हिंद महासागर की चीन से सुरक्षा के लिए Navy तैयार, Raisina Dialogue में बोले नौसेना प्रमुख
नेवी प्रमुख एडमिरल कुमार कुमार ने हिंदमहासागर में चीन की उपस्थिति पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि नौसेना किसी भी संदिग्धि स्थिति से निपटने के लिए हर क्षण तैयार है।

Navy Chief in Raisina Dialogue: रायसीना डायलॉग में नौसेना प्रमुख एडमिरल कुमार हिंद महासागर की चीन से सुरक्षा को लेकर बड़ी बात कही। नेवी चीफ ने कहा कि हिंद महासागर में वर्ष 2008 के बाद से चीन की उपस्थिति है। उनके पास एंटी-पायरेसी फोर्स है। इसके अलावा चीन के पास शोध पोत और बहुत सी मछली पकड़ने वाली नौकाएं भी हैं। लेकिन जब तक वे शांतिपूर्ण गतिविधियां करते हैं तब तक ठीक है, अन्यथा नेवी किसी भी संदिग्ध गतिविधि से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
रायसीना डायलॉग में शनिवार को शामिल हुए नौसेना प्रमुख एडमिरल कुमार ने यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड के कमांडर एडमिरल जॉन एक्विलिनो, यूके के नेवल स्टाफ के प्रमुख एडमिरल बेन की और जापान के रक्षा मंत्रालय के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल कोजी यामाजाकी के साथ वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत रक्षा के क्षेत्र में क्षेत्रीय समस्याओं का क्षेत्रीय स्तर पर समाधान तलाश रहा है। अंतरिक्ष आधारित निगरानी और समुद्री डोमेन जागरूकता के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण विकास हुआ। एडमिरल कुमार ने कहा कि क्षेत्र में भारत की नीति सम्मान, संवाद, शांति और समृद्धि के सिद्धांतों पर आधारित है और यह प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के एसएजीएआर या क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास के दृष्टिकोण से निर्देशित है।
रायसीना डायलॉग में नौसेना प्रमुख ने हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (IONS) जैसे क्षेत्रीय समूहों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब हम छोटे समूहों में काम करते हैं, तो इससे बहुत सारे उद्देश्य पूरे होते हैं। यह भागीदार देशों के बीच बहुत अधिक विश्वास पैदा करता है। कार्य क्षमता बढ़ने के साथ इसके कई लाभ हैं। उन्होंने कहा, " यह एक कहावत है कि बढ़ता हुआ ज्वार सभी नावों को ऊपर उठा देता है। इसलिए हम एक साथ समृद्धि की ओर देखते हैं। भारत एक ऐसा देश है जो इस क्षेत्र में सभी को एक साथ समृद्ध होते हुए देखता है।"
वहीं जापान के रक्षा मंत्रालय के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल कोजी यामाजाकी ने कहा कि साइबर स्पेस और बाहरी अंतरिक्ष दो महत्वपूर्ण डोमेन हैं जहां हमारे विरोधी बहुत सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि जापान इस संबंध में सुरक्षित और लचीला बनने के लिए व्यापक रक्षा क्षमताओं के निर्माण की दिशा में काम कर रहा है। जबकि यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड के कमांडर एडमिरल जॉन एक्विलिनो ने कहा कि कम समय में एआई तकनीकी के रीयल टाइम में लाभ लेने की आवश्यता पर जोर दिया।
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