किम जोंग उन दागेंगे परमाणु बम? दक्षिण कोरिया ने कहा, 5 साल बाद उत्तर कोरिया ने खोला घातक सुरंग
दक्षिण कोरिया ने कहा है कि, उत्तर कोरिया अपने पुंगये-री में अपने परमाणु परीक्षण स्थल तक पहुंचने के लिए एक सीक्रेट सुरंग का जल्दबाजी में एक 'शॉर्टकट' का निर्माण कर रहा है।
प्योंगयांग/सियोल, मार्च 27: दुनिया का सबसे सनकी तानाशाह किम जोंग उन पूरी दुनिया को भीषण खतरे में डालने जा रहा है। उत्तर कोरिया लगभग पांच वर्षों में अपने पहले परमाणु बम परीक्षण की तैयारी कर रहा है, दक्षिण कोरिया के सरकारी सूत्रों ने इसको लेकर चेतावनी जारी की हैय़ दक्षिण कोरियाई समाचार एजेंसी योनहाप ने रविवार को बताया कि, किम जोंग उन का गुप्त शासन 'घातक सुरंग' में परमाणु विस्फोट करेगा और इसको लेकर काफी तेजी से तैयारी चल रह है।

परमाणु परीक्षण करेगा उत्तर कोरिया
दक्षिण कोरिया ने कहा है कि, उत्तर कोरिया अपने पुंगये-री में अपने परमाणु परीक्षण स्थल तक पहुंचने के लिए एक सीक्रेट सुरंग का जल्दबाजी में एक 'शॉर्टकट' का निर्माण कर रहा है। दक्षिण कोरिया ने कहा है कि, 17 सितंबर के आसपास उत्तर कोरिया की तरफ से परमाणु बम का परीक्षण किया जाएगा। उत्तर कोरिया द्वारा अपनी विशाल ह्वासोंग -17 अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल के परीक्षण के कुछ ही दिनों बाद दक्षिण कोरिया की तरफ से ये चेतावनी दी गई है, जिसकी क्षमता अमेरिका तक वार करने की है। किम जोंग उन ने अपनी मिसाइल का परीक्षण उस वक्त किया है, जब यूक्रेन के ऊपर रूस ने आक्रमण कर रखा है और पूरी दुनिया भू-राजनीतिक संकट में फंसी हुई है।

दक्षिण कोरिया ने जारी की चेतावनी
उत्तर कोरिया की परमाणु परीक्षण योजनाओं के बारे में नवीनतम जानकारी दक्षिण कोरिया के सैन्य और खुफिया अधिकारियों ने दी है। दक्षिण कोरिया के अधिकारियों ने कहा है कि, उन्हें संकेत मिले हैं कि उत्तर कोरिया जमीन के अंदर भूमिगत परीक्षण सुविधा बहाल कर रहा है, जिसे 2018 में बातचीत के दौरान बंद कर दिया गया था। दक्षिण कोरिया के अधिकारियों ने कहा है कि, ऐसा मालूम हो रहा है, कि उत्तर कोरिया के उत्तर-पश्चिम में पहाड़ी स्थल तक सुरंग निर्माण का काम किया जा रहा है। दक्षिण कोरिया के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि, '(उत्तर कोरिया) ने सुरंग-3 के प्रवेश द्वार को बहाल करने के लिए अपने प्रारंभिक निर्माण कार्य को अचानक रोक दिया, और यह (सुरंग के) किनारे की खुदाई कर रहा है।

