जमीन पर दिखने लगा सपनों का शहर ‘The Line’, जानें कैसे मोहम्मद बिन सलमान इसे बनवाकर अमर हो जाएंगे
सैटेलाइट तस्वीरों को देखने पर पता चलता है कि रेगिस्तान की रेत में इमारतों के लिए जमीन को खोदा जा रहा है, जो कि लगभग 200 चौड़ी हैं। इस दौरान कम से कम 425 जमीन खोदने वाले वाहन भी नजर आ रहे हैं।

image credit: @parametricarch twitter
सऊदी अरब के रेगिस्तान में विशालकाय शहर का निर्माण शुरू हो गया है। इसे 'फ्यूचरिस्टिक मेगासिटी' यानी कि 'भविष्य का शहर' कहा जा रहा है। 'द लाइन' नामक यह शहर लंबे समय से सिर्फ कागजी योजनाओं का हिस्सा रहा है लेकिन अब यह शहर खाड़ी देश के विशाल रेगिस्तान में आकार लेने लगा है। नई सैटेलाइट तस्वीरें इसकी गवाही दे रही हैं। इस साल 22 अक्टूबर को चांग गुआंग सैटेलाइट टेक्नोलॉजी कॉरपोरेशन के एक उपग्रह द्वारा ली गई छवियों में मुख्य आधार शिविर से इस शहर की कुछ नई तस्वीरें देखी गई हैं।

जमीन पर दिखने लगा शहर का ढांचा
सैटेलाइट तस्वीरों को देखने पर पता चलता है कि रेगिस्तान की रेत में इमारतों के लिए जमीन को खोदा जा रहा है, जो कि लगभग 200 चौड़ी हैं। इस दौरान कम से कम 425 जमीन खोदने वाले वाहन भी नजर आ रहे हैं। तस्वीर में भारी मशीनरी और बड़ी संख्या में मजदूरों को रेड डॉट से दर्शाया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अकेले इस स्थल पर 1.7 मिलियन क्यूबिक मीटर चट्टान और रेत खोदी जा रही है। आने वाले दिनों में इसे लेकर उत्सुकता और ज्यादा बढ़ सकती है क्योंकि अब शहर का ढांचा जमीन पर दिखाई देने लगा है।

500 बिलियन का है प्रोजेक्ट
500 बिलियन डॉलर के इस प्रोजेक्ट का नाम NEOM रखा गया है। यह NEOM परियोजना सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के दिमाग की उपज है जिसका लक्ष्य करीब 500 मीटर लंबी जुड़वां गगनचुंबी इमारतों का निर्माण करना है जो दर्जनों मीलों तक फैली हो। इस शहर में हर वह सुविधा मौजूद होगी जिसका सपना इंसान देख सकता है। लगभग 170 किमी लंबा यह शहर सिर्फ 200 मीटर चौड़ा होगा और इसमें इमारतों की ऊंचाई 500 मीटर होगी जो कांच से निर्मित होंगी।

अक्टूबर में जारी हुए थे ड्रोन फुटेज
नियोम प्रोजेक्ट के अंतर्गत बनने वाला यह शहर 'द लाइन' दो लंबी और ऊंची समांतर इमारतों के बीच बसा हुआ होगा। द लाइन शहर की दोनों इमारतें करीब 1,600 फीट ऊंची होंगी और एक-दूसरे के समांतर खड़ी होंगी। इस प्रोजेक्ट को 'अर्थ स्क्रैपर' कहा जा रहा है, जिसकी शुरुआत अक्टूबर में हुई थी। पहले भी ड्रोन फुटेज में साइट पर भारी मशीनरी और निर्माण गतिविधियों को देखा गया था। हाल ही में अक्टूबर में सऊदी अरब स्थित ओटी स्काई ड्रोन कंपनी द्वारा नए ड्रोन फुटेज भी जारी किए गए थे।
न के बराबर होगा कार्बन उत्सर्जन
'द लाइन' शहर 34 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में बना होगा तथा इस शहर में लगभग 90 लाख लोग रहेंगे। 'द लाइन' शहर को कुछ इस तरह से बनाया जाएगा कि किसी भी जरूरी जगह पर पहुंचने में 20 मिनट से अधिक का समय नहीं लगेगा। सउदी क्राउन प्रिंस के सपनों के इस शहर में कार्बन उत्सर्जन न के बराबर होगा। इस शहर के निर्माण में कम से कम जमीन का उपयोग किया जाएगा। यह शहर जॉर्डन और मिस्र की सीमा पर स्थित होगा और 2030 तक निवासियों और व्यवसायों का स्वागत करना शुरू कर देगा। हालांकि बिल्डरों और शहरी योजनाकारों का कहना है कि इसे पूरा होने में करीब 50 साल लग सकते हैं।
क्या तेल खत्म होने के डर से इतनी विशाल इमारतें बना रहा है सऊदी अरब?












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