Varada Chaturthi 2026: विनायक चतुर्थी पर इन 5 राशियों के आएंगे अच्छे दिन, बप्पा बरसाएंगे प्यार
Varada Chaturthi 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार,ज्येष्ठ अधिकमास की शुक्ल पक्ष चतुर्थी को वरदा चतुर्थी या विनायक चतुर्थी कहा जाता है, आज ये पावन दिन आया है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है, मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से गणपति बप्पा की पूजा करने से बुद्धि, सुख-समृद्धि और बाधाओं से मुक्ति मिलती है। 'वरदा' का अर्थ होता है वरदान देने वाली, इसलिए इस चतुर्थी को मनोकामना पूर्ति का पर्व भी कहा जाता है।
ज्येष्ठ अधिकमास की शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि 19 मई को दोपहर 2 बजकर 18 मिनट से प्रारंभ हो गई थी और इसका समापन आज सुबह 11 बजकर 06 मिनट पर है । उदया तिथि मान्य होने के कारण वरदा चतुर्थी का व्रत आज रखा गया है।

वरदा चतुर्थी का व्रत बुधवार को पड़ने के कारण यह दिन और भी विशेष हो गया है। बुधवार भगवान गणेश की पूजा को समर्पित है। इसी दिन रवि योग का भी निर्माण हो रहा है। ज्योतिषीय दृष्टि से, ये शुभ संयोग है जो कि कुछ राशियों पर विशेष लाभ पहुंचाएगा। काशी के पंडित दयानंद शास्त्री ने कहा कि आज की चतुर्थी मेष, मिथुन, सिंह, तुला और मकर राशि का भाग्योदय कर देगी।
किन राशियों के लिए शुभ रहेगी वरदा चतुर्थी?
- मेष राशि: इन्हें यह चतुर्थी करियर में नई शुरुआत के संकेत दे सकती है। रुके हुए काम पूरे होने के योग हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिल सकता है।
- मिथुन राशि: इन जातकों को शिक्षा और नौकरी में लाभ मिल सकता है। गणेश जी की कृपा से मानसिक तनाव कम होगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा।
- सिंह राशि: इन्हें मान-सम्मान और पद प्रतिष्ठा मिलने के संकेत हैं। व्यापार में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं।
- तुला राशि: इन लोगों के लिए यह दिन धन लाभ और पारिवारिक सुख लेकर आ सकता है। पुराने विवाद खत्म होने के योग बन रहे हैं।
- मकर राशि: इन्हें करियर और निवेश में फायदा मिल सकता है। लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं।
कैसे करें बप्पा की पूजा?
वरदा चतुर्थी पर पूजा विधि के अनुसार, भक्त सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर में मंदिर की सफाई करके भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। उन्हें दूर्वा, लाल फूल, मोदक और सिंदूर सहित अन्य प्रिय वस्तुएं अर्पित करें। व्रत कथा सुनें और गणेश मंत्रों का जाप करें। विधिपूर्वक की गई यह आराधना विघ्नहर्ता गणेश को प्रसन्न करती है, जिससे वे भक्तों के सभी कष्टों और बाधाओं का निवारण करते हैं।
'ॐ गं गणपतये नमः' का जाप करें
पूजा के दौरान आप इन गणेश मंत्रों का जाप कर सकते हैं: 'ॐ गं गणपतये नमः'। साथ ही, 'वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥' और 'गजाननं भूतगणादि सेवितं, कपित्थ जम्बूफलचारु भक्षणम्॥' इन सिद्ध मंत्रों का उच्चारण विशेष फलदायी माना जाता है। गणपति बप्पा को मोदक और दूर्वा अर्पित करें। जरूरतमंदों को भोजन और दान दें। इस दिन तामसिक भोजन से बचें और किसी का अपमान या विवाद करने से बचना चाहिए और पूजा में तुलसी का प्रयोग न करें।














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