Nepal Gen Z Protest से सियासी उठापटक, PM केपी ओली की इमरजेंसी बैठक में गृहमंत्री रमेश लेखक ने दिया इस्तीफा
Nepal protest 2025 Updates: नेपाल में सोशल मीडिया बैन को लेकर शुरू हुआ विरोध अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। राजधानी काठमांडू समेत कई हिस्सों में सोमवार, 8 अगस्त को हालात बिगड़ गए जब गुस्साए प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हुईं।
इन झड़पों में अब तक कम से कम 18 लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं। रियूटर्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतकों में से 16 काठमांडू घाटी से हैं, जबकि दो इटहरी में मारे गए।

बता दें कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाने के सरकार के फैसले से खासतौर पर युवाओं में भारी आक्रोश है, जिसके चलते वे सड़कों पर उतर आए हैं। काठमांडू में प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन का घेराव किया और सुरक्षा बैरिकेड्स तोड़ दिए। हालात बेकाबू होते देख प्रशासन ने कई संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया है। यह विरोध अब नेपाल के सबसे बड़े राजनीतिक संकटों में से एक बनता जा रहा है।
संसद से लेकर पीएम ओली के घर तक विरोध की आंच
प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन के बाहर जोरदार हंगामा किया और बैरिकेड्स तोड़कर अंदर तक घुस गए। पुलिस को पीछे हटना पड़ा। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने आंसू गैस, वाटर कैनन और यहां तक कि गोलियां भी चलाईं। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों का गुस्सा प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के पैतृक घर तक भी पहुंच गया।
काठमांडू से करीब 400 किलोमीटर दूर कोशी प्रांत के दमक इलाके में स्थित उनके घर पर प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया। पुलिस को हालात काबू करने के लिए हवाई फायरिंग करनी पड़ी।
युवा प्रदर्शनकारियों ने ईस्ट-वेस्ट हाईवे को भी कई जगहों पर आगजनी कर जाम कर दिया। इससे ट्रैफिक घंटों ठप रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार भ्रष्टाचार रोकने के बजाय सोशल मीडिया पर पाबंदी लगाकर आम लोगों की आवाज दबाना चाहती है।
वहीं, बुटवल और भैरहवा जैसे शहरों में भी कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। बढ़ते बवाल को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा पर भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने निगरानी बढ़ा दी है और हालात पर नजर रखी जा रही है।
PM ने बुलाई आपात बैठक, गृहमंत्री ने दिया इस्तिफा
हालात को काबू में करने के लिए प्रधानमंत्री ओली ने कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई। प्रशासन ने राष्ट्रपति भवन, उपराष्ट्रपति आवास, प्रधानमंत्री आवास बलुवाटार और आसपास के इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेपाल के गृहमंत्री रमेश लेखक (Ramesh Lekhak) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को कैबिनेट बैठक के दौरान अपना इस्तीफा सौंप दिया।
जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, एक्स (पूर्व ट्विटर) और यूट्यूब पर बैन लगाने के बाद से नेपाल में भारी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसी बवाल के बीच गृहमंत्री पर इस्तीफे का दबाव तेज हो गया था।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, रमेश लेखक ने इस पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने का फैसला किया। माना जा रहा है कि उनका इस्तीफा नेपाल की राजनीति में बड़ा असर डाल सकता है, क्योंकि सोशल मीडिया बैन को लेकर विरोध-प्रदर्शन फिलहाल थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
क्यों भड़के नेपाल के युवा?
दरअसल, नेपाल सरकार ने हाल ही में फेसबुक, एक्स (पहले ट्विटर), इंस्टाग्राम और यूट्यूब समेत 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगा दिया। सरकार का कहना है कि इन कंपनियों को नेपाल में पंजीकरण कराने का आदेश दिया गया था, लेकिन उन्होंने नियमों का पालन नहीं किया। इसी फैसले के खिलाफ देशभर में खासतौर पर युवा और छात्र सड़क पर उतर आए हैं।












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