Gen-Z आंदोलन के बाद एक्शन में नेपाल सरकार, PM कार्की ने मुख्यमंत्रियों संग बुलाई बैठक, क्या हुए फैसले?
Nepal election 2026: नेपाल की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने रविवार (2 नवंबर, 2025) को आगामी आम चुनाव की तैयारियों के मद्देनज़र सातों प्रांतों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक अहम बैठक की। यह बैठक राजनीतिक संवाद और संघीय सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से बुलाई गई थी।
नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने के बाद कार्की लगातार राजनीतिक स्थिरता और जनविश्वास बहाल करने की दिशा में सक्रिय हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों, युवाओं और नागरिक संगठनों के साथ संवाद की पहल की है ताकि मार्च 2026 में होने वाले चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष माहौल में संपन्न हो सकें।

चुनाव से पहले समन्वय की पहल
प्रधानमंत्री कार्की (Sushila Karki Nepal) की यह बैठक आगामी आम चुनाव की तैयारियों के मद्देनज़र संघीय और प्रांतीय सरकारों के बीच समन्वय बढ़ाने का प्रयास थी। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक तैयारियों और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने सभी मुख्यमंत्रियों से कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए मिलकर काम करना होगा।
राजनीतिक दलों से लगातार संवाद
सुशीला कार्की ने विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से मुलाकात कर चुनावी प्रक्रिया पर चर्चा जारी रखी है। हाल ही में उन्होंने नेपाली कांग्रेस के नेताओं गगन थापा और विश्व प्रकाश शर्मा से मुलाकात की, जिसमें चुनावी प्रतिबद्धताओं और युवाओं की भागीदारी को लेकर सहमति बनी। कार्की चाहती हैं कि सभी दल लोकतंत्र को सुदृढ़ करने के लिए एकजुट होकर काम करें।
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सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारी पर जोर
बैठक में कानून-व्यवस्था की स्थिति और सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका पर विशेष ध्यान दिया गया। गृह मंत्री आर्यल ने बताया कि सरकार चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए सभी संभावित कदम उठा रही है। विभिन्न एजेंसियों को आपसी समन्वय और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
युवाओं और नागरिक समाज की भूमिका
प्रधानमंत्री कार्की ने युवाओं, खासकर जेन ज़ेड समूह के साथ संवाद को लोकतांत्रिक पुनर्निर्माण का अहम हिस्सा बताया। उनका मानना है कि युवाओं की भागीदारी से न केवल चुनावी प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी, बल्कि जनता का विश्वास भी मजबूत होगा। सरकार नागरिक संगठनों को भी इस प्रक्रिया में शामिल कर एक व्यापक राष्ट्रीय सहमति बनाने की दिशा में काम कर रही है।
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