एक महीने में तैयार होगा परीक्षण केन्द्र
दक्षिण कोरिया के अधिकारियों का कहना है कि, उत्तर कोरिया काफी तेजी से परमाणु बम परीक्षण के लिए निर्माण कार्य कर रहा है और ऐसा लग रहा है, कि अगले एक महीने में उत्तर कोरिया सुरंग का पूरी तरह से निर्माण कर लेगा। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि योनहाप में उत्तर किराया एक छोटे सामरिक परमाणु हथियार का परीक्षण कर सकता है जिसे बैलिस्टिक मिसाइलों पर लोड किया जा सकता है। हालांकि छोटे परमाणु बम बड़े थर्मोन्यूक्लियर बमों की तुलना में कम खतरे की तरह लग सकते हैं। हथियार नियंत्रण विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि, वे परमाणु हथियारों की तैनाती की सीमा को भले ही कम कर देते हैं, लेकिन इन हथियारों को असल में इस्तेमास करने के लिए ही निर्माण किया जाता है। आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन का अनुमान है कि उत्तर कोरिया के पास वर्तमान में लगभग 40 से 50 परमाणु बम मौजूद हैं। आपको बता दें कि, उत्तर कोरिया को परमाणु बम बनाने की टेक्नोलॉजी पाकिस्तान ने पैसे लेकर दी थी।

सबसे बड़े बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण
रूस और यूक्रेन युद्ध के बीच चल रही जंग के चलते दुनिया में पहले से ही तनाव का माहौल बना हुआ है। इसी बीच उत्तर कोरिया के तानाशाह ने समुद्र की ओर कम से कम एक संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण शुक्रवार को किया है। दक्षिण कोरिया और जापान की सेनाओं के अनुसार यह 2017 के बाद की सबसे बड़ी मिसाइल है और उत्तरी जापान के सिर्फ 170 किमी पास दागी गई है। जानकारी के अनुसार इस बार बैलिस्टिक मिसाइल ने 6,000 किमी से अधिक की ऊंचाई पर उड़ान भरी है। उत्तर कोरिया के पड़ोसी देशों जापान और साउथ कोरिया की सेनाओं का कहना है कि वह जाहिर तौर पर अपनी हथियार प्रणाली की क्षमता बढ़ाना चाहता है और यह सिलसिला उसके सबसे बड़ी अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) का प्रक्षेपण करने के बाद ही पूरा होगा। यह इस साल उत्तर कोरिया का 12वां प्रक्षेपण था। गत रविवार को उत्तर कोरिया ने समुद्र में संदिग्ध गोले दागे थे।

विनाशक हथियारों से लैस उत्तर कोरिया
उत्तर कोरिया न्यूज एजेंसी ने किम जोंग उन के हवाले से लिखा है कि, उत्तर कोरिया का नया हथियार उत्तर कोरिया की ताकतवर परमाणु ताकतों के बारे में 'पूरी दुनिया को स्पष्ट तौर पर जागरूक करेगा'। उन्होंने अपनी सेना के लिए 'किसी भी सैन्य खतरे और ब्लैकमेल से अप्रभावित दुर्जेय सैन्य और तकनीकी क्षमताओं को हासिल करने और अमेरिकी साम्राज्यवादियों के साथ लंबे समय तक टकराव के लिए खुद को पूरी तरह से तैयार रखने' की कसम खाई है।'

15 हजार किमी भेद सकता है लक्ष्य
दक्षिण कोरियाई और जापानी सेनाओं ने समान उड़ान विवरण की घोषणा की थी और विश्लेषकों का कहना है कि, मिसाइल 15,000 किमी (9,320 मील) दूर लक्ष्य को भेदने की क्षमता रखती है और एक टन से कम वजन वाले वारहेड के साथ सामान्य प्रक्षेपवक्र पर दागा जाता है और इस मिसाइल के दायरे में पूरा का पूरा अमेरिका आता है। इस मिसाइल की ऊंचाई 82 फीट, यानि 25 मीटर ऊंचा है और ये मिसाइल कुछ अनुमानों के अनुसार, ये मिसाइल दुनिया की सबसे बड़ी सड़क-मोबाइल बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली है। उत्तर कोरिया ने अक्टूबर 2020 में एक सैन्य परेड में मिसाइल निर्माण का खुलासा किया था और अब इसका परीक्षण किया गया है।












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