Nigeria Clash: नाइजीरिया में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प, 30 की मौत, जानिए क्यों बार बार होता है संघर्ष?
नाइजीरिया में पिछले कुछ सालों में बोको हरम और आईएसआईएस का विस्तार हो रहा है, जो पूरे क्षेत्र को इस्लामिक क्षेत्र घोषित करना चाहते हैं और शरिया लागू करना चाहते हैं।

Nigeria Clash News: दुनिया के सबसे अशांत इलाकों में से एक नाइजीरिया में दो समुदायों के बीच भीषण हिंसक झड़प हुई है, जिसमें कम से कम 30 लोग मारे गये हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया है, कि बंदूकधारियों ने उत्तर-मध्य नाइजीरिया में पठारी राज्य के गांवों पर हमला किया था।
पश्चिमोत्तर और मध्य नाइजीरिया में पानी और ज़मीन को लेकर किसानों और चरवाहों के बीच लंबे समय से संघर्ष होते रहे हैं। इस सुरक्षा संकट के कारण हजारों मौतें हुई हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, लड़ाई की सबसे असल वजह जमीन और पानी को लेकर है, जिसमें हजारों लोगों की मौत हो चुकी है।
दो समुदायों के बीच हिंसा
नाइजीरिया के उत्तरी क्षेत्र में मुस्लिमों की बड़ी आबादी है, जबकि दक्षिणी क्षेत्र में ईसाइयों की आबादी ज्यादा है। इन दोनों समुदायों के बीच जमीन को लेकर अकसर लड़ाई होती रहती है, जिसमें अभी तक हजारों लोग मारे गये हैं।
आपको बता दें, कि नाइजीरिया पश्चिमी अफ्रीका का एक बड़ा और अशांत देश है, जहां अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ज्यादा आबादी रहती है।
इस क्षेत्र में पिछले कई सालों से लोग जातीय और मजहबी हिंसा से जूझ रहे हैं। वहीं, उत्तरी नाइजीरिया, जहां मुस्लिमों की आबादी ज्यादा है, वहां आतंकी संगठन बोको हरम का वर्चस्व है और पिछले कुछ सालों में आईएसआईएस का भी विस्तार हुआ है।
बोको हरम और आईएसआईएस ने शरिया कानून के विस्तार के लिए भारी संख्या में मुस्लिमों की भी हत्या की है। बोको हरम स्कूल जाने वाली लड़कियों को अगवा करने के लिए पिछले कुछ सालों में भारी कुख्यात रहा है। ये लड़कियों के स्कूल जाने के सख्त खिलाफ है।
इसके अलावा, सामुदायिक हिंसा होना भी यहां आम बात में शामिल हो गया है, जहां कुछ हथियारबंद लोग गांवों में घुसकर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर देते हैं। आमतौर पर कोई भी समूह ऐसे हमलों की जिम्मेदारी नहीं लेता है और गिरफ्तारियां बहुत कम होती हैं।
नाइजीरिया का सुरक्षा संकट नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बोला टीनूबू के लिए एक अहम मुद्दा बनने जा रहा है, जो इस महीने के अंत में कार्यभार संभालेंगे।
ताजा हमले में 30 की मौत
नाइजीरियाई अधिकारियों ने कहा कि हमलों में 30 लोग मारे गए और कई घरों में आग लगा दी गई है।
एसोसिएटेड प्रेस (एपी) समाचार एजेंसी ने निवासियों का हवाला देते हुए कहा, कि मंगलवार शाम तक कई लापता ग्रामीणों का पता नहीं चला।
हमलावरों ने सोमवार देर रात पठारी राज्य के मंगू इलाके के तीन गांवों को निशाना बनाया था।
स्थानीय पुलिस ने बताया, कि ये हिंसा चरवाहों और किसानों के बीच हुई है। चरवाहे मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, जबकि किसान ईसाई समुदाय से आते है। यहां के चरवाहे अकसर लूटपाट और हत्याएं करते रहते हैं और इस बार भी उन्होंने किसानों के गांव पर हमला किया था।
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पिछले महीने भी चरवाहों के हमले में 50 किसानों की मौत हो गई थी।
पठार के गवर्नर साइमन लालोंग ने कहा, कि वह हमले से परेशान हैं और उन्होंने सुरक्षा बलों को संदिग्धों की तलाश करने का निर्देश दिया है।
गवर्नर लालोंग के प्रवक्ता मकुट मचम ने कहा, "वह (गवर्नर) इसे अपराधियों द्वारा राज्य को दर्द और पीड़ा के काले दिनों में वापस धकेलने के एक और प्रयास के रूप में देख रहे हैं।" लालोंग ने आपातकालीन प्रतिक्रिया एजेंसी को पीड़ितों और उनके परिवारों की सहायता के लिए प्रभावित समुदायों का दौरा करने का निर्देश दिया।
पुलिस प्रवक्ता अल्फ्रेड अलाबो ने कहा कि मंगू इलाके में 24 घंटे का कर्फ्यू लगाया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संकट दूसरे इलाकों में न बढ़े।












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