नारायण मूर्ति को पसंद नहीं थे ऋषि सुनक, जानिए कैसे एक ही मुलाकात में बदल गया अक्षता मूर्ति के पिता का मन
छवि को ठेस पहुंचाने के लिए अक्षता की संपत्ति को लेकर कुछ विवाद भी हुए जिस कारण यह जोड़ी सुर्खियों में रही। अब जब सुनक पीएम बन गए हैं तो एक बार फिर से अक्षता चर्चा में हैं।
ब्रिटेन को अपना नया प्रधानमंत्री मिल गया है। बोरिस के नाम वापस लेने के बाद भारतीय मूल के ऋषि सुनक का मुकाबला पेनी मॉर्डन्ट से चल रहा था। आखिरी वक्त में पेनी ने अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद से ही सुनक का नाम लगभग तय हो गया था। इसके बाद सुनक के नाम पर अंतिम मुहर लगी। वे ब्रिटेन के पहले भारतीय मूल के और पहले गैर-श्वेत प्रधानमंत्री बनेंगे।इसके साथ ही वे पहले गैर-श्वेत प्रधानमंत्री हैं। गौरतलब है कि साल 2022 में ब्रिटेन को तीसरा प्रधानमंत्री मिला है। इससे पहले बोरिस जॉनसन और लिज ट्रस इस साल प्रधानमंत्री पद को संभाल चुके हैं। पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक ब्रिटेन के 57वें प्रधानमंत्री होंगे। सोमवार शाम उनके नाम का आधिकारिक एलान कर दिया गया है।
image- social media

काफी चर्चा में रही है ऋषि-अक्षता की जोड़ी
बोरिस जॉनसन के बाद ऋषि सुनक ने प्रधानमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी। ऋषि सुनक चुनाव हार गए थे लेकिन लिज ट्रस इस प्रतिष्ठित पद को अपने पास बस 45 दिन के लिए अपने पास रख सकीं और एक बार फिर से कंजर्वेटिव पार्टी में पीएम पद के लिए चुनाव हुआ जिसमें अंततः जीत ऋषि सुनक की हुई। बीते कुछ समय से सुनक की लोकप्रियता बढ़ती गई जिसकी कीमत अक्षता को भी चुकानी पड़ी। ऋषि की छवि को ठेस पहुंचाने के लिए अक्षता की संपत्ति को लेकर कुछ विवाद भी हुए जिस कारण यह जोड़ी सुर्खियों में रही। अब जब सुनक पीएम बन गए हैं तो एक बार फिर से अक्षता चर्चा में हैं।

2009 में हुई थी ऋषि-अक्षता की शादी
ब्रिटेन के पहले भारतीय मूल के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और अक्षता मूर्ति की शादी को 13 साल पूरे हो चुके हैं। अक्षता मूर्ति अरबपति इंफोसिस के सह-संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति और शिक्षिक, लेखिक और समाजसेवी सुधा मूर्ति की बेटी हैं। ऋषि सुनक जब स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए की पढ़ाई कर रहे थे तभी उनकी मुलाकात अक्षता मूर्ति से हुई थी। अक्षता मूर्ति एक फैशन डिजाइनर हैं, उन्होंने भी स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए की पढ़ाई की थी।

बेहद साधारण तरीके से हुई थी ऋषि-अक्षता की शादी
चार साल तक एक दूसरे को डेट करने के बाद इन दोनों ने 30 अगस्त 2009 को बैंगलोर में पारंपरिक तरीके से शादी कर ली। हम जानते हैं कि भारत में शादियां एक जुनून है। हर बड़ी हस्ती की शादी जबरदस्त कवरेज लिए होती है। शादी को लेकर ऐसा माहौल क्रिएट हो जाता है कि महीनों तक उसके चर्चे होते हैं। लेकिन यहां कुछ ऐसा नहीं हुआ। अरबों की संपत्ति होने के बावजूद भी मेहमानों के लिए शादी में साधारण दक्षिण भारतीय खाना परोसा गया था। लगभग 500 लोग शादी में शामिल हुए थे। यह शादी भले ही अत्यधिक साधारण तरीके से संपन्न हुई हो मगर इसमें विप्रो चेयरमैन सहित अन्य कई चर्चित हस्तियों ने हिस्सा लिया था। विवाह समारोह में राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

ऋषि से मिलकर बदला नारायणमूर्ति का मन
शादी से पहले जब अक्षता ने अपने और ऋषि के बारे में पिता नारायण मूर्ति को बताया, तब वो बहुत उत्साहित नहीं हुए। लेकिन कुछ महीनों बाद ऋषि से मिलने के बाद उनकी सोच पूरी तरह बदल गई और उन्होंने दोनों के रिश्ते के लिए हामी भर दी। सुधा मेनन की क़िताब 'लिगेसी : लेटर्स फ्रॉम एमिनेंट पैरंट्स टू देयर डॉटर्स' में नारायण मूर्ति लिखते हैं, "मैंने ऋषि से मुलाकात की और उनमें वह सब कुछ पाया, जो तुमने बताया था। बेहद शानदार व्यक्तित्व, सुंदर और सबसे महत्वपूर्ण बात कि ईमानदार। मैं समझ गया कि उन्होंने तुम्हारा दिल क्यों चुरा लिया। तब जाकर कहीं मैं तुम्हारा प्यार उसके साथ साझा करने के लिए ख़ुद को राजी कर सका।"
पहली बार ब्रिटेन पर राज करेगा 'हिंदुस्तानी, ऋषि सुनक बने ब्रिटेन के पहले भारतीय मूल के प्रधानमंत्री












Click it and Unblock the Notifications