Nepal Earthquake: नेपाल में भूकंप से मरने वालों का आंकड़ा बढ़ा, भारत ने जारी किया इमरजेंसी नंबर
Nepal earthquake India Emergency Number: नेपाल में आए 5.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के कुछ घंटों बाद, भारत ने उन भारतीयों के लिए एक आपातकालीन संपर्क नंबर जारी किया है, जिन्हें तत्काल सहायता की जरूरत है। नेपाल में देर रात आए भूकंप में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 150 को पार कर गया है और आशंका है, कि अभी भी दर्जनों लोग मलबे में दबे हो सकते हैं, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
नेपाल में भारतीय दूतावास की तरफ से एक आपातकाली नंबर जारी किया गया है। भारत ने जो नंबर जारी किया है, वो है +977-9851316807. भारतीय दूतावास ने कहा है, कि आपातकालीन राहत पाने के लिए इस नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।

जाजरकोट था भूकंप का केंद्र
शुक्रवार देर रात जो भूकंप के झटके महसूस किए गए, उनका केंद्र नेपाल का जाजरकोट जिला बताया गया है, जहां भूकंप की वजह से 92 लोगों की मौत हो गई और 55 अन्य घायल हो गए है। इसके अलावा, भूकंप से पड़ोसी रुकुम जिले में कम से कम 36 लोगों की मौत हो गई है, और कम से कम 85 घायल लोगों को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया है।
नेपालगंज शहर के क्षेत्रीय अस्पताल में 100 से ज्यादा बिस्तर अस्पताल में उपलब्ध कराए गए हैं और डॉक्टरों की टीमें घायलों की मदद के लिए खड़ी हैं।
क्षेत्रीय अस्पताल लाए जाने वाले पहले दो लोगों में से एक बिमल कुमार कार्की ने कहा, कि "मैं गहरी नींद में सो रहा था, जब अचानक सबकुछ ज़ोर-ज़ोर से हिलने लगा। मैंने भागने की कोशिश की, लेकिन पूरा घर ढह गया, जिससे मेरा आधा शरीर मलबे में दब गया।"
उन्होंने आगे कहा, कि "मैं जोर से चिल्ला रहा था। मेरे पड़ोसी भी उसी हाल में थे और हर कोई मदद के लिए आवाज दे रहा था। बचावकर्मियों को हमें खोजने में करीब आधे से एक घंटे का वक्त लगा।"
नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षा अधिकारी गिरे हुए घरों से मृतकों और घायलों को निकालने के लिए पूरी रात अंधेरे में ग्रामीणों के साथ काम करते रहे।
आपको बता दें, कि भूकंप रात करीब साढ़े 11 बजे आया था, जब ग्रामीण इलाकों में कई लग सो जाते हैं। लिहाजा, मरने और घायलों की संख्या में इजाफा हुआ है। वहीं, भूकंप के झटके 800 किलोमीटर दूर राजधानी दिल्ली तक महसूस किए गये।

भारत ने की मदद की पेशकश
इस बीच, भारत ने बचाव प्रयासों में मदद की पेशकश की है। भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, किवह नेपाल में भूकंप के कारण जानमाल की हानि और क्षति से बहुत दुखी हैं। उन्होंने कहा, "भारत नेपाल के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है और हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।"
गौरतलब है, कि हिमालय की गोद में बसे नेपाल में भूकंप आना आम बात है। 2015 में 7.8 तीव्रता से आए भूकंप में लगभग 9,000 लोग मारे गए थे और करीब 10 लाख घर गिर गये थे। नेपाल में अकसर भूकंप के झटके आते रहते हैं।












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