USA में लोकतंत्र का चीरहरण! गाजा प्रदर्शन को कुचलने कोलंबिया यूनिवर्सिटी में घुसी पुलिस, लाठी चार्ज

New York City police enter Columbia University: दूसरे देशों को मानवाधिकार, लोकतंत्र और फ्री स्पीच पर ज्ञान देने वाले अमेरिका में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले प्रदर्शनकारियों को कुचलने की कोशिश की जा रही है और ये वही अमेरिका है, जो बार बार दूसरे देशों के अंदरूनी मामलों में ऊंगली करने की कोशिश करता रहता है।

कोलंबिया यूनिवर्सिटी में गाजा के समर्थन में चल रहे विरोध प्रदर्शन को कुचलने के लिए न्यूयॉर्क की पुलिस कैंपस में दाखिल हो गई है और प्रदर्शनकारियों को या तो गिरफ्तार किया जा रहा है, या उन्हें कैंपस से जबरदस्ती बाहर निकाला जा रहा है।

New York City police enter Columbia University

कोलंबिया यूनिवर्सिटी में घुसी पुलिस

आपको बता दें, कि कोलंबिया यूनवर्सिटी से शुरू हुआ ये विरोध प्रदर्शन अब दर्जनों अमेरिकी विश्वविद्यालयों में फैल चुका है और हजारों की संख्या में छात्र इजराइल के खिलाफ एक्शन की मांग कर रहे हैं। अभी तक सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार भी किया गया है।

एक कानून प्रवर्तन अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर एसोसिएटेड प्रेस समाचार एजेंसी को बताया, कि मंगलवार देर रात कैंपस में दाखिल होने से कुछ समय पहले, न्यूयॉर्क पुलिस विभाग को कोलंबिया यूनिवर्सिटी से अधिकारियों को कार्रवाई करने के लिए अधिकृत करने वाला एक नोटिस मिला था।

लाइव टेलीविजन तस्वीरों में पुलिस को ऊपरी मैनहट्टन में कैंपस में प्रवेश करते हुए दिखाया गया है, जो गाजा में इजराइल के युद्ध के खिलाफ छात्रों के विरोध का केंद्र बिंदु रहा है।

कैंपस में प्रवेश करने के बाद, कुछ अधिकारी प्रशासनिक भवन हैमिल्टन हॉल पहुंचे, जहां छात्रों ने मंगलवार सुबह से ही कब्जा करना शुरू कर दिया था। वहीं, यूनिवर्सटी मैनेजमेंट एक के बाद एक प्रदर्शन में शामिल छात्रों को सस्पेंड कर रहा है। छात्रों को सोमवार शाम तक अपना प्रदर्शन खत्म करने के लिए कहा गया था, लेकिन उसके बाद भी छात्र विरोध प्रदर्शन पर अड़े हुए हैं और ऐसे छात्रों को सस्पेंड किया जा रहा है।

इसके अलावा, प्रदर्शनकारी छात्रों ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी के एक बिल्डिंग का नया नामकरण कर 'हिंद हॉल' कर दिया है। ये नामकरण उस 6 साल की फिलीस्तीनी लड़की की याद में किया गया है, जो इस साल फरवरी में गाजा पट्टी में मारी गई थी, और जिसका नाम हिंद रज्जब था।

विरोध प्रदर्शन को कुचल रही पुलिस

यूनिवर्सिटी कैंपस में दाखिल होने के बाद एक इमारत में घुसते हुए न्यूयॉर्क पुलिस ने कहा, कि "हम कैंपस को खाली करवा रहे हैं।" रिपोर्ट के मुताबिक, सौ से ज्यादा पुलिसवाले कैंपस में दाखिल हुए हैं।

फिलिस्तीन में इंसाफ के लिए कोलंबिया के छात्रों ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, कि पुलिस अधिकारी "दंगा गियर पहने हुए थे" और "कई ब्लॉकों को बंद कर दिया गया है"। पुलिस अधिकारियों की एक लंबी कतार को एक ट्रक के ऊपर से दूसरी मंजिल की खिड़की से इमारत में चढ़ते देखा गया है। दर्जनों अन्य अधिकारियों ने पास में विरोध प्रदर्शन वाले शिविर को निशाना बनाया है।

इसके अलावा, पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए छात्रों को 'फ्री फिलीस्तीन' के नारे लगाते हुए भी देखे गये हैं।

फ्री स्पीच पर बाइडेन का चाबुक

दर्जनों प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को हैमिल्टन हॉल पर कब्जा करने के बाद हैमिल्टन हॉल के एंट्री प्वाइंट्स पर बैरिकेड लगा दिए थे। अल जज़ीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन का आयोजन करने वाले एक छात्र ने कहा, कि कब्जा समूह उस समूह से अलग था, जिसने परिसर के लॉन पर एक शिविर का निर्माण किया था।

पुलिस के परिसर में प्रवेश करने से कुछ घंटे पहले आयोजित शाम की समाचार ब्रीफिंग में, मेयर एरिक एडम्स और शहर के पुलिस अधिकारियों ने आरोप लगाया, कि हैमिल्टन हॉल में "बाहरी आंदोलनकारी" दाखिल हो गये हैं, जिनका कोलंबिया के साथ कोई संबंध नहीं है और वे कानून प्रवर्तन के लिए अराजकता भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।

लेकिन, विरोध प्रदर्शन के छात्र नेताओं में से एक, कोलंबिया के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल एंड पब्लिक अफेयर्स के फिलिस्तीनी छात्र महमूद खलील ने पुलिस के दावों का खंडन किया है।

प्रदर्शनकारियों की मांग है, कि कोलंबिया विश्वविद्यालय में जो भी इजराइली निवेश है, उसे हटाया जाए और गाजा में शांति स्थापना की जाए और फिलीस्तीन को आजाद करवाया जाए।

वहीं, पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियां भी दागी है। लिहाजा, सवाल उठ रहे हैं, कि जो अमेरिका में भारत में महीनों तक चलने वाले प्रदर्शन पर बार बार टिप्पणियां करते रहता है, वो अमेरिका भला 3 दिनों का प्रदर्शन भी क्यों बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है और क्या, जो बाइडेन को फ्री स्पीच, मानवाधिकार जैसी बातें, दूसरे ही देशों में देखनी है और जब बात खुद पर आ जाए, तो खुद ऐसे प्रदर्शनों को बेरहमी से कुचल देंगे।

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