NASA में 20% कर्मचारियों की छंटनी से भूचाल, कई मिशन पर संकट, क्यों छोड़ रहे हैं वैज्ञानिक
NASA employee layoffs 2025: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है, जहाँ इसके लगभग 20 प्रतिशत कर्मचारियों के संस्थान छोड़ने की खबर ने अंतरिक्ष विज्ञान समुदाय में हलचल मचा दी है। यह निर्णय ऐसे समय पर आया है जब ट्रंप प्रशासन संघीय संस्थाओं के पुनर्गठन और आकार को सीमित करने की नीति पर आक्रामकता से काम कर रहा है।
नासा द्वारा अपनाई गई डिफर्ड रेजिग्नेशन योजना के तहत अब तक 3,870 से अधिक कर्मचारी स्वेच्छा से इस्तीफा देने के लिए आवेदन कर चुके हैं। यह परिवर्तन केवल एक आँकड़ा भर नहीं, बल्कि नासा की दीर्घकालिक मिशन-क्षमता, सुरक्षा मानकों और वैज्ञानिक विशेषज्ञता के भविष्य पर गहराते प्रश्न हैं। हालांकि नासा इसे 'एक अधिक कुशल और आधुनिक संगठन' की दिशा में उठाया गया कदम बता रहा है, लेकिन अंदरखाने और वैज्ञानिक समुदाय में चिंता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।

3,870 कर्मचारियों ने चुना विदाई का रास्ता
नासा के प्रवक्ता के अनुसार, अब तक करीब 3,870 कर्मचारी डिफर्ड रेजिग्नेशन प्रोग्राम के तहत एजेंसी छोड़ने का निर्णय ले चुके हैं। हालांकि यह संख्या अंतिम नहीं मानी जा रही है कुछ आवेदन अंतिम रूप में हैं, तो कुछ को रद्द भी किया जा सकता है। इन इस्तीफों और स्वाभाविक सेवानिवृत्तियों के बाद नासा को उम्मीद है कि उसका कार्यबल करीब 14,000 सिविल सेवकों तक सिमट जाएगा। एजेंसी ने इसे 'एक अधिक कुशल और आधुनिक संगठन' बनाने की दिशा में एक जरूरी कदम बताया है, लेकिन इसके असर को लेकर अंदरूनी हलचल शुरू हो चुकी है।
मिशन सुरक्षा को खतरा?
नासा ने अपने बयान में कहा है, 'सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम एक अधिक दक्ष संगठन बनने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि चंद्रमा और मंगल जैसे मिशनों के लिए हमारी क्षमताएं पूरी तरह बनी रहें।' हालाँकि, कई विशेषज्ञों और पूर्व कर्मचारियों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों के जाने से एजेंसी की मिशन तैयारियों, तकनीकी विशेषज्ञता और संस्थागत ज्ञान को गंभीर नुकसान पहुँच सकता है।
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एलन मस्क की भूमिका और ट्रंप की नीति
गौरतलब है कि ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद यह दूसरा बड़ा छंटनी अभियान है। पहले दौर में, एक बायआउट योजना के तहत करीब 870 कर्मचारियों ने एजेंसी छोड़ी थी। इस पहल का नेतृत्व डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी ने किया था, जिसके प्रमुख टेक उद्यमी एलन मस्क थे। हालांकि, उन्होंने अब ट्रंप सरकार से इस्तीफा दे दिया है।
अब जून 2025 में शुरू हुए दूसरे दौर में 16.4% अतिरिक्त कर्मचारी यानी करीब 3,000 लोग इस योजना में शामिल हुए हैं। नासा की पूर्व कार्यवाहक प्रशासक जेनेट पेट्रो ने स्पष्ट किया, 'हमारा उद्देश्य है कि भविष्य में जबरन छंटनी की जरूरत न पड़े। यह योजना उसी दिशा में एक प्रयास है।'
'वॉयेजर डिक्लेरेशन' कर्मचारियों का सामूहिक विरोध
नासा के इंटरिम एडमिनिस्ट्रेटर शॉन डफी (जो अमेरिकी परिवहन विभाग के प्रमुख भी हैं) को संबोधित एक खुला पत्र - The Voyager Declaration में सैकड़ों वर्तमान और पूर्व नासा कर्मचारियों ने गहरी चिंता जताई है। 'हज़ारों नासा कर्मचारी पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं या जल्दी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनके साथ गया ज्ञान और अनुभव अब वापस नहीं आएगा और यह NASA के दीर्घकालिक मिशनों के लिए एक बड़ा खतरा है। फरवरी 2025 में नासा ने अपने प्रोबेशनरी कर्मचारियों को छंटनी से बचाने के लिए एक ब्लैंकेट वेवर माँगा था, लेकिन अब हो रहे सामूहिक इस्तीफों ने इन उपायों की सीमाएं उजागर कर दी हैं।
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