Nepal Gen Z Protest: दो फाड़ हुआ नेपाल का Gen Z आंदोलन? एक और नेता की एंट्री के बाद आपस में चले लात-घूंसे
Nepal Gen Z Protest: नेपाल में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच Gen Z प्रदर्शनकारियों के एक गुट ने पूर्व नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (NEA) के प्रमुख कुलमान घिसिंग को अंतरिम सरकार का नेतृत्व सौंपने का प्रस्ताव रखा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि घिसिंग के पास ऊर्जा क्षेत्र का गहरा अनुभव और देश के प्रशासनिक सुधारों का बेहतरीन रिकॉर्ड है।
क्यों कटा सुशीला कार्की का पत्ता?
यह प्रस्ताव पूर्व सुप्रीम कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की के नामांकन के विरोध में सामने आया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि संविधान न्यायाधीशों और पूर्व मुख्य न्यायाधीशों को प्रधानमंत्री बनने से रोकता है। पहले हजारों Gen Z समर्थकों ने कार्की के पक्ष में मतदान किया था, लेकिन कानूनी बाध्यता सामने आने पर समूह में मतभेद पैदा हो गया।

आपस में भिड़े Gen Z, चले लात-घूंसे
हालांकि, प्रधानमंत्री की तलाश इतनी दूर जा चुकी है कि Gen Z का सब्र अब टूटने लगा है। इसके अलावा उनमें आपस में भी मतभेद उपजने लगे हैं। Gen Z आंदोलन भी अब दो फाड़ होने लगा है, जिसके चलते उनमें बहस के बाद आपस में लात-घूंसे चले। जिसका वीडियो भी अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ऐसे में Gen Z के भीतर एक असंतोष की स्थिति बनती दिख रही है। हालांकि, कई जगहों पर इंटरनेट कटने से इस बात की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
सेना मुख्यालय में चर्चा
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, Gen Z समूह के प्रतिनिधियों ने गुरुवार को भद्रकाली स्थित सेना मुख्यालय में राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और सेना प्रमुख अशोक राज सिगडेल से मुलाकात की। सेना प्रवक्ता ने पुष्टि की कि विभिन्न हितधारकों के साथ वार्ता चल रही है।
प्रवक्ता ने कहा, "हम कई दौर की बातचीत कर रहे हैं। चर्चा का केंद्र बिंदु मौजूदा गतिरोध से निकलने का रास्ता और देश में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।"
बालेन्द्र शाह और हर्क संपंग ने ठुकराया
काठमांडू के मेयर बालेन्द्र शाह को इस पद के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार माना जा रहा था, लेकिन उन्होंने रुचि नहीं दिखाई। धरान नगर पालिका के मेयर हर्क संपंग को भी विकल्प माना गया, मगर प्रदर्शनकारियों ने उन्हें कमजोर उम्मीदवार बताया। ऐसे में, 54 साल के इंजीनियर कुलमान घिसिंग का नाम आगे बढ़ाया गया।
कौन हैं कुलमान घिसिंग?
कुलमान घिसिंग उस समय सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने नेपाल में दशकों से जारी बिजली संकट को खत्म कर दिया था। उनके नेतृत्व में देश को रोजाना 18 घंटे तक की बिजली कटौती से मुक्ति मिली। उन्होंने झारखंड के जमशेदपुर स्थित रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी।
'Gen Z विद्रोह' और हिंसा
नेपाल में सोमवार से युवाओं के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शनों की लहर दौड़ गई, जिसे 'Gen Z विद्रोह' कहा जा रहा है। यह आंदोलन शुरू में सरकार द्वारा 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (जिनमें फेसबुक, एक्स और यूट्यूब शामिल हैं) को ब्लॉक किए जाने के खिलाफ था। बाद में यह आंदोलन भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और रोजगार की कमी जैसे मुद्दों के खिलाफ देशव्यापी विरोध में बदल गया।
सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें बढ़ीं और हालात हिंसक हो गए। पुलिस ने आंसू गैस, रबर की गोलियां और जिंदा गोलियों तक का इस्तेमाल किया। इन झड़पों में अब तक कम से कम 34 लोगों की मौत और 1,000 से अधिक घायल होने की पुष्टि हुई है।
विपक्ष अलाप रहा दूसरा राग
नेपाल कांग्रेस पार्टी के महासचिव गगन थापा और बिश्व प्रकाश शर्मा ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि वे Gen Z समूह के साथ सहयोग को तैयार हैं, लेकिन किसी भी कदम को संवैधानिक और कानूनी ढांचे के भीतर होना चाहिए।
आगे की राह
गुरुवार को काठमांडू में सेना मुख्यालय में गहन चर्चा जारी रही, जिसमें सुशील कार्की और राजशाही समर्थक कार्यकर्ता दुर्गा प्रसाई भी मौजूद थे। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कुलमान घिसिंग को अंतरिम सरकार का नेतृत्व सौंपने पर सहमति बन पाती है या नहीं।
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