'इस्लाम अपनाओ, जन्नत जाओ ,' ब्रिटिश स्कूलों में हिन्दू छात्रों से नफरती हिंसा, मुस्लिम छात्र फेंकते हैं बीफ
पिछले महीने यूके की गृहमंंत्री ने कहा था, कि पाकिस्तानी मूल के नागरिक गोरी और ईसाई लड़कियों को गिरोह बनाकर ड्रग्स देते हैं, उनसे रेप करते हैं और उनकी संस्कृति को खराब करने की कोशिश करते हैं।

UK Muslim: पिछले महीने ब्रिटेन की गृहमंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने दावा किया था, कि पाकिस्तानी मूल के मुस्लिम यूके की गोरी लड़कियों का गिरोह बनाकर शिकार करते हैं, उन्हें ड्रग्स देते हैं, उनका रेप करते हैं और उनके कल्चर को खराब करने की कोशिश करते हैं।
अब, लंदन स्थित एक थिंक टैंक ने दावा किया है, कि यूके की स्कूलों में हिन्दू छात्रों के साथ बुरे स्तर का भेदभाव किया जाता है, उन्हें नस्ली हिंसा का शिकार बनाया जाता है, और स्कूल के अंदर मुस्लिम छात्र, उन्हें बार बार इस्लाम कबूल करने के लिए प्रेशर बनाते हैं, डराते-धमकाते हैं और जीवन आसान बनाने के लिए मुसलमान बन जाने के लिए कहते हैं।
ब्रिटेन के बड़े अखबार द टेलीग्राफ ने हेनरी जैक्सन सोसाइटी के एक स्टडी रिपोर्ट के हवाले से बताया है, कि मुस्लिम विद्यार्थियों ने "काफ़िर" जैसे शब्दों का उपयोग करते हुए हिंदुओं को धर्मपरिवर्तन के लिए कहते है। स्कूल के अंदर हिन्दू छात्रों को कहा जाता है, कि 'अविश्वासियों को नर्क में जाना पड़ता है।' इस सर्वेक्षण में शामिल आधे हिंदू माता-पिता ने बताया, कि उनके बच्चों ने स्कूलों में हिंदू-विरोधी नफरत का अनुभव किया है, जबकि सर्वेक्षण में शामिल 1 प्रतिशत से भी कम स्कूलों ने पिछले पांच वर्षों में हिंदू-विरोधी घटनाओं की सूचना दी है।
ब्रिटिश स्कूलों में हिन्दू छात्रों से नफरत
द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, देश भर के 988 हिंदू माता-पिता और 1,000 से ज्यादा स्कूलों के अंदर जाकर ये सर्वेक्षण किया गया है, जिसमें पाया गया है, कि स्कूलों के अंदर हिन्दू छात्रों से काफी खतरनाक स्तर तक अपमान किया जाता है और उन्हें नस्लीय हिंसा का शिकार बनाया जाता है।
रिपोर्ट से पता चला है, कि हिन्दुओं के शाकाहारी होने पर उनका मजाक उड़ाया जाता है, हिन्दू देवी-देवताओं पर अपमानजनक टिप्पणियां की जाती हैं। ये वैसी ही टिप्पणियां हैं, जो पिछले साल लीसेस्टर शहर में इस्लामिक चरमपंथियों ने मंदिरों पर हमले के दौरान किए थे। आपको बता दें, कि पिछले साल लीसेस्टर शहर में इस्लामिक चरमपंथियों ने हिन्दू मंदिरों पर हमले किए थे और हिन्दुओं के खिलाफ काफी नफरती बयानबाजी की थी।
द टेलीग्राफ के मुताबिक, स्टडी रिपोर्ट में कहा गया है, कि "एक स्कूल में एक हिन्दू छात्रा के ऊपर गाय का मांस तक फेंका गया और एक पुरूष हिन्दू छात्र को इतना धमकाया गया, कि उसे तीन बार पूर्वी लंदन में अपना स्कूल बदलना पड़ा। वहीं, 8 हिन्दू छात्रों पर शारीरिक हमले किए गये।"
एक हिन्दू बच्चे ने बताया, कि "उसे स्कूल के अंदर उसके मुस्लिम दोस्तों ने कहा, कि अगर वो इस्लाम धर्म में कन्वर्ट हो जाते हैं, तो उनका जीवन काफी आसान हो जाएगा।" वहीं, एक और हिन्दू बच्चे से कहा गया, कि "तुम ज्यादा समय तक जिंदा नहीं रहोगे और अगर तुम्हें जन्नत जाना है, तो तुम्हें इस्लाम धर्म अपनाना होगा।" वहीं, एक हिन्दू छात्र से कहा गया, कि "शाकाहारी हिन्दू खाद्य श्रृंखला में सबसे नीचले पायदान पर होते हैं और हम उन्हें खा लेंगे।"
स्टडी रिपोर्ट से पता चला है, कि ब्रिटिश स्कूलों में हिन्दू छात्रों को कई और स्तर पर प्रताड़ित किया जाता है, जैसे हिन्दुओं की पूजा पद्धति या फिर कई और अन्य तरहों से उन्हें टॉर्चर किया जाता है।
स्कूलों की तरफ से कार्रवाई नहीं
Recommended Video

सर्वेक्षण में पाया गया, कि सिर्फ 15 प्रतिशत हिन्दू अभिभावकों का ही मानना था, कि स्कूलों के अंदर होने वाले हिन्दू विरोधि घटनाओं को पर्याप्त स्तर तक संबोधित किया जाता है। मिल्टन कीन्स के कंजर्वेटिव एमपी बेन एवरिट ने द टेलीग्राफ को बताया, कि ये निष्कर्ष "हानिकारक" हैं और उन्होंने धार्मिक शिक्षा में तत्काल सुधार की मांग की है। उन्होंने कहा, कि "इस रिपोर्ट के निष्कर्ष हानिकारक हैं और विभिन्न विषयों और रूपों पर प्रकाश डालते हैं जो कक्षा में हिंदू-विरोधी भेदभाव को मूर्त रूप देते हैं।"












Click it and Unblock the Notifications