Mossad के हत्थे चढ़ गए होते Asim Munir, स्विटजरलैंड में था निपटाने का प्लान, फिर कैसे बची जान?
Mossad Plan To Kill Munir: अंतरराष्ट्रीय राजनीति और खुफिया एजेंसियों की दुनिया में उस समय हलचल मच गई जब ब्राजील के जाने-माने पत्रकार और भू-राजनीतिक विश्लेषक पेपे एस्कोबार ने एक बेहद सनसनीखेज दावा किया। एस्कोबार का कहना है कि पाकिस्तान की सैन्य खुफिया एजेंसी ने इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद की एक कथित साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया।
दावे के मुताबिक, यह साजिश स्विट्जरलैंड में आयोजित एक शांति सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को निशाना बनाने से जुड़ी थी। अगर यह दावा सही साबित होता है तो यह हाल के सालों की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय खुफिया वारदातों में से एक हो सकती है।

सोशल मीडिया चर्चा में सामने आया दावा
पेपे एस्कोबार ने यह दावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर हुई एक चर्चा के दौरान किया। इस चर्चा की मेजबानी लेबनानी-ऑस्ट्रेलियाई उद्यमी और राजनीतिक विश्लेषक मारियो नावफल कर रहे थे। चर्चा के दौरान एस्कोबार ने आरोप लगाया कि इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद पाकिस्तानी सैन्य प्रतिनिधिमंडल और खास तौर पर सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को निशाना बनाने की योजना पर काम कर रही थी। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों को इस कथित साजिश की जानकारी पहले ही मिल गई थी।
दावे के बाद शुरू हुई नई बहस
इस खुलासे के बाद अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें और चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि अभी तक न तो पाकिस्तान सरकार और न ही इजरायल सरकार ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया है। यही वजह है कि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
पाकिस्तान को कैसे मिली थी जानकारी?
पेपे एस्कोबार के मुताबिक, पाकिस्तान की सैन्य खुफिया एजेंसियों को इस कथित साजिश के बारे में बेहद विश्वसनीय और पुख्ता जानकारी मिली थी। इसके बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करने का फैसला किया।
हालांकि पाकिस्तान और इजरायल के बीच औपचारिक कूटनीतिक संबंध नहीं हैं, इसलिए पाकिस्तान ने सीधे तेल अवीव से संपर्क नहीं किया। इसके बजाय उसने अपने पारंपरिक कूटनीतिक चैनलों और मध्यस्थ देशों का सहारा लिया।
ओमान के जरिए भेजा गया मैसेज
एस्कोबार ने दावा किया कि पाकिस्तान ने ओमान के माध्यम से इजरायल तक एक बेहद कड़ा संदेश पहुंचाया। उनके मुताबिक, पाकिस्तानी अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि यदि उनके प्रतिनिधिमंडल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई तो उसका अंजाम बुरा होगा। एस्कोबार ने अपने सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान ने अपने मैसेज में कहा था-
"अगर हमारे प्रतिनिधिमंडल को छूने की भी कोशिश की गई, तो हम तुम्हें दुनिया के नक्शे से मिटा देंगे।"हालांकि इस कथित संदेश की भी किसी सोर्स से पुष्टि नहीं हुई है।
स्विट्जरलैंड में हुआ था शांति सम्मेलन
यह पूरा घटनाक्रम कथित तौर पर स्विट्जरलैंड में आयोजित एक शांति सम्मेलन के दौरान हुआ था। हाल ही में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर स्विट्जरलैंड गए थे। बताया गया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच संबंधों को सामान्य बनाने और क्षेत्रीय शांति प्रयासों को आगे बढ़ाना था। हालांकि इस बैठक के बारे में सार्वजनिक रूप से बहुत अधिक जानकारी सामने नहीं आई थी।
सुरक्षा एजेंसियों की रहस्यमयी चुप्पी
इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प बात यह है कि अब तक स्विट्जरलैंड, अमेरिका या पाकिस्तान की किसी भी सुरक्षा एजेंसी ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इतना ही नहीं, सम्मेलन के दौरान किसी संभावित सुरक्षा खतरे को लेकर कोई सार्वजनिक सुरक्षा अलर्ट भी जारी नहीं किया गया था। यही कारण है कि कई विशेषज्ञ इस पूरे मामले को बेहद सावधानी से देखने की सलाह दे रहे हैं।
फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे बड़ी समस्या यह है कि दावों के समर्थन में कोई सार्वजनिक सबूत सामने नहीं आया है। न तो किसी सरकार ने पुष्टि की है और न ही किसी स्वतंत्र एजेंसी ने इसकी जांच रिपोर्ट जारी की है। इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में सामने आने वाली जानकारियों का इंतजार करना जरूरी होगा। बिना ठोस प्रमाण के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
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