Trump U Turn: अपनी ही बातों से फिर पलटे ट्रंप, अखबार में लीक हुई बातचीत तो फेर लिया मुंह!
Trump U Turn: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी बातें। खुद कहते हैं और खुद ही पलट जाते हैं। वे दुनिया कके इकलौते शख्स हैं जो बम गिराने के बाद नोबल शांति पुरुस्कार के लिए खुद को योग्य उम्मीदवार मानते हैं। अपनी ऐसी ही बातों के लिए एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने अपनी ही बातों से एक बार फिर यू-टर्न ले लिया हैं।
ट्रंप ने अपनी ही बातों का खंडन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने 15 जुलाई को उन रिपोर्टों को खारिज किया है जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने यूक्रेन को रूस में अंदर तक हमला करने के लिए कहा था। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को मॉस्को (क्रेमलिन) को निशाना नहीं बनाना चाहिए।

मैं इंसानियत के पक्ष में- ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप का यह बयान सीजफायर को लेकर पुतिन को चेतावनी देने और यूक्रेन को हथियारों की नई खेप देने के एलान के एक दिन बाद आया है। डोनल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, 'मैं किसी के पक्ष में नहीं हूं। मैं इंसानियत के पक्ष में हूं, क्योंकि मैं यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध के चलते हो रही इंसानों की मौत को रोकना चाहता हूं।'
'जेलेंस्की से ट्रंप ने पूछा था- मॉस्को पर हमला कर पाओगे'
इससे पहले, फाइनेंशियल टाइम्स ने एक रिपोर्ट में दावा किया था कि ट्रंप ने जेलेंस्की से बातचीत में पूछा था कि अगर यूक्रेन को लंबी दूरी के हथियार दिए जाएं तो क्या वह मॉस्को पर हमला कर सकते हैं। इसके जवाब में जेलेंस्की ने कहा था, 'हां, अगर आप हमें हथियार देंगे तो हम ऐसा कर सकते हैं।' ये बताता है कि ट्रंप ने पहले जेलेंस्की से ये बात पूछी फिर अपनी ही बता से यू-टर्न मार लिया।
कभी हां-कभी ना
लेकिन 15 जुलाई को राष्ट्रपति ट्रंप ने इस खबर का खंडन किया। रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'नहीं, जेलेंस्की को मॉस्को को निशाना नहीं बनाना चाहिए।' अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बेहद निराश हैं। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने हाल में कई संघर्षों को खत्म करने में मदद की है, लेकिन रूस और यूक्रेन का मसला अब भी अनसुलझा है। उन्होंने इसे 'बाइडेन युद्ध' बताया और जोर देकर कहा कि उनका लक्ष्य अमेरिका को इस स्थिति से बाहर निकालने का रास्ता खोजना है।
नई डेडलाइन और टैरिफ की धमकी
इससे पहले डोनल्ड ट्रंप ने रूस को यूक्रेन के साथ सीजफायर समझौता करने के लिए 50 दिनों का डेडलाइन दिया है। व्हाइट हाउस में 14 जुलाई को पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने बताया कि अगर 50 दिनों में कोई समझौता नहीं हुआ तो रूस पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। उन्होंने बताया कि ये 'सेकेंडरी टैरिफ' होगा। इसका मतलब है कि रूस से तेल खरीदने वाले देशों, जैसे भारत और चीन पर भी प्रतिबंध लगेगा।
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