अमेरिका में ‘बाबा का बुलडोजर’ देख नाराज हो गए सांसद, बोले- ये सब यहां बिल्कुल नहीं चलने देंगे
वाशिंगटन, 03 सितंबरः अमेरिका के दो शीर्ष सांसदों ने बीते महीने 'इंडिया डे परेड' में बुलडोजर की तस्वीर लगी तख्ती का प्रदर्शन किए जाने की कड़ी निंदा की है। दरअसल न्यू जर्सी के ओक ट्री रोड पर 14 अगस्त को एक परेड का आयोजन किया गया था इसमें पीएम मोदी और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ हिंदी में लिका बाबा का बुलडोजर शब्दों के साथ एक तख्ती को दिखाया गया था। बाबा एक उपनाम है जिसे योगी आदित्यनाथ के समर्थक उनके लिए इस्तेमाल करते हैं। इस प्रदर्शनी का स्थानीय मुस्लिमों ने विरोध किया था।

अमेरिकी सांसदों ने की निंदा
अब अमेरिका के दो शीर्ष सांसदों ने पिछले महीने न्यू जर्सी के एडिसन में इंडिया डे परेड में एक बुलडोजर का प्रदर्शन करने की निंदा की है। सीनेटर बॉब मेनेंदेज और कोरी बूकर ने इस सप्ताह भारतीय-अमेरिकी मुस्लिम परिषद के एक प्रतिनिधिमंडल और समुदाय के कई समूहों से मुलाकात की, जो एडिसन सिटी में लोकप्रिय इंडिया डे परेड में एक बुलडोजर का प्रदर्शन करने के खिलाफ थे। मुस्लिम समुदाय के कुछ समूहों ने इस दौरान आरोप लगाया कि बुलडोजर घृणा अपराध का प्रतीक बन चुका है।

विध्वंस का प्रतीक है बुलडोजर
समूह ने दावा किया कि यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अतिक्रमण हटाने की आड़ में घरों को ध्वस्त करने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया है। इनमें से अधिकांश अभियान मुसलमानों के स्वामित्व वाली संपत्तियों पर लक्षित थे। हालांकि, भारत सरकार सहित यूपी सरकार ने भी इस आरोप का खंडन किया है। सीनेटर मेनेंदेज और बूकर ने शुक्रवार को एक संयुक्त बयान में कहा, इस सप्ताह हमने न्यू जर्सी के दक्षिण एशियाई समुदाय के नेताओं तथा सदस्यों से मुलाकात की, जो पिछले महीने एडिसन में इंडिया डे परेड में एक बुलडोजर का प्रदर्शन करने से बहुत नाराज और आहत थे।
भारतीय व्यापार संघ ने मांगी माफी
सांसदों ने कहा कि बुलडोजर भारत में मुस्लिमों तथा अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों को डराने-धमकाने का एक प्रतीक बन गया है तथा समारोह में इसे शामिल करना गलत था। विवाद गहराता देख भारतीय व्यापार संघ ने भी परेड में बुलडोजर को शामिल किए जाने को लेकर माफी मांगी है। एसोसिएशन ने न्यू जर्सी में एडिसन और वुडब्रिज टाउनशिप के मेयरों को दिए अपने माफी पत्र में स्वीकार किया कि स्वतंत्रता दिवस के आयोजन के कुछ पहलुओं ने भारतीय अमेरिकी अल्पसंख्यक समूहों, विशेष रूप से मुसलमानों को नाराज किया है।
परेड में राजनीति की जरूरत नहीं
इंडियन बिजनेस एसोसिएशन ने कहा कि परेड को संस्कृतियों और धर्मों के समावेश और विविधता का उत्सव होना चाहिए था। एसोसिएशन ने कहा कि दुर्भाग्य से परेड की झांकियों के बीच एक बुलडोजर था जो कि एक विभाजनकारी छवि है जिससे हमारे मिशन का दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है। एसोसिएशन ने कहा कि हमारा मानना है कि हमारे परेड में कभी भी राजनीति नहीं होनी चाहिए। और कभी इन विभाजनकारी तत्वों को इसमें शामिल नहीं होना चाहिए। हमारी परेड को हमें देश के दो सबसे अच्छे शहरों में रहने वाले दक्षिण एशियाई के रूप में पहचानना चाहिए।












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