Nepal plane crash: नेपाल विमान हादसे में जिंदा बचा इकलौता शख्स कौन हैं, मौत के मुंह से कैसे वापस लौटे?
Nepal plane crash News: नेपाल की राजधानी काठमांडू के त्रिभुवन इंटरेशनल एयरपोर्ट पर आज सुबह एक छोटे विमान में आग लग गई, जिसके बाद वह टेकऑफ करने की कोशिश करते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना में 19 यात्रियों में से 18 की मौत हो गई। इस घातक हादसे में सिर्फ CRJ200 विमान का पायलट ही बच पाया।
हवाई अड्डे के सुरक्षा प्रमुख अर्जुन चंद ठाकुरी ने बताया, कि विमान को मरम्मत के लिए पोखरा एयरपोर्ट ले जाया जा रहा था और विमान में दो चालक दल के सदस्यों के साथ 17 तकनीशियनों की टीम सवार थी।

नेपाल के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के मुताबिक, सौर्य एयरलाइंस का ये विमान आज सुबह 11 बजकर 11 मिनट पर (स्थानीय समय) त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पोखरा के लिए उड़ान भरते समय हादसे का शिकार हो गया।
फ्लाइट रडार 24 के मुताबिक, यह विमान स्थानीय सौर्य एयरलाइंस का था, जो नेपाल में कनाडा में बने दो बॉम्बार्डियर सीआरजे-200 क्षेत्रीय जेट विमानों के साथ घरेलू उड़ानें संचालित करता है। ये दोनों ही विमान 20 साल से ज्यादा पुराने हैं और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विमान रनवे के दक्षिणी छोर से उड़ान भर रहा था, तभी यह अचानक पलट गया और इसके पंख का एक सिरा जमीन से टकरा गया और फिर इसमें आग लग गई।
नेपाल दुर्घटना में जीवित बचे एकमात्र व्यक्ति कौन है?
एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, पायलट की पहचान कैप्टन मनीष रत्न शाक्य के रूप में हुई है, जो CRJ200 क्षेत्रीय विमान के एयरलाइन पायलट हैं और सौर्य एयरलाइंस में ऑपरेशनल प्रमुख भी हैं।
उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, वे सिमरिक एयरलाइंस में लगभग तीन साल के काम करने के बाद नौ साल से ज्यादा समय से सौर्य एयरलाइंस में काम कर रहे हैं। उन्होंने सेंट जेवियर्स स्कूल से अपनी शिक्षा पूरी की है। पुलिस के मुताबिक, 37 साल के कैप्टन शाक्य को मलबे से निकाला गया और इलाज के लिए सिनामंगल के केएमसी अस्पताल ले जाया गया। वे दुर्घटना में जीवित बचे एकमात्र व्यक्ति हैं, और विमान में सवार 19 यात्रियों में से 18 की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
अस्पताल के एक डॉक्टर ने कहा है, कि पायलट की आंखों में चोटें आई हैं, लेकिन वह किसी खतरे में नहीं हैं।
नेपाल का निराशाजनक सुरक्षा रिकॉर्ड
नेपाल की आलोचना उसके खराब हवाई सुरक्षा रिकॉर्ड के लिए की जाती रही है, जिसमें सबसे घातक घटना 1992 में हुई थी, जब पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस का एयरबस काठमांडू के पास पहाड़ी से टकरा गया था, जिसमें 167 लोग मारे गए थे। जनवरी 2023 में, यति एयरलाइंस का एक विमान पोखरा के केंद्रीय शहर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें पांच भारतीयों सहित सभी 72 यात्री मारे गए थे।
इससे पहले, ठाणे के चार भारतीयों सहित 22 लोगों को लेकर तारा का एक विमान 29 मई 2022 को नेपाल के पहाड़ी मस्तंग जिले में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें सभी लोग मारे गए थे। नेपाल में विमान दुर्घटनाओं के पीछे खराब मौसम सबसे बड़ी वजह बनता है। पहाड़ी देश में मौसम में अक्सर उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है और उचित मौसम पूर्वानुमान नहीं मिलने की वजह से पायलटों के लिए फ्लाइट उड़ाना काफी मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, नेपाल में दुनिया के कुछ सबसे कठिन और दुर्गम रनवे हैं, जो अनुभवी पायलटों के लिए भी एक चुनौती पेश करते हैं।












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