नसीरुद्दीन शाह के बयान को पाकिस्तान ने बताया सही, कहा-'मोदी Govt है फासीवादी सरकार'
इस्लामाबाद, 30 दिसंबर। दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के विवादित बयान पर अभी तक भारत के किसी भी राजनीतिक हस्ती ने तो प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन सोशल मीडिया पर जबरदस्त ढंग से बवाल मचा है तो वहीं पाकिस्तान की ओर से भी इस बयान को सही बताते हुए मोदी सरकार पर वार किया गया है और शाह के हमदर्द बनने की कोशिश की गई है। सरकारी ब्रॉडकास्टर रेडियो पाकिस्तान ने इस बारे में एक ट्वीट किया है, जिसमें उसने मोदी सरकार को फासीवादी सरकार कह डाला है।

मोदी Govt को कहा 'फासीवादी सरकार'
उसने अपने Tweet में कहा है कि 'प्रसिद्ध भारतीय अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने फासीवादी मोदी सरकार से मुसलमानों के नरसंहार को रोकने के लिए कहा है और चेतावनी दी है कि उत्पीड़न से गृहयुद्ध हो सकता है।'
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'मुसलमानों को दोयम दर्जे का नागरिक बनाया जा रहा '
केवल रेडियो पाकिस्तान ने ही नहीं बल्कि PTV News ने भी नसीरुद्दीन शाह के इंटरव्यू को Tweet करते हुए लिखा है कि 'जाने-माने पत्रकार करण थापर के इंटरव्यू में मशहूर एक्टर नसीरुद्दीन शाह ने बोला कि भारत में मुसलमानों को दोयम दर्जे का नागरिक बनाया जा रहा है और ये हर क्षेत्र में हो रहा है। ये सही नहीं है।' कुल मिलाकर इस वक्त पाकिस्तानी मीडिया में नसीरुद्दीन शाह छाए हुए हैं और उनकी तारीफ करते हुए मोदी सरकार को घेरा जा रहा है।

'इस लड़ाई में दुनिया और पाक कहां खड़े होंगे'
यही नहीं पाकिस्तान के पूर्व राजनयिक जफर हिलाली ने भी इस मामले में Tweet किया है कि 'अंतत: एक प्रमुख भारतीय व्यक्तित्व और दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह गृहयुद्ध की चेतावनी दे रहे हैं, यदि मोदी सरकार 200 मिलियन मुसलमानों के भारत को 'शुद्ध' करने के उद्देश्य से अपनी नरसंहार नीति जारी रखती है तो कोई सवाल ही नहीं है कि इस लड़ाई में दुनिया और पाक कहां खड़े होंगे।'

'भाजपा ये सब चुनाव जीतने के लिए करती है'
पूर्व राजनयिक अब्दुल बासित ने इस बारे में Tweet किया है कि 'जब से सत्ता में भाजपा और आरएसएस आए हैं, तब से ही भारत में मुसलमानों की हालत खराब हो गई है। उनके खिलाफ हिंसा बढ़ गई है। भाजपा ये सब चुनाव जीतने के लिए करती है , ये सब बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।'
क्या कहा नसीरुद्दीन शाह ने?
नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि 'इस वक्त भारत में मुसलमान उत्पीड़न के शिकार हैं,उन्हें डराया जा रहा है। चर्च-मस्जिद तोड़े जा रहे अगर मंदिर तोड़ा जाए तो सोचिए कैसा लगेगा?'
सत्ताधारी दल अलगाववाद को बढ़ावा दे रहा है
नसीरुद्दीन शाह का मानना है कि 'कुछ मुसलमानों के नरसंहार का आह्वान कर रहे हैं, सत्ताधारी दल अलगाववाद को बढ़ावा दे रहा है और औरंगजेब को बदनाम किया जा रहा है। ये सब गृहयुद्ध को बढ़ावा देने जैसा है। ये एक चिंताजनक स्थिति है।'












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