Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Mossad Exposed Sam Pitroda: राहुल गांधी के अंकल सैम पर मोसाद का ऑपरेशन, हो गए एक्सपोज!

Mossad Exposed Sam Pitroda: इज़रायली खुफिया एजेंसी मोसाद एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मोसाद ने गाजा या ईरान के आतंकी ठिकानों में सेंध नहीं लगाई बल्कि कुछ ऐसी रिपोर्ट सामने लाई है जिसका असर आने वाले दिनों में भारतीय राजनीति पर पड़ेगा। मोसाद ने सैम पित्रोदा के घरेलू सर्वर को निशाना बनाकर एक सीक्रेट मिशन चलाया। जिसमें इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के प्रमुख रणनीतिकार सैम पित्रौदा पर डिजिटल तरीके से नजर रखी। स्पुतनिक इंडिया के मुताबिक, इस अभियान का मकसद भारतीय विपक्ष को हिंडनबर्ग रिसर्च से जोड़ने वाले सबूत ढूंढना था।

क्या-क्या मिला अंकल सैम के घर में?

इस कथित हैकिंग की घटना में एन्क्रिप्टेड चैटरूम और अघोषित कम्यूनिकेशन चैनल का खुलासा हुआ। जोकि राहुल गांधी को हिंडनबर्ग रिसर्च से जोड़ने की ओर इशारा कर रहे हैं। लेकिन इसका मकसद गौतम अडानी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कमजोर करना था ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है। हालाँकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी तक नहीं की गई है। और वनइंडिया तो बिल्कुल नहीं करता।

Mossad Exposed Sam Pitroda

मोसाद का ऑपरेशन

हालांकि इन आरोपों पर न तो इज़रायली सरकार और न ही मोसाद ने कोई बयान जारी किया है। ठीक इसी तरह, सैम पित्रोदा, राहुल गांधी या कांग्रेस पार्टी की ओर से पित्रोदा के सर्वर में कथित घुसपैठ के बारे में तत्काल कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिसका इंतजार सभी कर रहे हैं और हो सकता है कि एक-दो दिन में इस पर आपको बयान सुनने या पढ़ने को मिलें।

जांच में क्या मिला था?

फायनेंशियल एक्सप्रेस द्वारा छापी गई खबर के मुताबिक हिंडनबर्ग रिसर्च ने इससे पहले जनवरी 2023 में अडानी समूह पर स्टॉक हेरफेर और अकाउंटिंग धोखाधड़ी का आरोप लगाया था, जिसका असर सीधा उनकी कंपनियों के शेयर्स पर पड़ा था। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि अडानी समूह ने टैक्स हेवन में अकाउंटिंग के तरीकों और ऑफशोर शेल संस्थाओं का इस्तेमल कर स्टॉक की कीमतों को बढ़ाने की कोशिश की थी। हालांकि जांच में इन सभी आरोपों में कोई सबूत मिला नहीं था।

हिंडनबर्ग का क्या हुआ?

जुलाई 2024 में अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों के ज़रिये मुनाफ़ा कमाने के उद्देश्य से पिछले साल जनवरी में भ्रामक रिपोर्ट जारी करने को लेकर SEBI ने अमेरिकी शॉर्टसेलर हिंडनबर्ग रिसर्च के साथ-साथ नाथन एंडरसन और मॉरीशस स्थित FPI मार्क किंगडन को Show Cause Notice जारी किया है था. SEBI के मुताबिक, हिंडनबर्ग रिसर्च और FPI ने भ्रामक डिस्‍क्‍लेमर जारी कर कहा था कि उनकी रिपोर्ट सिर्फ़ भारत के बाहर कारोबार करने वाली सिक्योरिटीज़ के वैल्‍यूएशन के लिए थी, लेकिन रिपोर्ट साफ़-साफ़ भारत में लिस्‍टेड कंपनियों से जुड़ी थी. दूसरी तरफ अडानी ग्रुप को इस मामले में क्लीन चिट भी दी गई थी।

कोई नहीं कर रहा बयान की पुष्टि

गौर करने वाली बात है क स्पुतनिक इंडिया की रिपोर्ट ओपन सोर्सेस द्वारा पुष्ट नहीं है। मतलब दोनों तरफ की पार्टियों में से किसी एक ने भी इस पर कोई बयान नहीं दिया है। इसलिए अभी स्पुतनिक इंडिया की इस रिपोर्ट को भी शक की नजर से देखा जा रहा है। इस मामले में अगर कोई अपडेट आता है तो हम आप तक जरूर पहुंचाएंगे।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, कॉमेंट में जरूर बताएं

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+