PM Modi Itly Visit: नरेन्द्र मोदी G7 Summit में हिस्सा लेने कल जाएंगे इटली, जॉर्जिया मेलोनी ने भेजा था न्योता
PM Modi Italy Visit: नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा पर गुरुवार को G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने इटली निकल रहे हैं। G7 शिखर सम्मेलन का आयोजन हर साल किया जाता है, हालांकि भारत इसका स्थाई सदस्य नहीं है, लेकिन हर साल भारत को बतौर अतिथि इसमें शामिल किया जाता है।
भारत के विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए पीएम मोदी की इटली यात्रा की जानकारी दी है, हालांकि उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात के संकेत दिए हैं, कि प्रधानमंत्री स्विट्जरलैंड में होने वाले यूक्रेन शांति शिखर सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेंगे।

हालांकि, उन्होंने कहा कि इटली में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ द्विपक्षीय बैठक को अस्वीकार नहीं किया जा सकता।
G7 ग्रुप क्या है?
दुनिया के सात सबसे शक्तिशाली लोकतांत्रिक देशों ने मिलकर जी-7 का गठन किया है, जिसकी हर साल बैठक होती है, जिसमें सातों देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल होते हैं और आर्थिक मुद्दों पर बात करते हैं। भारत को हर साल बतौर अतिथि देश के तौर पर जी7 की बैठक में आमंत्रित किया जाता है, लेकिन अभी तक भारत इसका स्थायी सदस्य नहीं बन पाया है।
जी-7 में अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और ब्रिटेन शामिल हैं और इस बार जी-7 की मेजबानी इटली करने वाला है, जबकि पिछले साल इसकी मेजबानी जापान ने की थी और उससे पहले जर्मनी इसका होस्ट देश था। भारत इस संगठन का हिस्सा नहीं है, लेकिन पिछले कई सालों से बतौर मेहमान जी-7 में भाग लेता रहा है। पीएम मोदी से पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी जी-7 की बैठकों में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होते थे।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत को जी7 देशों के इस ग्रुप में शामिल करने की मांग कर चुके हैं और यही मांग ब्रिटेन के पूर्व प्रधाननमंत्री बोरिस जॉनसन भी कर चुके हैं। जबकि, फ्रांस, जापान और इटली से भी भारत के काफी मजबूत संबंध हैं, फिर भी भारत इस ग्रुप का हिस्सा क्यों नहीं बना है।












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