नॉर्थ कोरिया ने खराब कर दिया माहौल, बाकी देश भी जुटाने लगे परमाणु बम: हेनरी किसिंजर
वॉशिंगटन। कोरिया प्रायद्वीप में न्यूक्लियर अटैक की संभावनाओं को लेकर पूरी दुनिया हैरान है। इस बीच अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री और शीत युद्ध के कुटनीतिज्ञ हेनरी किसिंजर ने कहा है कि नॉर्थ कोरिया की वजह से ना सिर्फ कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ रहा है, बल्कि पूर्वी एशिया भी न्यूक्लियर हमले की जद में आ चुका है। डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन की जुबानी जंग ने न्यूक्लियर अटैक की संभावनाओं को तेज करने काम किया है। किसिंजर के मुताबिक नॉर्थ कोरिया की वजह से अब सभी एशियाई देशों को इस 'डर्टी बम' की जरूरत पड़ रही है।

पूर्वी एशिया न्यूक्लियर अटैक की ओर बढ़ रहा है
न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक इंटर्व्यू में पूर्व अमेरिकी डिप्लोमेट ने दोनों देशों के बढ़ते गतिरोध पर चिंता जताते हुए कहा है कि नॉर्थ कोरिया की वजह से पूर्वी एशिया न्यूक्लियर अटैक की ओर बढ़ रहा है। हेनरी किसिंजर ने न्यूक्लियर अटैक के माहौल पर चिंता जताते हुए कहा है कि दुनिया के कोरियाई देशों में सिर्फ नॉर्थ कोरिया के पास ही न्यूक्लियर बम नही है। साउथ कोरिया भी अपनी पूरी कोशिश में लगा है। वहीं, जापान भी अब चुप नहीं बैठ सकता।

जापान और साउथ कोरिया बना सकता है न्यूक्लियर बम
सियोल यूनिवर्सिटी में न्यूक्लियर इंजीनियरिंग के प्रोफेसर ने कहा, 'अगर हमने अपने पैरो पर खड़े होकर और रिसोर्स इकट्ठा कर दिया तो न्यूक्लियर बम तैयर करने में सिर्फ छह महीने लगेंगे। सवाल यह है कि क्या इसके लिए राष्ट्रपति के पास राजनीतिक ताकत है।' सर्वे के मुताबिक, नॉर्थ कोरिया की बढ़ते खतरे को देखते हुए साउथ कोरिया की 60 प्रतिशत आबादी अपने देश में न्यूक्लियर बम का समर्थन करती है। वहीं, दूसरी बार शिंजो अबे भी फिर से चुनाव जीतने के बाद अपनी मिलिट्री रिफोर्म की बात कर चुके है।

एशियाई देश न्यूक्लियर बम की तैयारी में
एक्सपर्ट के मुताबिक, नॉर्थ कोरिया की वजह से जापान और साउथ कोरिया पर न्यूक्लियर अटैक का जोखिम लगातार बढ़ता जा रहा। उनका मानना है कि वर्तमान हालात को देखते हुए ना सिर्फ जापान और साउथ कोरिया यह खतरनाक बम बनाने में जुटे हैं, बल्कि बांग्लादेश, ताइवान, म्यांमार, वियतनाम और ऑस्ट्रेलिया जैसे दिश भी 'डर्टी बम' का विचार कर रहे हैं।












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