Passport Fee Hike 2026: 1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा, अब कितने रुपये चुकाने होंगे? किसे 10% छूट?
Passport Fee Hike 2026: भारत सरकार ने पासपोर्ट बनवाने की फीस में बड़ा इजाफा कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट नियम, 1980 में संशोधन करते हुए नई फीस संरचना जारी कर दी है, जो 1 जुलाई 2026 से लागू हो जाएगी। आम नागरिकों को अब पासपोर्ट बनवाने या रिन्यू कराने के लिए 1,000 रुपये तक अतिरिक्त खर्च करने पड़ सकते हैं।
यह बढ़ोतरी पासपोर्ट सेवाओं को और बेहतर, डिजिटल और तेज बनाने के लिए की गई है, लेकिन आम आदमी के बजट पर सीधा असर डालेगी। आइए विस्तार से जानते हैं कि कितना हुआ इजाफा?

नई फीस vs पुरानी फीस: पूरा कंपेरिजन
| पासपोर्ट प्रकार | पुरानी फीस (रुपये) | नई फीस (1 जुलाई 2026 से) | बढ़ोतरी (रुपये) |
|---|---|---|---|
| 36 पन्ने - सामान्य | 1,500 | 2,500 | +1,000 |
| 36 पन्ने - तत्काल | 3,500 | 5,000 | +1,500 |
| 60 पन्ने - सामान्य | 2,000 | 3,500 | +1,500 |
| 60 पन्ने - तत्काल | 4,000 | 6,000 | +2,000 |
नोट: 15 से 18 साल के नाबालिग जो वयस्क श्रेणी में आवेदन करते हैं, उन्हें भी वयस्कों वाली ही फीस चुकानी होगी।
वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को 10% छूट
सरकार ने कुछ राहत भी दी है:
- 8 साल तक के बच्चों और 60 साल से ऊपर के वरिष्ठ नागरिकों को नए आवेदन (Fresh Passport) पर 10% छूट मिलेगी।
- यह छूट री-इश्यू (नवीनीकरण) पर लागू नहीं होगी।
- उदाहरण: 36 पन्नों के सामान्य पासपोर्ट पर 2,500 रुपये की जगह लगभग 2,250 रुपये चुकाने होंगे।
New Passport Fees from 1 July: क्यों बढ़ाई गई फीस? सरकार का तर्क
विदेश मंत्रालय के अनुसार यह बढ़ोतरी निम्न कारणों से की गई है:
- पासपोर्ट सेवाओं का आधुनिकिकरण: पासपोर्ट सीवा केंद्रों को और ज्यादा डिजिटल बनाने, बायोमेट्रिक अपडेट, सुरक्षा फीचर्स बढ़ाने के लिए अतिरिक्त संसाधन चाहिए।
- मुद्रास्फीति और लागत वृद्धि: पिछले कई सालों में कागज, सिक्योरिटी फीचर्स, स्टाफ सैलरी और इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत बढ़ी है।
- बेहतर सुविधाएं: तत्काल सेवाओं को और तेज करने, विदेश में भारतीय मिशनों के साथ बेहतर कनेक्टिविटी और इमरजेंसी सेवाओं के लिए फंड की जरूरत।
- पासपोर्ट एक्ट 1967 की धारा 24 के तहत यह बदलाव किया गया है।
सरकार का दावा है कि नई फीस से पासपोर्ट प्रक्रिया और पारदर्शी तथा तेज होगी।
पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया: 1 जुलाई के बाद क्या बदल जाएगा?
1. ऑनलाइन आवेदन : Passport Seva Portal (passportindia.gov.in) पर रजिस्ट्रेशन, फॉर्म भरना और अपॉइंटमेंट बुक करना पहले जैसा ही रहेगा।
2. दस्तावेज
- आधार, PAN, वोटर आईडी, फोटो आदि।
- ECR/ECNR स्टेटस के लिए जरूरी दस्तावेज।
3. बायोमेट्रिक और वेरिफिकेशन
- पासपोर्ट सीवा केंद्र (PSK) या पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सीवा केंद्र (POPSK) पर जाना होगा।
4. पुलिस वेरिफिकेशन
- ज्यादातर मामलों में अब ऑनलाइन हो रहा है, जिससे समय बचता है।
कौन-कौन से लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे?
- विदेश जाने वाले युवा और स्टूडेंट: उच्च शिक्षा, जॉब या वर्क वीजा के लिए पासपोर्ट जरूरी।
- व्यापारी और प्रोफेशनल: जिन्हें बार-बार विदेश यात्रा करनी पड़ती है।
- NRIs परिवार: बच्चों के पासपोर्ट के लिए अतिरिक्त खर्च।
- मिडिल क्लास परिवार: जहां बजट पहले ही टाइट होता है।
60 पन्नों वाले पासपोर्ट की मांग बढ़ रही है क्योंकि बार-बार रिन्यू कराने की जरूरत नहीं पड़ती। नई फीस में 60 पन्नों का विकल्प अब और महंगा हो गया है।
पिछले 10 साल में पासपोर्ट फीस में बदलाव
- 2016-17: आखिरी बड़ी बढ़ोतरी।
- उसके बाद कई बार छोटे-मोटे बदलाव हुए।
- 2026 की यह बढ़ोतरी पिछले 9-10 साल में सबसे बड़ी मानी जा रही है।
महंगा जरूर, लेकिन जरूरी भी
पासपोर्ट सिर्फ एक दस्तावेज नहीं, बल्कि विदेश जाने का महत्वपूर्ण द्वार है। फीस बढ़ने से तत्काल बोझ बढ़ेगा, लेकिन लंबे समय में बेहतर सेवाएं और सुरक्षा मिलेगी। सरकार को उम्मीद है कि बढ़ी हुई आय से पासपोर्ट सिस्टम को और मजबूत बनाया जाएगा। 1 जुलाई 2026 के बाद पासपोर्ट बनवाने वाले हर व्यक्ति को नई फीस का ध्यान रखना होगा। अगर आपका पासपोर्ट जल्द खत्म होने वाला है या नया बनवाना है तो अभी प्लानिंग शुरू कर दें।













Click it and Unblock the Notifications