद्ध की तैयारी करने को कहा है ताकि आने वाली समस्या का सामना किया जा सके। किम जोंग उन की तरफ से न्यूक्लियर टेस्ट के बाद यह अब तक का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।

साउथ कोरियाई एनके न्यूज के सूत्रों के मुताबिक, पिछले हफ्ते से नॉर्थ कोरिया ने अपनी पूर्वी सीमा पर मिलिट्री ड्रील शुरू कर दी है। नॉर्थ कोरिया ने मिलिट्री ड्रील के दौरान कई शहरों को खाली करवा दिया और लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा है, लेकिन इन शहरों में प्योंगयांग का नाम नहीं आ रहा है।
साउथ कोरिया के पूर्व जनरल ने कहा, 'मैंने इससे पहले इस प्रकार की मिलिट्री ड्रील कभी नहीं सुनी थी, लेकिन में इसको लेकर हैरान नहीं हूं। नॉर्थ कोरिया के इस अभ्यास से पता चल रहा है कि मामला गंभीर हो चुका है।' इस प्रकार की ड्रील से इतना तो साफ हो चुका है कि कोरियाई प्रायद्वीप में जंग को लेकर तानाशाह किम जोंग उन पूरी तरह से तैयारी में जुटा है और अपने देश की जनता पर इसका किस तरह से कंट्रोल है। इस प्रकार के अभ्यास बढ़ते संकट के संकेत दर्शाते हैं।
इससे पहले साउथ कोरिया दौरे पर गए अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने कहा था कि नॉर्थ कोरिया अपने लगातार न्यूक्लियर मिसाइल अटैक से खतरे की स्थिति को बढ़ावा देने का काम कर रहा है। मैटिस ने कहा, 'नॉर्थ कोरिया ने अपने अवैध और गैरकानूनी न्यूक्लियर प्रोग्राम के जरिए अपने पड़ोसी देशों और दुनिया को डराने का काम किया है।' उन्होंने कहा कि इसी वजह से यूएस-साउथ कोरिया को मिलिट्री ड्रील करने की जरूरत पड़ रही है। मैटिस के अनुसार, अमेरिका कभी भी नॉर्थो कोरिया को न्यूक्लियर पावर नहीं बनने देगा।












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