Mossad Agent Died: मोसाद के 'एजेंट-M’ की दर्दनाक मौत, ईरान के किए थे सीक्रेट लीक, कैसे हुई थी मौत?
Mossad Agent Died: किसी भी देश के लिए उसके खूफिया एजेंट का मारा जाना बहुत बड़ा डैमेज होता है। खासकर वह ड्यूटी पर हो और बहुत सारी जानकारी के साथ किसी हादसे या फिर दुश्मन की गोली का शिकार हो जाए। हालांकि डैमेज कितना भी बड़ा हो लेकिन एजेंसियां इस पर मुंह तक नहीं खोलती लेकिन इजरायल की बात दूसरी है। हाल ही में इजरायल की खूफिया एजेंसी मोसाद ने कन्फर्म किया है कि पिछले दो दशक में उनके सबसे बेहतरीन में से एक एजेंट हादसे का शिकार हो गया है। जिसमें उसकी जान चली गई।
कैसे हुई 'एजेंट M' की मौत?
दरअसल 'एजेंट M या फिर एजेंट मेम' कहा जा रहा था उसकी मई 2023 में Lago Maggiore झील में एक नाव हादसे में मौत हो गई थी। यह घटना हाल ही में तब चर्चा में आई जब मोसाद प्रमुख David Barnea ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की। बताया गया कि 'मेम' उन चार लोगों में शामिल था, जिनकी नाव पलटने के बाद डूबने से मौत हुई थी।

जेम्स बॉन्ड से कम नहीं था एजेंट मेम
इतालवी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'मेम' की पहचान 50 साल के एरेज़ शिमोनो (संभवतः एक सूडो नेम) के रूप में बताई गई। हालांकि उसकी असली पहचान इज़रायल के स्मारक स्थलों पर दर्ज है। 'मेम' को एक अहम ऑपरेटर माना जाता था, जिसने ईरान के खिलाफ इज़रायल के हालिया ऑपरेशनों में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। ईरान के अंदर न्यूक्लियर और दूसरी चलने वाली गतिविधियों को इजरायल तक पहुंचाने में एजेंट एम का अहम रोल था।
'ऑपरेशन रोरिंग लायन' के दौरान हुई मौत
मोसाद मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान डेविड बार्निया ने कहा कि 'मेम' की मौत "ऑपरेशन रोरिंग लायन" के दौरान ड्यूटी निभाते हुए इज़रायल से बाहर हुई। उन्होंने बताया कि 'मेम' एक मिशन को लीड कर रहे थे। वे एक क्रिएटिविटी, चतुर रणनीतिकार और एडवांस टेक्नोलॉजी का बेहतरीन इस्तेमाल करने वाले शख्स थे, जिसने ईरान के खिलाफ अभियानों की सफलता में बड़ा रोल निभाया।
हादसे की बारीक जानकारी
इटली की मीडिया के मुताबिक, यह हादसा एक गुप्त बैठक के दौरान हुआ था। नाव पर कुल 23 लोग सवार थे, जिनमें से 19 इज़राइली और बाकी इटली के खुफिया एजेंट थे। इस दुर्घटना में 'मेम' के अलावा दो इटैलियन सुरक्षा अधिकारी और नाव के कप्तान की पत्नी की भी मौत हो गई।
हादसे की वजह और सजा
जांच में सामने आया कि नाव अपनी तय क्षमता (15 लोगों) से ज्यादा, यानी 23 लोगों को लेकर चल रही थी। हादसा किनारे से महज 100 मीटर दूर हुआ। इस मामले में नाव के कप्तान क्लॉडियो कार्मिनती को समझौते के तहत चार साल की जेल की सजा सुनाई गई। इस हादसे में बचे 10 अन्य इज़रायली एजेंटों को तुरंत एक निजी जेट के जरिए इज़रायल वापस भेज दिया गया। पूरी घटना ने इज़रायल और इटली दोनों में खुफिया ऑपरेशनों की सुरक्षा और गोपनीयता पर सवाल खड़े कर दिए।
कैसे हुआ अंतिम संस्कार?
'मेम' का अंतिम संस्कार इज़रायल के एश्केलोन सैन्य कब्रिस्तान में किया गया। इस मौके पर मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बार्निया ने 'मेम' को "मूल्यों वाला, सच्चा दोस्त, समर्पित और वफादार इंसान" बताया और उसकी गुप्त सेवाओं की सराहना की।
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