Nepal: विमान के बाद हेलीकॉप्टर हादसे से दहला नेपाल, काठमांडू के पास क्रैश, 4 चीनी नागरिक मारे गये
Nepal helicopter crash: पिछले महीने भीषण विमान हादसे के बाद अब नेपाल के नुवाकोट के शिवपुरी इलाके में एयर डायनेस्टी हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे उसमें सवार सभी चार लोगों की मौत हो गई है और देश के खराब विमानन रिकॉर्ड में एक और भयावह घटना दर्ज की गई।
त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक सूत्र ने हिमालयन टाइम्स को बताया है, कि हेलीकॉप्टर, काठमांडू से रवाना हुआ था और स्याफ्रुबेन्सी के रास्ते में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रवक्ता सुभाष झा ने काठमांडू पोस्ट को बताया है, कि एयर डायनेस्टी के 9एन-एजेडी हेलिकॉप्टर ने दोपहर 1:54 बजे काठमांडू से स्याप्रुबेसी, रसुवा के लिए उड़ान भरी थी। हेलिकॉप्टर को कैप्टन अरुण मल्ला चला रहे थे और इसमें चार चीनी नागरिक सवार थे। सेना के प्रवक्ता ने कहा है, कि एक खोज और बचाव दल को घटनास्थल पर भेज दिया गया है।
काठमांडू हवाई अड्डे से उड़ान भरने के तीन मिनट बाद ही हेलिकॉप्टर का संपर्क टूट गया। यह घटना सौर्य एयरलाइंस के एक छोटे विमान के 24 जुलाई को टीआईए के रनवे से फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त होने के कुछ ही दिनों के बाद हुई है, जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना ने नेपाल के खराब हवाई सुरक्षा रिकॉर्ड को फिर से सामने ला दिया है, क्योंकि साल 2000 के बाद से अब तक हिमालयी देश में विमान या हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं में लगभग 350 लोग मारे गए हैं।
पिछले हुए विमान दुर्घटना में जिन 18 लोगों की मौत हुई थी, वो सभी एक ही कंपनी के थे और विमान को मरम्मत के लिए पोखरा ले जाया जा रहा था। नेपाल के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने एक बयान में कहा था, कि "उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद ... विमान दाईं ओर मुड़ गया और रनवे के पूर्वी हिस्से में टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।"
नेपाल में क्यों होते रहते हैं विमान हादसे?
नेपाल के खराब विमानन सुरक्षा रिकॉर्ड के लिए कई वजहों को जिम्मेदार ठहराए गया है, जिनमें उबड़-खाबड़ पहाड़ी इलाके, अप्रत्याशित मौसम, खराब रखरखाव और विमान प्रशिक्षण के साथ-साथ विमानों के उचित बुनियादी ढांचे और रखरखाव की कमी प्रमुख वजहें हैं। इसके अलावा, नेपाल में दुनिया के कुछ सबसे कठिन और दुर्गम रनवे हैं, जो अनुभवी पायलटों के लिए भी चुनौती पेश करते हैं।
जनवरी 2023 में पोखरा में यति एयरलाइंस के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद यह चर्चा में आया, जिसमें सवार सभी 72 यात्री मारे गए थे।
पहाड़ी देश में मौसम में अक्सर उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है और उचित मौसम पूर्वानुमान तंत्र के बिना फ्लाइटों का उड़ान भरना मुश्किल हो जाता है। सबसे घातक विमानन दुर्घटना 1992 में हुई थी, जब पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस का एयरबस काठमांडू के पास एक पहाड़ी से टकरा गया था, जिसमें 167 लोग मारे गए थे। पिछले एक दशक में ही नेपाल में 20 से ज्यादा दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।












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