बाढ़ से भुखमरी की कगार पर पहुंचा पाकिस्तान! हजारों लोगों की मौत, एक तिहाई हिस्सा जलमग्न
सीएनएन के मुताबिक, पाकिस्तान में आई भीषण बाढ़ के कारण कई और समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। भोजन की आपूर्ति कम हो ही है, क्योंकि पानी के कारण लाखों एकड़ फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
इस्लामाबाद, 3 सितंबर : पाकिस्तान में बीते कई हफ्तों से आई बाढ़ से हजारों लोग मारे जा चुके हैं। कर्ज में डूबे देश की हालात तो पहले से ही खराब है, बाढ़ की तबाही ने इस्लामाबाद को पस्त करके रख दिया है। एक अनुमान के मुताबिक भीषण बाढ़ की वजह से देश को अनुमानित दस अरब डॉलर का नुकसान पहुंचा है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) के उपग्रह चित्रों के अनुसार, पाकिस्तान का एक तिहाई से अधिक जमीन बाढ़ की भीषण चपेट में है। इसे पाकिस्तान के इतिहास का सबसे खराब प्राकृतिक त्रासदी बताया जा रहा है।
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बाढ़ से त्रस्त हुआ पाकिस्तान, हालात बिगड़े
सीएनएन के मुताबिक, पाकिस्तान में आई भीषण बाढ़ के कारण कई और समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। भोजन की आपूर्ति कम हो ही है, क्योंकि पानी के कारण लाखों एकड़ फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। हजारों मवेशी पानी में बह गए हैं। बाढ़ के कारण विभिन्र तरह की बीमारियों से लोगों के ग्रसित होने की संभावना प्रबल हो रही है। कुल मिलाकर देखा जाए तो , पाकिस्तान इस वक्त घोर प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है। आने वाले दिनों में यहां भारी खाद्य संकट का खतरा उत्पन्न हो सकता है।

बाढ़ का मुख्य कारण
30 अगस्त को ईएसए ने बाढ़ से संबंधित कई तस्वीरें जारी की थीं। जिनमें पाकिस्तान में मूसलाधार बारिश के कारण (सामान्य से 10 गुना अधिक) सिंधु नदी के जल प्रवाह को और भी विकराल रूप दे दिया था। नदियां उफान पर है और सड़कें झील में तब्दील हो चुकी हैं। पाकिस्तान अभूतपूर्व बाढ़ के कारण दोहरे भोजन और स्वास्थ्य संकट उत्पन्न हो गया है।

बाढ़ के कारण भोजन की कमी से जूझ रहा पाकिस्तान
सीएनएन ने चैरिटी एक्शन अगेंस्ट हंगर के हवाले से बताया कि, देश में 27 मिलियन लोग के पास बाढ़ से पहले पर्याप्त भोजन की कमी से जूझ रहे थे। अब बाढ़ ने स्थिति को और भी विकट बना दिया है। प्राकृतिक आपदा की वजह से पाकिस्तान में भूखमरी के हालात पैदा हो गए हैं। वहीं, यूनाइटेड किंगडम स्थित सहायता गठबंधन, आपदा आपातकालीन समिति के मुख्य कार्यकारी सालेह सईद ने कहा कि, उनकी सबसे पहली प्राथिमिकता लोगों की जिंदगी बचाना है। बाढ़ की स्थिति और भी विकट होती जा रही है। फसलें तबाह हो चुकी हैं। हजारों पशुधन मारे गए हैं। इसकी वजह से भुखमरी के हालात पैदा होते जा रहे हैं। पाकिस्तान में तीन दशक में इस बार सबसे अधिक वर्षा होने और हिमनद के पिघलने से एक तिहाई हिस्सा जलमग्न है। बाढ़ की सबसे अधिक मार सिंध और बलूचिस्तान प्रांत पर पड़ी है। घरों में पानी घुस गया है।

हजारों लोग मारे गए
पाकिस्तान में बाढ़ के कारण हजारों लोगों की जान चली गई है, जबकि लाखों लोग बेघर हो गए हैं। इनके सामने खाने-पीने की दिक्कत हो गई है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि रिकॉर्ड मानसूनी बारिश के कारण आई बाढ़ से 1208 लोगों की जान चली गई।

सब्जियों की किल्लत से जूझ रहा पाकिस्तान
दूसरी तरफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा था कि, देश में बाढ़ की वजह से खाद्य संकट उत्पन्न हो रहा है। टमाटर और प्याज जैसी बुनियादी वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं। बता दें कि, पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ता इस्माइल ने सोमवार को कहा था किभारत से सब्जियां आयात करने पर विचार किया जा सकता है. जियो न्यूज से बातचीत में इस्माइल ने कहा कि देश की फसलों को पहुंचे भारी नुकसान के चलते भारत से सब्जियां और अन्य सामान आयात करने पर विचार किया जा सकता है ताकि लोगों को कुछ राहत पहुंचाई जा सके। लेकिन पीएम शरीफ की बयान बाजी ने सबकुछ उलट-पुलट के रख दिया है।












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