Nepal में सोशल मीडिया बैन हटने के बाद क्या है हालात? Gen Z आंदोलन, कर्फ्यू और हिंसक प्रदर्शन का पूरा अपडेट
Nepal Gen Z protests: नेपाल सरकार ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगाए गए प्रतिबंध को वापस ले लिया। यह फैसला उस समय आया जब राजधानी काठमांडू समेत कई शहरों में युवाओं, खासकर 'Gen Z' प्रदर्शनकारियों ने बड़े पैमाने पर विरोध शुरू कर दिया। इस आंदोलन के दौरान अब तक कम से कम 20 लोगों की मौत हो चुकी है और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
कैबिनेट की आपात बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरूंग ने घोषणा की कि फेसबुक, एक्स और व्हाट्सएप जैसी सोशल मीडिया साइट्स को दोबारा बहाल करने का आदेश दिया गया है। इसके बावजूद भी नेपाल में राजनीतिक भूचाल की स्थिति आ गई है।

क्या कर्फ्यू हटा लिया गया है?
सोशल मीडिया बैन भले ही हटा लिया गया हो, लेकिन काठमांडू और आसपास के इलाकों में हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। प्रशासन ने रविवार और सोमवार को हिंसक झड़पों के बाद राजधानी में कर्फ्यू लगा दिया था। हालांकि, मंगलवार सुबह कुछ घंटों के लिए कर्फ्यू हटाया गया, लेकिन नए तनाव और झड़पों के बाद इसे फिर से लागू कर दिया गया।
काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय ने 8:30 बजे से अगले आदेश तक अनिश्चितकालीन कर्फ्यू की घोषणा की। इसका मतलब है कि फिलहाल लोग स्वतंत्र रूप से बाहर नहीं निकल सकते और शहर में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती बनी हुई है।
नेपाल का ताज़ा हालात
नेपाल सरकार ने युवाओं की मांग को मानते हुए सोशल मीडिया बैन वापस ले लिया है, लेकिन विरोध प्रदर्शनों के चलते हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं। सुरक्षाबलों और युवाओं के बीच झड़पें जारी हैं। पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए आंसू गैस, वाटर कैनन और रबर बुलेट का इस्तेमाल किया।
फिलहाल फेसबुक, एक्स और व्हाट्सएप जैसी साइट्स नेपाल में फिर से चालू हो गई हैं, लेकिन कर्फ्यू और सुरक्षा बंदोबस्त से साफ है कि सरकार हालात को पूरी तरह काबू में लाने की कोशिश कर रही है।
नेपाल में राजनीतिक भूचाल: तीन मंत्रियों ने दिया इस्तीफा
नेपाल में सोशल मीडिया बैन और 'Gen Z' प्रदर्शनों के बाद बढ़ते राजनीतिक दबाव ने सरकार को हिला दिया है। लगातार हो रही हिंसा और मौतों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए सोमवार (8 सितंबर) की शाम गृह मंत्री रमेश लेखक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लेखक ने प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली की अध्यक्षता में बालुवाटार स्थित आधिकारिक आवास पर हुई कैबिनेट बैठक के दौरान अपना इस्तीफा सौंपा।
कृषि मंत्री का भी इस्तीफा
गृह मंत्री के बाद मंगलवार (9 सितंबर) को कृषि और पशुपालन विकास मंत्री रामनाथ अधिकारी ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अधिकारी ने अपने इस्तीफे में लिखा कि सरकार ने सोमवार को हुए 'Gen Z' प्रदर्शनों के दौरान "तानाशाही रवैया" अपनाया और जनता की आवाज़ को दबाने की कोशिश की।
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PM से टकराव के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने भी दिया इस्तीफा
इसी क्रम में नेपाल के स्वास्थ्य मंत्री प्रदीप पौडेल ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं की मांगों को नजरअंदाज किया और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को हिंसक रूप देने में प्रशासन बड़ी विफल रही। नेपाली मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, कैबिनेट बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री प्रदीप पौडेल और प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली के बीच मतभेद और टकराव भी देखने को मिला, जो सरकार में बढ़ते तनाव का संकेत है।
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