न्यूजीलैंड सरकार ने गाय की डकार पर लगने वाला टैक्स हटाया, जानिए क्यों वसूला जाता था भारी भरकम 'लगान'?
New Zealand removed burp tax: न्यूजीलैंड की केंद्रीय-दक्षिणपंथी सरकार ने 'डकार टैक्स' को खत्म करने की घोषणा कर दी है और इसके साथ ही गाय की डकार पर लगने वाला टैक्स अब हटा लिया गया है और अब किसानों को भारी भरकम रकम नहीं चुकानी पड़ेगी।
पशुओं की डकार पर टैक्स अक्टूबर 2022 में तत्कालीन प्रधान मंत्री जैसिंडा एडर्न की सरकार के वक्त पेश किया गया था और बाद में लागू किया गया था, जिनकी लेबर पार्टी पिछले साल के चुनावों में हार गई थी और अब न्यूजीलैंड में नेशनल पार्टी की नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार है, जिसने किसानों के लिए ये बड़ा फैसला लिया है।

आइये जानते हैं, कि आखिर क्यों जानवरों की डकार पर टैक्स लगाया गया था और उसे अब क्यों हटा लिया गया है?
न्यूजीलैंड में 'डकार टैक्स' क्यों लगाया गया था?
डकार टैक्स योजना का मुख्य मकसद जुगाली करने वाले जानवरों की प्रजातियों से मीथेन उत्सर्जन को कम करना था। खुर वाले और चरने वाले शाकाहारी जानवर जुगाली करते हैं। गाय, भेड़, बकरी और भैंस जैसे जुगाली करने वाले जानवरों में एक विशेष प्रकार का पाचन तंत्र होता है, जो उन्हें भोजन को पचाने में मदद करता है।
जुगाली करने वाले जानवरों के पेट में चार डिब्बे होते हैं, जिनमें से एक, रुमेन होता है, उन्हें आंशिक रूप से पचने वाले भोजन को संग्रहीत करने और इसे किण्वित करने में मदद करता है। यह आंशिक रूप से पचा हुआ और किण्वित भोजन जानवरों द्वारा फिर से चबाया जाता है और पाचन प्रक्रिया को पूरा करता है।
हालांकि, जब घास और अन्य वनस्पतियां रूमेन में किण्वित होती हैं, तो यह मीथेन गैस उत्पन्न करती है, जो एक शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस है, जो जलवायु परिवर्तन के मुख्य चालकों में से एक है। मीथेन पूर्व-औद्योगिक काल से लेकर अब तक 30% गर्मी बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है, जो कार्बन डाइऑक्साइड के बाद दूसरे स्थान पर है। गाय और भेड़ जैसे जुगाली करने वाले जानवर, मुख्य रूप से डकार के माध्यम से इस गैस को छोड़ते हैं।
डेयरी उत्पादक देशों में जुगाली करने वाले जानवरों पर टैक्स लगाया जाता है। उदाहरण के लिए, न्यूजीलैंड में करीब 1 करोड़ मवेशी और ढाई करोड़ भेड़ हैं, जो देश के ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के लगभग आधे हिस्से का स्रोत हैं।
इसलिए पिछली सरकार ने पशुधन पर टैक्स लगाने का फैसला किया था।
अब सरकार ने टैक्स क्यों हटा लिया?
डकार टैक्स की लगने की शुरुआत से ही पूरे देश में किसानों ने विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था। वे टैक्स को खत्म करने की मांग को लेकर ट्रैक्टरों और पिकअप ट्रकों के काफिले के साथ शहरों और कस्बों में आ गये थे। किसानों ने तर्क दिया था, कि इस योजना के साथ-साथ अन्य कृषि कानूनों की वजह सरे उनकी आजीविका बुरी तरह से प्रभावित हुई है। हालांकि, तत्कालीन लेबर पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया।
लेकिन वर्तमान में सत्ता में आए केंद्र-दक्षिणपंथी गठबंधन ने डकार टैक्स को खत्म करने का फैसला किया है। नई सरकार ने कहा है, कि वो मीथेन उत्सर्जन से निपटने के लिए अन्य उपायों की तलाश करेंगे।
न्यूजीलैंड के कृषि मंत्री टॉड मैक्ले ने एक बयान में कहा, कि "सरकार कीवी फार्मों को बंद किए बिना जलवायु परिवर्तन संबंधी अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है... हम अपने किसानों के लिए व्यावहारिक उपकरण और टेक्नोलॉजी खोजने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, ताकि वो बिना परेशान हुए इस समस्या से निजात पा सकें।"












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